पटना, 04 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। राजधानी पटना में इन दिनों रसोई गैस की किल्लत और लंबी कतारों की खबरों के बीच अपराधियों ने एक नया और चौंकाने वाला 'शॉर्टकट' ढूंढ निकाला है। गैस एजेंसियों के बाहर पसीना बहाने के बजाय अब चोरों का गिरोह सीधे लोगों की रसोई और स्टोर रूम को निशाना बना रहा है।
ताजा मामला मेंहदीगंज थाना क्षेत्र का है, जहां बेखौफ चोरों ने दिनदहाड़े एक घर में घुसकर भरा हुआ एलपीजी सिलेंडर पार कर दिया। यह घटना उस समय हुई जब पूरा शहर गैस की आपूर्ति में हो रही देरी से जूझ रहा है और पैनिक बुकिंग की वजह से वेटिंग पीरियड बढ़ गया है।
15 दिन बाद पता चला, ‘उड़’ गया है सिलेंडर
यह अजीबोगरीब वारदात गुरु गोविंद सिंह लिंक पथ के पास रहने वाली एक महिला एडवोकेट (अधिवक्ता) के घर पर हुई। चोरों ने 19 मार्च 2026 की सुबह करीब 9:50 बजे बड़ी सफाई से घर में प्रवेश किया और स्टोर में रखा हुआ भरा हुआ डोमेस्टिक सिलेंडर लेकर रफूचक्कर हो गए।
हैरानी की बात यह है कि घर के सदस्यों को इस चोरी का अहसास तक नहीं हुआ। करीब 15 दिन बाद, यानी 3 अप्रैल को जब रसोई का गैस सिलेंडर खत्म हुआ और महिला ने रिफिल के लिए रखा हुआ दूसरा सिलेंडर खोजा, तो वह गायब था। घर के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए तो पता चला कि चोरों ने कितनी आसानी से इस वारदात को अंजाम दिया था।
खाजेकलां में लूट और सिस्टम ‘हैक’ की खबरें
पटना में यह इकलौती घटना नहीं है। हाल ही में पटना सिटी के खाजेकलां थाना इलाके में स्थित एक गैस एजेंसी में करीब 40 सिलेंडरों की लूट की खबर ने पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी है। इतना ही नहीं, कई उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया है कि पोर्टल पर सिलेंडर ‘डिलीवर्ड’ दिखा रहा है लेकिन उनके घर तक गैस पहुंची ही नहीं। पश्चिम एशिया (Isreal-Iran conflict) में तनाव के कारण सप्लाई चेन प्रभावित होने की अफवाहों ने आम जनता के बीच डर पैदा कर दिया है, जिसका फायदा अब स्थानीय अपराधी उठा रहे हैं।
सरकार का ‘मिशन मोड’ और पैनिक बुकिंग का सच
एक तरफ जमीन पर चोरी और लूट की घटनाएं बढ़ रही हैं, तो दूसरी तरफ बिहार सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य में ईंधन का कोई संकट नहीं है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने हाल ही में सभी प्रमंडलीय आयुक्तों और तेल कंपनियों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की। समीक्षा में सामने आया कि बिहार में 98.5% खपत घरेलू सिलेंडरों की है और इसकी सप्लाई सामान्य है।
अधिकारियों के मुताबिक, लोगों द्वारा डर के मारे की जा रही ‘पैनिक बुकिंग’ ही समस्या की असली जड़ है। सरकार ने ग्रामीण इलाकों में रिफिल के लिए अनिवार्य 45 दिनों के गैप को घटाकर 25 दिन कर दिया है ताकि लोग अफवाहों का शिकार न हों। मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों (DMs) और पुलिस अधीक्षकों (SPs) को जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सीधे FIR दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।

