चंडीगढ़, 04 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। आम आदमी पार्टी के भीतर मची रार अब खुलकर सड़कों और बयानों में दिखने लगी है, जहां राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर के पद से हटाए जाने के बाद पंजाब सरकार के कद्दावर मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने उन पर तीखा हमला बोला है।
चीमा ने दो टूक कहा कि जब भारतीय जनता पार्टी ने आम आदमी पार्टी को चौतरफा घेरने की कोशिश की और अरविंद केजरीवाल के खिलाफ ‘झूठे’ केस गढ़े, तब राघव चड्ढा पार्टी के साथ खड़े होने के बजाय विदेश चले गए।
पंजाब के लोगों ने जिस भरोसे के साथ राघव को राज्यसभा भेजा था, उन्होंने उस विश्वास को तार-तार कर दिया। संसद के भीतर उन्होंने न तो पंजाब के जीएसटी राजस्व घाटे पर मुंह खोला और न ही वित्तीय नुकसान का मुद्दा उठाया।
हैरानी की बात यह है कि जब पंजाब भीषण बाढ़ की विभीषिका झेल रहा था, तब केंद्र से मदद की गुहार लगाने के बजाय राघव चड्ढा खामोश रहे। चीमा ने आरोप लगाया कि हमने बार-बार प्रधानमंत्री के सामने मुद्दा उठाने का आग्रह किया, लेकिन उनकी चुप्पी ने साबित कर दिया कि उनकी निष्ठा कहीं और थी।
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि राघव को सिर्फ पद से ही नहीं हटाया गया, बल्कि पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को बाकायदा पत्र लिखकर यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि राघव चड्ढा को ‘आप’ के कोटे से बोलने का समय न दिया जाए।
चीमा के मुताबिक, राघव चड्ढा संसद में पूरी तरह ‘कॉम्प्रोमाइज्ड’ यानी समझौतावादी नजर आए। उन्हें सीधे प्रधानमंत्री से मिलकर पंजाब के आरडीएफ फंड जैसे ज्वलंत मुद्दों पर बात करनी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने बीजेपी के धोखे के खिलाफ आवाज तक नहीं उठाई।
अब पार्टी ने राघव की जगह जालंधर के कद्दावर नेता और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के चांसलर अशोक मित्तल को राज्यसभा में अपना नया डिप्टी लीडर नियुक्त किया है। यह फैसला तब आया है जब कुछ दिन पहले ही राघव का नाम पार्टी के स्टार प्रचारकों की लिस्ट से भी गायब मिला था।
इधर, पंजाब सरकार अब अपनी योजनाओं के जरिए जनता के बीच पैठ मजबूत करने में जुटी है। चीमा ने जानकारी दी कि महिलाओं को 1,000 और 1,500 रुपये देने वाली योजना की अधिसूचना जारी हो चुकी है और मुख्यमंत्री भगवंत मान जल्द ही इसका भव्य उद्घाटन करेंगे।

