देउरी स्कूल का उद्घाटन टलने से चिंता में अभिभावक, एसएमसी ने कोर्ट जाने के दिए संकेत
निजी संवाददाता- पंडोह
दरंग विधानसभा क्षेत्र की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक एवं प्राथमिक पाठशाला देउरी एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है।
छह माह पहले तैयार हो चुके नए स्कूल भवनों का उद्घाटन अब तक नहीं हो पाया है। नतीजतन सोमवार को सप्ताह के पहले ही दिन बच्चों को पुराने और असुरक्षित भवन में पढ़ाई करने के लिए मजबूर होना पड़ा। इस स्थिति से अभिभावकों में भारी नाराजगी और चिंता का माहौल है। जानकारी के अनुसार नए भवन पूरी तरह तैयार होने के बाद स्कूल का अधिकांश सामान वहां स्थानांतरित कर दिया गया था, लेकिन उद्घाटन टलने के कारण बच्चों को दोबारा पुराने भवन में लौटना पड़ा। सोमवार को कई विद्यार्थी बिना ब्लैकबोर्ड, फर्नीचर और टाट-पट्टी के पढ़ाई करते नजर आए। वहीं प्राथमिक पाठशाला के 34 बच्चों को नाले के समीप स्थित पुराने भवन में बैठाया गया, जिसे स्थानीय लोग असुरक्षित बता रहे हैं।
भारी बारिश और मौसम विभाग के अलर्ट के बीच अभिभावकों की चिंता और बढ़ गई। डिप्टी डायरेक्टर (प्रारंभिक शिक्षा) मंडी के निर्देश पर मंगलवार से प्राथमिक कक्षाएं पटवार सर्कल देउरी भवन में संचालित की जाएंगी। इसके बावजूद नए स्कूल भवनों में ताले लटके हुए हैं। एसएमसी प्रधान सीएम खजाना ने कहा कि प्रदेश में शायद यह पहला मामला है, जहां करोड़ों रुपये की लागत से बने स्कूल भवन तैयार होने के बावजूद बच्चों को जर्जर भवन में पढऩा पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो एसएमसी और स्थानीय लोग न्यायालय का दरवाजा खटखटाने को मजबूर होंगे। इस संबंध में जल्द एसएमसी की बैठक बुलाकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि लगातार बारिश को देखते हुए कई अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से भी परहेज कर रहे हैं।

