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'शिवा'ने बदल दी सूरत...लाल लीची से गुलजार हुए लंझता के खेत - Divya Himachal

'शिवा'ने बदल दी सूरत...लाल लीची से गुलजार हुए लंझता के खेत - Divya Himachal

Divya Himachal 2 weeks ago

13.5 हेक्टेयर जमीन पर 54 किसानों ने लगाए दस हजार से अधिक लीची के पौधे, एचपी शिवा परियोजना ने किसानों को दिखाई समृद्धि की नई राह

कार्यालय संवाददाता-बिलासपुर
जिला बिलासपुर के घुमारवीं उपमंडल की ग्राम पंचायत लंझता के किसानों के लिए एचपी शिवा परियोजना कारगर साबित हुई है।

यह परियोजना लंझता गांव के किसानों को पहचान देने में सफल हुई है। यहां खेतों में अब केवल मौसमी फसलें ही नहीं बल्कि लीची के लहराते हरे-भरे बाग भी भविष्य की समृद्धि का संदेश दे रहे हैं। कुछ साल पहले तक जिन किसानों के लिए व्यावसायिक फलोत्पादन केवल एक कल्पना मात्र था, अब वही किसान अपने बागों में लगने वाले फलों को देखकर न केवल उत्साहित हैं बल्कि भविष्य में आर्थिक समृद्धि के लिए भी आशान्वित हैं।

जानकारी के अनुसार लंझता गांव में इस परिवर्तन की शुरुआत वर्ष 2019-20 में हुई। जब ग्राम पंचायत लंझता को एचपी शिवा परियोजना के अंतर्गत फ्रंट लाइन डेमोस्ट्रेशन के लिए चयनित किया गया। प्रारंभिक चरण में 500 लीची के पौधों का रोपण किया गया। इससे अब बागबानों को बहुत ही फायदा होने वाला है।

क्या कहते हैं लाभार्थी

इस संबंध में जब लाभार्थी किसान प्रकाश चंद से बातचीत की तो उनके चेहरे की मुस्कान ने इस परियोजना की सफलता की सबसे बड़ी गवाही दी। उन्होंने अपनी जमीन में लगभग 850 लीची के पौधे लगाए हैं। जब पौधे लगाए गए थे, तब भरोसा नहीं था कि कुछ वर्षों बाद यही पौधे उनकी आय का महत्वपूर्ण स्रोत बनेंगे। लेकिन आज उन्हीं पौधों पर फल आना शुरू हो गया है। उन्होंनें कहा कि यह केवल लीची का फल नहीं बल्कि वर्षों की मेहनत और उम्मीदों का परिणाम है।

लता देवी ने लगए 834 पौधे

लाभार्थी किसान लता देवी ने भी अपनी भूमि में 834 लीची के पौधे लगाए हैं। पिछले वर्ष से पौधों पर अच्छी गुणवत्ता के फल आने लग गए हैं। वह विश्वास के साथ कहती हैं कि जैसे-जैसे पौधे अधिक परिपक्व होंगे, उन्हें अच्छी फसल प्राप्त होने पर आय में भी वृद्धि होगी। लता देवी कहती हैं कि लीची जैसे व्यावसायिक फलोत्पादन ने उन जैसी अनेक ग्रामीण महिलाओं के लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई संभावनाएं के द्वार खोले हैं।

क्या कहते हैं उद्यान विभाग के अधिकारी

उद्यान विभाग के अधिकारियों के अनुसार एचपी शिवा परियोजना के अंतर्गत लंझता में प्रथम चरण में एफएलडी तथा दूसरे चरण में पीआरएफ क्लस्टर विकसित किया गया है। इसमें उच्च घनत्व (हाई डेंसिटी) पद्धति से पौधरोपण किया गया है, ताकि सीमित भूमि पर अधिक उत्पादन हो सके। विभाग किसानों को नियमित तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण, आवश्यक परामर्श उपलब्ध करा रहा है।


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