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अभिजीत दीपके बोले, प्रेशर ग्रुप की तरह काम करेगी सीजेपी

अभिजीत दीपके बोले, प्रेशर ग्रुप की तरह काम करेगी सीजेपी

DW 1 day ago
भारत और दुनिया की बड़ी खबरें एक साथ, एक ही जगह पढ़ने के लिए आप सही पेज पर हैं. इस लाइव ब्लॉग को हम लगातार अपडेट कर रहे हैं, ताकि ताजा खबरें आप तक पहुंचा सकें.अभिजीत दीपके बोले, प्रेशर ग्रुप की तरह काम करेगी सीजेपी गाजा में हमास के निशस्त्रीकरण की योजना पर नेतन्याहू बोले, 'अभी कोई सहमति नहीं बनी' 'छात्रों पर हुई बर्बरता' के खिलाफ विपक्षी सांसदों का पैदल मार्च, अमित शाह से जवाब की मांग सूखती डेन्यूब नदी में दिखे द्वितीय विश्व युद्ध के नाजी जहाज यूक्रेन के कई इलाकों पर रूस का भीषण हमला, कम से कम 15 की मौत सैकड़ों कर्मचारियों को काम से निकाल रहीं बांग्लादेश की कपड़ा फैक्ट्रियां भारतीयों को मिलने वाले यूएस स्टूडेंट वीजा की संख्या में बड़ी गिरावट: रिपोर्ट साल 2025 में भारतीय और चीनी नागरिकों को जारी किए गए अमेरिकी एफ-1 स्टूडेंट वीजा की संख्या में पिछले सालों के मुकाबले बड़ी गिरावट दर्ज की गई है.
सेंटर फॉर इमिग्रेशन स्टडीज (सीआईएस) की रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है. सीआईएस ने अपनी रिपोर्ट में इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल एजुकेशन के आंकड़ों का हवाला दिया है. सीआईएस के मुताबिक, अमेरिका ने साल 2025 में मई से अगस्त तक भारतीय नागरिकों को 22,149 एफ-1 वीजा जारी किए, जो 2017-19 और 2021-24 की अवधि के दौरान जारी किए गए वीजा की औसत संख्या 55,717 से 60 प्रतिशत कम है. पिछले साल का आंकड़ा 2024 से भी 62 फीसदी कम है, जब 58,694 वीजा जारी किए गए थे.

रिपोर्ट में कहा गया है कि चीनी नागरिकों के लिए, इसी अवधि के दौरान जारी किए गए एफ-1 वीजा की संख्या 2025 में घटकर 40,034 हो गई, जो 2017-19 और 2021-24 के औसत 73,853 से 46 प्रतिशत कम है. यह आंकड़ा 2024 में जारी किए गए 61,075 वीजा से 34 प्रतिशत कम है. क्या 'ओपीटी' के बिना अमेरिका पढ़ने जाएंगे भारतीय स्टूडेंट तकनीकी गड़बड़ियों और चाइल्ड अब्यूज कंटेंट के मामले में मार्क जुकरबर्ग ने मांगी माफी: स्थानीय मीडिया मेटा के प्रमुख मार्क जुकरबर्ग ने भारत सरकार से अपने प्लेटफॉर्म्स पर मौजूद बाल यौन शोषण सामग्री, डीपफेक कंटेंट और तकनीकी गड़बड़ियों को लेकर माफी मांगी है. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी के अधिकारियों ने सरकार के साथ हुई बैठक में यह संदेश सौंपा.

हालांकि, मेटा या भारत सरकार ने आधिकारिक तौर पर फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं की है. स्थानीय मीडिया रिपोर्टों और आईटी मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार को केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ मेटा के शीर्ष अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय बैठक हुई. इस बैठक के दौरान जुकरबर्ग की ओर से भेजे गए माफी संदेश को सरकार के समक्ष रखा गया. कंपनी ने स्वीकार किया कि उसके प्लेटफॉर्म पर बाल यौन शोषण से जुड़े अवैध कंटेंट और डीपफेक सामग्री को बढ़ावा मिला था, जिसके लिए उसने गहरा खेद व्यक्त किया.

यह कदम ऐसे समय पर सामने आया है जब एक दिन पहले ही भारत की सूचना एवं प्रौद्योगिकी संबंधी संसदीय समिति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो फेसबुक और इंस्टाग्राम से अस्थायी रूप से हटाए जाने पर सख्त रुख अपनाया था. समिति ने मेटा के प्रमुख मार्क जुकरबर्ग को तीन दिनों के भीतर माफी मांगने का अल्टीमेटम दिया था और चेतावनी दी थी कि ऐसा न करने पर कंपनी को मिली कानूनी सुरक्षा (सेफ हार्बर) वापस ली जा सकती है. भारत मेटा के लिए दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है, जहां करोड़ों लोग फेसबुक, इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप का इस्तेमाल करते हैं. इससे पहले जुलाई में भी सरकार ने मेटा को अपने प्लेटफॉर्म्स से ऐसी आपत्तिजनक सामग्री और विज्ञापनों को तुरंत हटाने के कड़े निर्देश दिए थे.

दहेज उत्पीड़न की शिकायत करने वाली बेटियों को एडजस्ट करने की सलाह न दें: इलाहबाद हाईकोर्ट इलाहबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा है कि अगर विवाहित बेटी ससुराल में दहेज के लिए उत्पीड़न होने या घरेलू स्तर पर क्रूरता होने की शिकायत करे तो माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों को इसे गंभीरता से लेना चाहिए. अदालत ने 27 जुलाई को दहेज हत्या के एक मामले में सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की. इस मामले में एक महिला और उसकी 15 महीने की बेटी की हत्या हुई थी. जस्टिस राजेश सिंह चौहान और जस्टिस अबधेश कुमार चौधरी की बेंच ने कहा कि दहेज उत्पीड़न या वैवाहिक क्रूरता से पीड़ित महिलाओं को एडजस्ट करने या शादी बचाने की सलाह देने से अपराधियों का हौसला बढ़ेगा.

अदालत ने कहा कि कई बार इसके चलते पीड़िता को लगातार दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ता है और अंत में इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं जिसमें पीड़िता की मौत होना भी शामिल है. कोर्ट ने आगे कहा कि जब भी कोई बेटी बार-बार अपने परिवार से मदद मांगती है और ससुराल में उसके साथ हो रहे उत्पीड़न, डर और अपमान के बारे में बताती है तो उसकी चिंताओं को सहानुभूति, गंभीरता और तत्परता के साथ सुना जाना चाहिए और उसकी सुरक्षा एवं गरिमा को सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए. अदालत ने इसे परिवारों, समुदायों और समाज की साझा जिम्मेदारी करार दिया. मेक्सिको में लाइवस्ट्रीम के दौरान टिकटॉक स्टार की गोली मारकर हत्या मेक्सिको के सिनालोआ राज्य में एक मशहूर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर की लाइवस्ट्रीम के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई. टिकटॉक पर करीब छह लाख फॉलोअर्स वाले 25 वर्षीय सेसर गास्टेलम दोस्तों के साथ वीडियो शूट कर रहे थे, तभी बाइक सवार हमलावरों ने उन पर हमला कर दिया.

घटना सिनालोआ राज्य के कुलियाकान शहर की है, जहां सेसर गास्टेलम एक फास्ट फूड रेस्टोरेंट के बाहर अपने दो दोस्तों के साथ लाइव स्ट्रीम कर रहे थे. एक सोशल मीडिया चैलेंज के तहत वे तीनों डिलीवरी ड्राइवर के कपड़ों में नजर आ रहे थे. इसी दौरान एक मोटरसाइकिल पर दो हमलावर वहां पहुंचे और चालक ने गास्टेलम के सिर में बेहद करीब से गोली मार दी. घटना के तुरंत बाद लाइव ब्रॉडकास्ट कट गया, हालांकि इस घटना की वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गयी.

सिनालोआ राज्य के सुरक्षा अधिकारियों ने गास्टेलम की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि इलाके में बड़े पैमाने पर सुरक्षा अभियान शुरू कर दिया गया है. घटना प्रांतीय अभियोजक कार्यालय के पास एक व्यस्त व्यावसायिक परिसर में हुई थी, जहां से फॉरेंसिक टीमों ने सबूत जुटाए हैं और सेना व पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. जर्मनी के एयरपोर्ट पर मिला विस्फोटक से लैस ड्रोन, उड़ानें प्रभावित जर्मनी के लाइपजिग-हाले हवाई अड्डे पर मंगलवार रात एक यूक्रेनी कार्गो विमान के पास विस्फोटक से लैस ड्रोन मिलने से हड़कंप मच गया. पुलिस के मुताबिक, इस ड्रोन में एक विस्फोटक उपकरण फिट किया गया था, जिसे पुलिस के बम निरोधक रोबोट की मदद से सुरक्षित हटा दिया गया.

यह घटना मंगलवार देर रात करीब 11:40 बजे की है, जब रनवे के पास हवाई अड्डे के एक कर्मचारी ने यूक्रेनी मालवाहक विमान के पास इस विस्फोटक से लैस ड्रोन को देखा. घटना की जानकारी मिलते ही राज्य और संघीय पुलिस ने मोर्चा संभाला और सुरक्षा के लिहाज से हवाई अड्डे की उड़ानों को तुरंत रोक दिया गया. सुरक्षा चिंताओं के कारण कई कार्गो विमानों और एक यात्री उड़ान को अन्य हवाई अड्डों की ओर डायवर्ट करना पड़ा. पुलिस ने तुरंत रोबोट का इस्तेमाल कर ड्रोन के डिटोनेटर को निष्क्रिय किया.

हालांकि, पुलिस प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और जनता के लिए कोई खतरा नहीं है. जांच और सबूत जुटाने की प्रक्रिया के बीच तड़के 1:55 बजे उत्तरी रनवे से उड़ानों का संचालन दोबारा शुरू कर दिया गया. फिलहाल दक्षिणी रनवे को आंशिक रूप से बंद रखा गया है, जबकि जर्मन पुलिस और जांच एजेंसियां इस बात का पता लगा रही हैं कि इस ड्रोन को उड़ाने के पीछे किसका हाथ था. नेपाल के गंडकी प्रांत में गांजा उगाने और इस्तेमाल करने की मिली छूट नेपाल के गंडकी प्रांत की सरकार ने चिकित्सा उपयोग के लिए गांजा उगाने और इस्तेमाल करने को वैध घोषित कर दिया है.

गांजे की खेती, उसे रखने और उसके उपयोग पर राष्ट्रीय प्रतिबंध के बावजूद यह छूट दी गई है. हालांकि, इसके तहत किसानों को गांजे की खेती करने के लिए प्रशासन से अनुमति लेनी होगी और फसल की निगरानी भी की जाएगी. न्यूज एजेंसी एपी के मुताबिक, नेपाल में त्योहारों के दौरान भांग/गांजे का व्यापक रूप से इस्तेमाल होता है और इसलिए सरकार से भांग/गांजे पर से प्रतिबंध हटाने की अपील भी की जाती रही है. फिलहाल, नेपाल में व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए गांजा रखने पर एक महीने की जेल होती है.

हालांकि, गांजा बेचने वालों को 10 साल जेल तक की सजा हो सकती है. नेपाल में वसंत ऋतु में मनाए जाने वाले शिवरात्रि उत्सव के दौरान, भक्त हिंदू भगवान शिव के मंदिरों में खुलकर गांजा पीते दिखाई देते हैं. इस दौरान प्रशासन भी अनाधिकारिक तौर पर इसकी अनुमति दे देता है और गांजा पीने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करता है. गाजा में हमास के निशस्त्रीकरण की योजना पर नेतन्याहू बोले, 'अभी कोई सहमति नहीं बनी' इस्राएली प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू ने गाजा में हमास के निशस्त्रीकरण और सेना की वापसी से जुड़ी अमेरिकी शांति योजना पर अभी तक कोई सहमति बनने से इनकार किया है.

नेतन्याहू ने बताया कि इस्राएल को सिर्फ एक ड्राफ्ट मिला था, जिस पर उसने अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं, न कि मंजूरी दी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने हाल ही में 'बोर्ड ऑफ पीस' के जरिए हमास के "पूर्ण निशस्त्रीकरण" पर समझौता होने का दावा किया था. इस योजना के तहत हमास के हथियार डालने के बदले इस्राएली सेना को गाजा पट्टी से बाहर निकलना था. हालांकि, नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर साफ कर दिया है कि हमास के पूरी तरह हथियार डालने से पहले इस्राएली सेना अपनी मौजूदा स्थिति से पीछे नहीं हटेगी.

पूरे मामले में सबसे बड़ा पेंच इस बात पर फंसा है कि पहले कौन सा कदम उठाया जाएगा - हमास का हथियार डालना या सेना की वापसी. बीते कुछ महीनों में इस्राएली सेना ने गाजा के 60 प्रतिशत से अधिक हिस्से पर अपना कब्जा मजबूत कर लिया है और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस्राएल अपनी मौजूदा लाइनों से पीछे हटने को बिल्कुल तैयार नहीं है. दूसरी तरफ, हमास ने शर्त रखी है कि वह अपने हथियार तभी सौंपेगा जब इस्राएली सेना गाजा से पूरी तरह हट जाएगी. दोनों पक्षों के इस कड़े रुख को देखते हुए इस शांति प्रस्ताव के लागू होने पर गहरे सवाल खड़े हो गए हैं.

जर्मनी में समय से पहले रिटायर होने की छूट पर विवाद, उद्योगपतियों ने दी चेतावनी जर्मनी में पेंशन प्रणाली के सुधारों को लेकर बहस तेज हो गई है. देश के उद्योगपतियों और नियोक्ताओं के संगठन ने समय से पहले रिटायरमेंट की सुविधा को जारी रखने की मांग का कड़ा विरोध किया है और इसे अर्थव्यवस्था के लिए नुकसानदेह बताया है. जून महीने में सरकार द्वारा गठित एक पेंशन आयोग ने 33 सिफारिशें दी थीं. इनमें एक प्रमुख सुझाव यह था कि लंबे समय तक योगदान देने वाले लोगों को बिना पेंशन कटे जल्दी रिटायरमेंट लेने की जो छूट मिलती है, उसे खत्म कर दिया जाए.

शुरुआत में सरकार इन सिफारिशों को लागू करने के पक्ष में थी, लेकिन अब कई राज्यों की ओर से इस योजना का विरोध शुरू हो गया है. जर्मन नियोक्ताओं के संगठन के प्रमुख श्टेफन कामपेटर ने इस विरोध पर चिंता जताई है. 'बिल्ड' अखबार से बातचीत में उन्होंने कहा कि बिना कड़े पेंशन सुधारों के जर्मनी अपनी आर्थिक स्थिति और नौकरियों को मजबूत नहीं रख सकता. कामपेटर के मुताबिक, कम उम्र में रिटायरमेंट की सुविधा बनाए रखना देश में कुशल कर्मचारियों की कमी और बढ़ती बुजुर्ग आबादी की अनदेखी करना होगा.

नितिन गडकरी के खिलाफ पोस्ट किया गया अपमानजनक कंटेंट हटाने का आदेश केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को बॉम्बे हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिली है. जस्टिस आरिफ डॉक्टर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों को आदेश दिया है कि गडकरी के खिलाफ पोस्ट किया गया मानहानिकारक और अपमानजनक कंटेंट हटाया जाए. गडकरी ने कोर्ट में याचिका दायर कर मांग की थी कि उन्हें और उनके परिवार को ई-20 ईंधन कार्यक्रम से जोड़ने वाले मानहानिकारक और डीपफेक कंटेंट को हटाने का आदेश दिया जाए. कोर्ट ने कहा कि गडकरी द्वारा चिन्हित किया गया कंटेंट घृणित और अपमानजनक था इसलिए ऐसे कंटेंट को हटाने का निर्देश दिया गया.

कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर भविष्य में गडकरी को ऐसे किसी कंटेंट के बारे में पता चलता है तो वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों को सूचना दे सकते हैं, जिन्हें इस बारे में उचित कदम उठाने होंगे. कोर्ट ने मेटा और गूगल से कहा कि वे ऐसी प्रक्रिया बनाएं, जिससे कोर्ट के हस्तक्षेप के बिना ही ऐसा कंटेंट हटाया जा सके. सुनवाई के दौरान मेटा के वकील ने कहा कि कुछ कंटेंट सही भी हो सकता है. इस पर गडकरी के वकील ने कहा कि वे किसी भी उचित आलोचना को नहीं रोक रहे हैं.

कोर्ट ने इस बारे में कहा कि अगर किसी कंटेंट को लेकर अस्पष्टता की स्थिति पैदा होती है तो कंपनियां कोर्ट का रुख कर सकती हैं. अब इस मामले पर चार हफ्ते बाद सुनवाई होगी. एपस्टीन मामले की जांच करवा सकते हैं ब्रिटिश पीएम एंडी बर्नम ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नम दोषी ठहराए जा चुके यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के मामले और ब्रिटेन में उसकी गतिविधियों की सार्वजनिक जांच कराने पर विचार कर रहे हैं. यह जानकारी ब्रिटिश मंत्री एलेक्स डेविस-जोन्स ने दी है.

जेफ्री एपस्टीन की मौत के सालों बाद इस स्कैंडल ने ब्रिटिश सत्ता और शाही घराने को हिलाकर रख दिया है. इस मामले में किंग चार्ल्स के भाई एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर और अमेरिका में ब्रिटेन के पूर्व राजदूत पीटर मेंडेलसन की गिरफ्तारी तक हो चुकी है. जुलाई में प्रधानमंत्री पद संभालने वाले एंडी बर्नम जल्द ही एपस्टीन के पीड़ितों से मुलाकात करने वाले हैं, जिसके बाद एक औपचारिक सार्वजनिक जांच शुरू की जा सकती है. ब्रिटिश पुलिस पहले ही इस मामले से जुड़े कई गंभीर आरोपों की जांच कर रही है.

इनमें बाल यौन शोषण, यूके के हवाई अड्डों के जरिए महिलाओं की तस्करी और सार्वजनिक पद का दुरुपयोग करने जैसे संगीन मामले शामिल हैं. सरकार अब यह देख रही है कि पीड़ितों को न्याय दिलाने और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए कानूनी रूप से क्या कदम उठाए जा सकते हैं. अभिजीत दीपके बोले, प्रेशर ग्रुप की तरह काम करेगी सीजेपी कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा है कि फिलहाल के लिए सीजेपी एक प्रेशर ग्रुप (दबाव समूह) के रूप में काम करेगी क्योंकि भारत को इस समय एक प्रेशर ग्रुप की ही जरूरत है. न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, दीपके ने कहा कि राजनीतिक व्यवस्था, न्यायपालिका, मीडिया और चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं में लोगों का विश्वास खत्म हो चुका है.

दीपके ने आगे कहा कि उनका मानना है कि इन संस्थाओं में जवाबदेही और निष्पक्षता बहाल करने के लिए एक जन आंदोलन और जनता के दबाव की जरूरत है. मीडियाकर्मियों से बातचीत में दीपके ने यह भी कहा कि वे झारखंड में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के साथ खड़े हैं. दीपके ने कहा, "हम निश्चित तौर पर झारखंड जाएंगे. हम वहां प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स के साथ खड़े हैं और हम उनकी हर मांग का समर्थन करते हैं." झारखंड में छात्र जेपीएससी, जेएसएससी सीजीएल और अन्य परीक्षाओं में होने वाली कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं.

वे परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं. उन्होंने यह भी बताया कि सीजेपी की कोर टीम 5 अगस्त से छत्रपति संभाजीनगर में दो दिवसीय बैठक करेगी. इस बैठक में सीजेपी की भविष्य की रणनीति पर चर्चा की जाएगी. दीपके ने कहा कि यह दो दिवसीय बैठक हमारी भविष्य की रणनीति तय करेगी.

उन्होंने कहा कि बैठक पूरी होने के बाद एक प्रेस कॉन्फेंस में बैठक में लिए गए फैसलों के बारे में जानकारी दी जाएगी. आज चांद से टकरा सकता है स्पेसएक्स के रॉकेट का टुकड़ा पिछले साल से अंतरिक्ष में घूम रहा स्पेसएक्स के रॉकेट का एक बड़ा हिस्सा बुधवार, 5 अगस्त को तेज रफ्तार के साथ चंद्रमा से टकरा सकता है. बस के आकार का यह मलबा करीब 8,690 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चांद की सतह से टकराएगा. चार मीट्रिक टन (4,000 किलोग्राम) वजनी यह ऑब्जेक्ट दरअसल स्पेसएक्स के 'फाल्कन 9' रॉकेट का दूसरा स्टेज है.

इस रॉकेट को जनवरी 2025 में एरोस्पेस कंपनी 'फायरफ्लाई एरोस्पेस' के लूनर लैंडर को चंद्रमा की ओर भेजने के लिए लॉन्च किया गया था. तब से ही यह टुकड़ा अंतरिक्ष में बेकाबू होकर घूम रहा था. वैज्ञानिकों के अनुसार, यह अंतरिक्ष मलबा चंद्रमा के पश्चिमी हिस्से में स्थित 'आइंस्टीन क्रेटर' से टकराएगा. लगभग 5,400 मील प्रति घंटे की रफ्तार से होने वाली इस टक्कर के कारण चांद की सतह से धूल का बड़ा गुबार उड़ेगा.

हालांकि, धूप पड़ने से यह गुबार चमकेगा जरूर, लेकिन इसे पृथ्वी से नग्न आंखों से देखना बेहद मुश्किल होगा. स्पेसएक्स ने स्पष्ट किया है कि चंद्रमा से यह टक्कर पूरी तरह से अनपेक्षित है और यह किसी योजना का हिस्सा नहीं थी. जिस जगह पर यह मलबा गिर रहा है, वह हिस्सा पृथ्वी से अक्सर साफ दिखाई नहीं देता, इसलिए वैज्ञानिक इस घटना पर अंतरिक्ष दूरबीनों के जरिए नजर बनाए हुए हैं. सूखती डेन्यूब नदी में दिखे द्वितीय विश्व युद्ध के नाजी जहाज यूरोप की दूसरी सबसे लंबी नदी डेन्यूब में भीषण गर्मी और सूखे के कारण जलस्तर काफी गिर गया है.

पानी कम होने से द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान डुबोए गए नाजी जर्मनी के दर्जनों युद्धपोत अब सतह पर दिखाई देने लगे हैं. सर्बिया के प्राहोवो बंदरगाह के पास नदी के बीचों-बीच जंग लगे जहाजों के ढांचे और टूटे मस्तूल पानी से बाहर आ गए हैं. सितंबर 1944 में सोवियत सेना के डर से पीछे हटती जर्मन नौसेना ने अपने करीब 200 युद्धपोतों को जानबूझकर नदी में डुबो दिया था, ताकि दुश्मन की बढ़त को रोका जा सके. इन जहाजों में से कई में आज भी विस्फोटक भरे हुए हैं, जो 10 देशों से होकर गुजरने वाले इस व्यस्त जलमार्ग के लिए बड़ा खतरा बने हुए हैं.

डेन्यूब का घटता जलस्तर न सिर्फ पुराने मलबे को बाहर ला रहा है, बल्कि इससे पूरे मध्य और पूर्वी यूरोप में बिजली का संकट भी खड़ा हो गया है. जलस्तर कम होने से कई पावर प्लांट बंद होने की कगार पर हैं और सरकारों को बिजली बचाने के उपाय करने पड़ रहे हैं. विशेषज्ञों ने इस भीषण गर्मी और सूखे को ग्लोबल वार्मिंग का सीधा असर बताया है. इटली: कचरे के ढेर में मिला 10 करोड़ रुपये की लॉटरी का टिकट इटली के एक शहर में एक महिला की भूल से कचरे में चला गया 10 लाख यूरो (लगभग 10 करोड़ रुपये) की लॉटरी का टिकट सफाईकर्मियों की कड़ी मशक्कत के बाद सुरक्षित मिल गया है.

पूरे ट्रक का कचरा खंगालने के बाद यह जैकपॉट टिकट सही-सलामत बरामद हुआ. इटली की कचरा प्रबंधन कंपनी के अनुसार, महिला ने शनिवार को लॉटरी टिकट खरीदी और रविवार को अपने नजदीकी स्टोर पर टिकट चेक करवाने गई. वहां मशीन पर "नॉन पेयबल" लिखा आया, जिसका मतलब था कि इनाम की राशि इतनी बड़ी है कि उसका भुगतान छोटा दुकानदार नहीं कर सकता. हालांकि, महिला ने गलती से समझा कि उसका कोई इनाम नहीं निकला है और उसने टिकट डस्टबिन में फेंक दिया.

यह भी पढ़ें: 433 लोगों की एक साथ लॉटरी लगी, क्या ऐसा संभव है? महिला हमेशा अपने करीबियों से जुड़े खास नंबरों पर दांव लगाती थी. जब परिवार के एक सदस्य ने अखबार में विजेता नंबरों को देखा तो महिला को जैकपॉट की जानकारी हुई, लेकिन तब तक कचरे वाली गाड़ी डस्टबिन खाली करके ले जा चुकी थी. महिला ने तुरंत सफाई कंपनी से संपर्क कर मदद मांगी.

कंपनी ने उस विशिष्ट कचरा ट्रक की पहचान की और उसे रुकवाया. कचरे में किसी भी संभावित खतरे से बचने के लिए ट्रक को एक विशेष प्रोसेसिंग साइट पर ले जाया गया, जहां कर्मचारियों ने दिन भर पूरा कचरा खंगाला. आखिरकार टिकट सुरक्षित मिल गया और जब फोन पर महिला को यह खबर दी गई, तो वह खुशी से रो पड़ी. सैकड़ों कर्मचारियों को काम से निकाल रहीं बांग्लादेश की कपड़ा फैक्ट्रियां तीन महीने की गर्भवती मोसम्मत अक्लीमा को जब यह मैसेज मिला कि कपड़ा फैक्ट्री ने उन्हें काम से निकाल दिया है तो वे परेशान हो गईं.

27 वर्षीय अक्लीमा ने न्यूज एजेंसी एएफपी से कहा कि नई नौकरी ढूंढ़ना अब संभव नहीं है. अक्लीमा उन 3,000 लोगों में शामिल हैं, जिन्हें एक झटके में काम से निकाल दिया गया. यह बांग्लादेश के कपड़ा उद्योग की कमजोर होती स्थिति को भी दर्शाता है. बांग्लादेश में कपड़ा निर्माताओं और निर्यातकों के संगठन के मुताबिक, पिछले दो सालों में देश की 4,000 में से 400 कपड़ा फैक्ट्रियां बंद हो चुकी हैं और इससे हजारों नौकरियां खत्म हुई हैं.

कपड़ा निर्यात में आई कमी, ग्राहकों की कमजोर मांग और भारत एवं वियतनाम जैसे देशों से कड़ी प्रतिस्पर्धा इसके मुख्य कारण हैं. कपड़ा फैक्ट्रियों के बंद होने को बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था के लिए भी झटके के तौर पर देखा जा रहा है. वहां के कपड़ा उद्योग में 45 लाख से ज्यादा लोग काम करते हैं, जिनमें बड़ी संख्या महिलाओं की है. बांग्लादेश की निर्यात से होने वाली कमाई में कपड़ा उद्योग की हिस्सेदारी 80 फीसदी से अधिक है. साल 2025 में बांग्लादेश ने कपड़ा निर्यात से 39 अरब डॉलर की कमाई की थी. विश्लेषकों का कहना है कि बांग्लादेश को यूरोप में अधिक चुनौती का सामना करना पड़ रहा है, जहां भारत और वियतनाम ने मुक्त व्यापार समझौतों के जरिए बढ़त हासिल कर ली है.
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