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राजस्थान पर प्रदूषण का साया: सीकर में बढ़कर 333 एक्यूआई, अंगुल में भी स्थिति बेहद खराब

राजस्थान पर प्रदूषण का साया: सीकर में बढ़कर 333 एक्यूआई, अंगुल में भी स्थिति बेहद खराब

सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि 01 जून 2026 को देश में सीकर सबसे प्रदूषित शहर रहा। इस दौरान यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 333 दर्ज किया गया, जो 'बेहद खराब' श्रेणी में आता है।

इससे पहले कल सीकर में सूचकांक 121 दर्ज किया गया। मतलब की कल से वहां प्रदूषण में 212 अंकों का भारी उछाल आया है।

रुझानों में यह भी सामने आया है कि सीकर की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम10) पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है।

सीकर में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 640 फीसदी अधिक है।

दूसरी तरफ देश में आइजोल की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 14 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर सीकर की तुलना आइजोल से करें तो वहां स्थिति 23 गुणा खराब है।

बता दें कि कल देश में अंगुल की हवा सबसे ज्यादा खराब थी, जब सूचकांक 324 दर्ज किया गया। हालांकि आज 22 अंकों के सुधार के साथ वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 302 पर पहुंच गया है। अंगुल में आज भी वायु गुणवत्ता बेहद खराब बनी हुई है।

राजधानी दिल्ली में कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 98 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 105 पर पहुंच गया। मतलब कि पिछले 24 घंटों में वहां सूचकांक में 7 अंकों का उछाल दर्ज किया गया है। इसके साथ ही दिल्ली में आज वायु गुणवत्ता संतोषजनक से मध्यम श्रेणी में पहुंच गई है।

बता दें कि इससे पहले 2026 के दौरान दिल्ली में साल का सबसे साफ दिन 30 मई को दर्ज किया गया था, जब एक्यूआई 85 पर पहुंच गया। वहीं 20 मार्च और आठ अप्रैल 2026 को एक्यूआई 93 रिकॉर्ड किया गया था। दूसरी तरफ 18 जनवरी 2026 को दिल्ली में साल का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया, जब एक्यूआई बढ़कर 440 तक पहुंच गया था।

दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 188 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 236 पर पहुंच गया। इसके साथ ही फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता सूचकांक आज एक बार फिर मध्यम से खराब श्रेणी में पहुंच गया।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 01 जून 2026 को 229 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां करीब 19.7 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 55.5 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 24.9 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा संतोषजनक है।

कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 10 फीसदी की गिरावट आई है। इसी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में भी 4.5 फीसदी की कमी दर्ज की गई। मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की बात करें तो इनकी संख्या में कल से कोई बदलाव नहीं हुआ है और स्थिति जस की तस है। खराब हवा वाले शहरों की स्थिति में उछाल आया है। इसके साथ ही इन शहरों का आंकड़ा 25 फीसदी बढ़ गया है, जोकि चिंता का विषय है।

आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में अंगुल (302) दूसरे जबकि फरीदाबाद (236) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह बीकानेर (221) चौथे स्थान पर है। भिवानी (216)- बारां (206) में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो पांचवें और छठे पायदान पर हैं।

बद्दी (201) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में चूरू (187), भरतपुर (172) और बर्नीहाट (असम) (162) शामिल हैं। रुझानों में सामने आया है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में राजस्थान के पांच शहर (सीकर, बीकानेर, बारां, चूरू और भरतपुर) शामिल हैं।

विश्लेषण से यह भी पता चला है कि फरीदाबाद, भिवानी, बर्नीहाट (असम), पानीपत, किशनगंज, छपरा, बहादुरगढ़, मुजफ्फरनगर, चरखी दादरी, धारूहेड़ा, बेगूसराय, धौलपुर आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं।

वहीं सीकर, बीकानेर, सहरसा, धनबाद, सोनीपत, पाली, गाजियाबाद, उदयपुर, विशाखापत्तनम, मंडीदीप, चंद्रपुर, रूपनगर, झुंझुनू, अमृतसर, गुम्मिडीपूंडी, यमुना नगर राजकोट, वातवा, जयपुर, मेहसाणा, फतेहाबाद, पीथमपुर, टोंक, जोधपुर, भीलवाड़ा, सवाई माधोपुर, बांसवाड़ा, बाड़मेर, ऋषिकेश, पटना, अलवर, महाड आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।

इन शहरों के विपरीत देश के 19.7 फीसदी यानी 45 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में कोयंबटूर, देहरादून, फिरोजाबाद, गडग, गंगटोक, जलना, झांसी, कडप्पा, कलबुर्गी, काशीपुर, क्योंझर, खुर्जा, कोहिमा, कोल्हापुर, कोरबा, मदिकेरी, मंगलौर, मुंबई, मैसूर, नाहरलागुन, नासिक, नवी मुंबई, पटियाला, पेरुंदुरई, पुणे, राजमहेंद्रवरम, रामनगर, सांगली, सिलचर, शिवसागर, तिरुवनंतपुरम, थूथुकुडी, उल्हासनगर आदि शामिल हैं।

इसी तरह देश के 127 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक दर्ज की गई। इनमें बेंगलुरु, बेतिया, भागलपुर, भावनगर, भिवाड़ी, भिवंडी, भोपाल, भुवनेश्वर, बिहार शरीफ, ब्रजराजनगर, बुलंदशहर, ब्यासनगर, चंडीगढ़, चेन्नई, चित्तूर, चित्तौड़गढ़, कुड्डालोर, कटक, दमोह, दौसा, देवास, धारवाड़, धुले, डूंगरपुर, दुर्गापुर, एलुरु, गांधीनगर, गया, गोरखपुर, ग्रेटर नोएडा, गुंटूर, गुरुग्राम, गुवाहाटी, ग्वालियर, हल्दिया, हनुमानगढ़, हापुड़, हिसार, हावड़ा, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जैसलमेर, जालंधर, जलगांव, जालोर, झालावाड़, जोरापोखर, कैथल, कन्नूर, कानपुर, करनाल, कटिहार, कटनी, कोलकाता, कोल्लम, कोटा, कुरुक्षेत्र, लातूर, लखनऊ, लुधियाना, मछलीपट्टनम, मुरादाबाद, मोतिहारी, नागांव, नागौर, नागपुर, नलबाड़ी, नांदेड़, नंदेसरी, नारनौल, नयागढ़, पंचगांव, पंचकुला, परभणी, पिंपरी-चिंचवाड़, प्रतापगढ़, प्रयागराज, पूर्णिया, रायपुर, रायरंगपुर, राजगीर, राजसमंद, रतलाम, रोहतक, राउरकेला, सागर आदि शहर शामिल हैं।

इन शहरों के उलट आज देश के 50 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।

इनमें अलवर, अमृतसर, बहादुरगढ़, बांसवाड़ा, बाड़मेर, बेगूसराय, भरतपुर, भीलवाड़ा, बर्नीहाट (असम), चंद्रपुर, चरखी दादरी, छपरा, चूरू, दिल्ली, धनबाद, धारूहेड़ा, धौलपुर, फतेहाबाद, गाजियाबाद, गुम्मिडीपूंडी, हाजीपुर, जयपुर, झुंझुनू, जोधपुर, किशनगंज, महाड, मंडीदीप, मंडीखेड़ा, मेरठ, मेहसाणा, मुजफ्फरनगर, मुजफ्फरपुर, नोएडा, पाली, पलवल, पानीपत, पटना, पीथमपुर, पुडुचेरी, राजकोट, ऋषिकेश, रूपनगर, सहरसा, सवाई माधोपुर, सोनीपत, टोंक, उदयपुर, वातवा, विशाखापत्तनम, यमुना नगर आदि शामिल हैं।

इसी तरह देश में बद्दी, बारां, भिवानी, बीकानेर, फरीदाबाद में स्थिति 'खराब' है। वहीं अंगुल (302) और सीकर (333) में स्थिति बेहद खराब है।

क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 229 में से 45 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 127 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 31 मई को यह आंकड़ा 133 दर्ज किया गया था।

50 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में (101-200 के बीच) बनी हुई है।

दूसरे शहरों की तुलना में आज सीकर में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 333 दर्ज किया गया। इससे पहले कल सीकर में सूचकांक 121 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से वहां प्रदूषण में 212 अंकों का भारी उछाल आया है। इसके साथ ही आज सीकर में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' से सीधे 'बेहद खराब' श्रेणी में पहुंच गई है।

दिल्ली में कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 98 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 105 पर पहुंच गया। मतलब कि पिछले 24 घंटों में वहां सूचकांक में 7 अंकों का उछाल दर्ज किया गया है। इसके साथ ही दिल्ली में आज वायु गुणवत्ता संतोषजनक से मध्यम श्रेणी में पहुंच गई है।

प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 01 जून को बीकानेर (221) चौथे स्थान पर है, वहीं अंगुल (302) दूसरे, जबकि फरीदाबाद (236) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 84, गाजियाबाद में 128, गुवाहाटी में 72, गुरूग्राम में 91, नोएडा में 146, ग्रेटर नोएडा में 97 पर पहुंच गया है।

इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 46 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के 'बेहतर' स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 69, चेन्नई में 59, चंडीगढ़ में 72, हैदराबाद में 69, जयपुर में 111 और पटना में 102 दर्ज किया गया।

इन शहरों में साफ रही हवा

देश के जिन 45 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा, उनमें आइजोल, अंबाला, अंबरनाथ, बागलकोट, बरेली, भिलाई, बिलासपुर, बोइसर, चामराजनगर, चिक्काबल्लापुर, कोयंबटूर, देहरादून, फिरोजाबाद, गडग, गंगटोक, जलना, झांसी, कडप्पा, कलबुर्गी, काशीपुर, क्योंझर, खुर्जा, कोहिमा, कोल्हापुर, कोरबा, मदिकेरी, मंगलौर, मुंबई, मैसूर, नाहरलागुन, नासिक, नवी मुंबई, पटियाला, पेरुंदुरई, पुणे, राजमहेंद्रवरम, रामनगर, सांगली, सिलचर, शिवसागर, तिरुवनंतपुरम, थूथुकुडी, उल्हासनगर, विजयपुरा, वृंदावन शामिल हैं।

वहीं आगरा, अहमदाबाद, अजमेर, अकोला, अमरावती (महाराष्ट्र), अंकलेश्वर, अररिया, आरा, आसनसोल, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बदलापुर, बागपत, बालासोर, बल्लभगढ़, बारबिल, बारीपदा, बैरकपुर, बठिंडा, बेलापुर, बेलगाम, बेंगलुरु, बेतिया, भागलपुर, भावनगर, भिवाड़ी, भिवंडी, भोपाल, भुवनेश्वर, बिहार शरीफ, ब्रजराजनगर, बुलंदशहर, ब्यासनगर, चंडीगढ़, चेन्नई, चित्तूर, चित्तौड़गढ़, कुड्डालोर, कटक, दमोह, दौसा, देवास, धारवाड़, धुले, डूंगरपुर, दुर्गापुर, एलुरु, गांधीनगर, गया, गोरखपुर, ग्रेटर नोएडा, गुंटूर, गुरुग्राम, गुवाहाटी, ग्वालियर, हल्दिया, हनुमानगढ़, हापुड़, हिसार, हावड़ा, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जैसलमेर, जालंधर, जलगांव, जालोर, झालावाड़, जोरापोखर, कैथल, कन्नूर, कानपुर, करनाल, कटिहार, कटनी, कोलकाता, कोल्लम, कोटा, कुरुक्षेत्र, लातूर, लखनऊ, लुधियाना, मछलीपट्टनम, मुरादाबाद, मोतिहारी, नागांव, नागौर, नागपुर, नलबाड़ी, नांदेड़, नंदेसरी, नारनौल, नयागढ़, पंचगांव, पंचकुला, परभणी, पिंपरी-चिंचवाड़, प्रतापगढ़, प्रयागराज, पूर्णिया, रायपुर, रायरंगपुर, राजगीर, राजसमंद, रतलाम, रोहतक, राउरकेला, सागर, समस्तीपुर, सतना, शिवमोगा, सिरोही, सोलापुर, श्री गंगानगर, श्रीनगर, सुआकाती, सूरत, ठाणे, त्रिशूर, तिरुमाला, तिरुपति, उज्जैन, वडोदरा, वापी, वाराणसी, विजयवाड़ा, विरार आदि 127 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।

क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक

देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।

इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।

यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।

ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।

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