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बैंक्वेट हॉल के पास कुएं में गिरी अर्टिगा, 6 बच्चों समेत एक ही परिवार के 9 लोगों की हुई दर्दनाक मौत

बैंक्वेट हॉल के पास कुएं में गिरी अर्टिगा, 6 बच्चों समेत एक ही परिवार के 9 लोगों की हुई दर्दनाक मौत

Doon Horizon 1 week ago

नासिक, 06 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। महाराष्ट्र के नासिक से 20 किलोमीटर दूर डिंडोरी में शुक्रवार की रात खुशियां पल भर में चीख-पुकार में बदल गईं, जब एक अनियंत्रित अर्टिगा कार सड़क किनारे गहरे कुएं में जा गिरी।

इस हृदयविदारक घटना में इंदौर गांव के दरगुडे परिवार के 9 लोगों की जलसमाधि हो गई, जिनमें स्कूल के सालाना जलसे में परफॉर्मेंस देकर लौट रहे 6 मासूम बच्चे भी शामिल थे।

हादसा डिंडोरी कस्बे के शिवाजी नगर स्थित ‘राजे बैंक्वेट हॉल’ के पास रात करीब 10 बजे हुआ। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, दरगुडे परिवार अपने बच्चों के स्कूल एनुअल डे फंक्शन में शामिल होने आया था। दोपहर भर मंच पर थिरकने वाले बच्चों को जरा भी अंदाजा नहीं था कि उनकी यह आखिरी प्रस्तुति होगी।

कार्यक्रम खत्म होने के बाद जैसे ही परिवार कार से रवाना हुआ, चंद कदमों की दूरी पर ही चालक ने नियंत्रण खो दिया और गाड़ी सीधे पानी से लबालब भरे कुएं में जा समाई।

अंधेरा होने और कुआं पूरी तरह भरा होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी दिक्कतें आईं। स्थानीय प्रशासन, नगर पंचायत के फायर ब्रिगेड और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। घंटों की मशक्कत और क्रेन की मदद से कार को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक 32 वर्षीय सुनील दत्तु दरगुडे, उनकी पत्नी रेशमा और रिश्तेदार आशा की मौत हो चुकी थी।

इस हादसे ने सबसे क्रूर प्रहार बच्चों पर किया। मरने वालों में चौथी कक्षा की छात्रा राखी, श्रद्धा, श्रावणी, आठवीं की छात्रा श्रृष्टि और महज पहली कक्षा में पढ़ने वाली समृद्धि शामिल हैं। कुल 6 बच्चों की मौत ने पूरे इंदौर गांव को स्तब्ध कर दिया है। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए डिंडोरी के सरकारी अस्पताल भेजा गया है।

जांच में सामने आया है कि यह हादसा महज संयोग नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और कानूनी विवाद का नतीजा है। जिस कुएं में कार गिरी, उसकी बाउंड्री वॉल बेहद कम ऊंची थी। स्थानीय निवासी पूजा गडवे के अनुसार, पहले यह इलाका कच्चा था और कुआं ढका रहता था, लेकिन पक्की सड़क बनने और बैंक्वेट हॉल के कमर्शियल इस्तेमाल के बाद खतरा बढ़ गया।

पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि नगर पंचायत इस कुएं को बंद करना चाहती थी क्योंकि यह क्षेत्र अब गैर-कृषि (NA) घोषित हो चुका था। हालांकि, बैंक्वेट हॉल के मालिक राजेंद्र राजे ने इस पर आपत्ति जताई थी और दावा किया था कि वह वहां अब भी खेती कर रहे हैं। मालिकाना हक और जमीन के इस्तेमाल को लेकर चल रहा यही विवाद 9 लोगों की मौत का सबब बन गया।

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