कोलकाता, 04 अप्रैल 2026 (आरएनएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की दहलीज पर खड़े राज्य में सियासी पारा चढ़ चुका है और तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भाजपा के सबसे चर्चित नारे 'डबल इंजन' पर नया मोर्चा खोल दिया है।
बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए भाजपा की चुनावी रणनीति को लोकतांत्रिक ढांचे पर सीधा प्रहार बताया है।
कोलकाता: अभिषेक बनर्जी ने दो टूक शब्दों में कहा कि भाजपा का ‘डबल इंजन’ विकास के लिए नहीं, बल्कि विनाशकारी राजनीति के दो अलग-अलग पहियों पर चलता है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा का पहला इंजन सरकारी और संवैधानिक संस्थाओं को अपनी मुट्ठी में करने का काम करता है।
टीएमसी नेता ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव आयोग को भाजपा एक धारदार हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है। उनके मुताबिक, असली मतदाताओं के नाम लिस्ट से काटकर उनकी जगह बाहरी लोगों को अवैध तरीके से शामिल किया जा रहा है ताकि चुनावी नतीजों को प्रभावित किया जा सके।
प्रशासनिक मशीनरी पर सवाल उठाते हुए बनर्जी ने कहा कि ईमानदार अधिकारियों के मनमाने तबादले किए जा रहे हैं। भाजपा चाहती है कि प्रशासनिक ढांचा इतना कमजोर हो जाए कि वह सत्ता पक्ष की कठपुतली बनकर रह जाए।
अभिषेक बनर्जी ने भाजपा के दूसरे ‘इंजन’ की पोल खोलते हुए स्थानीय दलों पर निशाना साधा। उन्होंने एआईएमआईएम (AIMIM), इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) और आम जनता उन्नयन पार्टी का नाम लेकर साफ कहा कि इन संगठनों का इस्तेमाल सिर्फ सांप्रदायिक तनाव पैदा करने के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने जनता को आगाह किया कि यह ‘वोट कटवा’ राजनीति का हिस्सा है, जिससे मतों का ध्रुवीकरण हो और भाजपा को इसका सीधा राजनीतिक लाभ मिल सके। बंगाल के सामाजिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करना ही भाजपा का गुप्त एजेंडा है।
जयपुर, सोनामुखी, इंदास और खानाकुल जैसे इलाकों में जनसमर्थन का जिक्र करते हुए बनर्जी ने अपनी पार्टी के प्रत्याशियों की जीत का भरोसा जताया। उन्होंने अर्जुन महतो, डॉ. कल्लोल साहा, श्यामली रॉय बागदी और पलाश कुमार रॉय के पक्ष में लहर होने की बात कही।
बनर्जी ने स्पष्ट किया कि बंगाल की जनता ‘मां-माटी-मानुष’ के मूल्यों वाली सरकार चाहती है, न कि वह प्रशासन जो सिर्फ कॉरपोरेट घरानों के इशारों पर नाचे। बंगाल के मतदाता लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए एक बार फिर टीएमसी पर विश्वास जताएंगे।
उल्लेखनीय है कि इस बार बंगाल का रण दो चरणों में सिमटा हुआ है, जहाँ पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर वोटिंग होगी। दूसरे चरण में 29 अप्रैल को 142 सीटों की किस्मत ईवीएम में बंद होगी और 4 मई को अंतिम परिणाम घोषित किए जाएंगे।

