भारत और दुनिया की बड़ी खबरें एक साथ, एक ही जगह पढ़ने के लिए आप सही पेज पर हैं. इस लाइव ब्लॉग को हम लगातार अपडेट कर रहे हैं, ताकि ताजा खबरें आप तक पहुंचा सकें.- डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान से कहा, 'यह समझौते के लिए आखिरी मौका' - डॉनल्ड ट्रंप के नए टैरिफ को अमेरिका के 25 राज्यों ने कोर्ट में दी चुनौती - शेख हसीना के प्रस्तावित भाषण पर अपना रुख स्पष्ट करे भारत: बांग्लादेश - टोक्यो के चिड़ियाघर में भीषण गर्मी की वजह से तीन शेरों की मौत - केजरीवाल बोले, ई-20 से छुटकारा पाने के लिए सड़कों पर उतरना पड़ेगा - भारत ने कहा, शेख हसीना के वर्चुअल भाषण से हमारा कोई संबंध नहीं अफगान बच्चों में कुपोषण गंभीर स्तर पर पहुंचा, करोड़ों डॉलर की फंडिंग की जरूरत अफगानिस्तान में बच्चों में कुपोषण की स्थिति गंभीर स्तर पर पहुंच गई है और अंतरराष्ट्रीय मदद में कटौती के चलते स्वास्थ्यकर्मी ज्यादातर बच्चों और महिलाओं की मदद नहीं कर पा रहे हैं.
यह स्थिति तब पैदा हुई है जब जनवरी, 2025 के बाद से अमेरिका और कई यूरोपीय देशों ने आर्थिक मदद में कटौती की है. पाकिस्तान के साथ हुए संघर्ष के चलते अफगानिस्तान का व्यापार प्रभावित हुआ है. हाल के सालों में पड़ोसी देशों से लाखों की संख्या में अफगान नागरिकों को अपने देश भी लौटना पड़ा है. इन वजहों से भी अफगानिस्तान में कुपोषण की समस्या बढ़ी है.
डब्ल्यूएफपी के मुताबिक, प्रमुख खाद्य पदार्थों की कीमतों में 20 से 30 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है और लगभग 1.4 करोड़ अफगानी नागरिक भुखमरी का सामना कर रहे हैं. साइकिल रेस में 'पैडेड ब्रा' पर विवाद के बाद हुई कपड़ों की जांच महिलाओं की प्रसिद्ध साइकिल रेस 'टूर डे फ्रांस फेम्स' में उस वक्त अजीब स्थिति बन गई जब आयोजकों को राइडर्स के कपड़ों की अतिरिक्त चेकिंग का आदेश देना पड़ा. कुछ टीमों का आरोप है कि कुछ एथलीट हवा की रफ्तार से बढ़त पाने के लिए खास पैडेड ब्रा का इस्तेमाल कर रही हैं. डच मीडिया आउटलेट 'वीलरफ्लिट्स' की रिपोर्ट के मुताबिक, चौथे स्टेज की 21 किलोमीटर लंबी 'टाइम ट्रायल' रेस से पहले टीमों ने आशंका जताई थी कि ब्रा में अतिरिक्त पैडिंग लगाने से शरीर के ऊपर से हवा का बहाव आसान हो जाता है.
इससे राइडर्स को रेस के दौरान रफ्तार में गैर-वाजिब फायदा मिल सकता है. शिकायत के बाद आयोजकों ने नियम सख्त करते हुए सभी राइडर्स को अपनी रेस शुरू होने से 10 मिनट पहले अपनी साइकिलों और पहनावे की अंतिम जांच कराने का निर्देश दिया है. अंतरराष्ट्रीय साइकिलिंग यूनियन के नियम 1.3.032 के तहत चेकिंग के दौरान इस बात पर खास नजर रखी जाएगी कि कोई भी राइडर अपनी शारीरिक बनावट को बदलने वाले उपकरण या कपड़े न पहने. यूनियन के अनुसार, सुरक्षा और सामान्य कपड़ों की जरूरत से हटकर पहना गया कोई भी अतिरिक्त सामान नियमों का उल्लंघन माना जाएगा.
इंग्लिश चैनल में प्रवासियों की नाव में लगी आग, 150 से अधिक लोगों को बचाया गया फ्रांस और ब्रिटेन के बीच स्थित इंग्लिश चैनल को पार कर रही एक बोट में अचानक भीषण आग लग गई. नाव में आग लगते ही सवार लोगों को समंदर में कूदना पड़ा, जिसके बाद दोनों देशों के नौसैनिक दलों ने 157 प्रवासियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. फ्रांस और ब्रिटेन के समुद्री सीमाओं के मुहाने पर मंगलवार सुबह यह हादसा उस वक्त हुआ जब नॉर्मंडी से रवाना हुई एक बोट में आग भड़क गई. अधिकारियों के मुताबिक राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है.
साल 2018 में डेटा रिकॉर्ड शुरू होने के बाद से यह इंग्लिश चैनल में चलाए गए सबसे बड़े रेस्क्यू अभियानों में से एक है. हाल के महीनों में मानव तस्करों द्वारा ज्यादा मुनाफे के चक्कर में छोटी नावों पर क्षमता से बहुत ज्यादा लोगों को बैठाने का चलन तेजी से बढ़ा है. फ्रांसीसी अधिकारियों के अनुसार, इन बोट्स पर प्रति चक्कर औसत यात्रियों की संख्या 2021 में जहां 26 थी, वहीं इस साल यह बढ़कर 65 तक पहुंच गई है. तस्कर अब 8-10 मीटर की सामान्य नावों की जगह 12 मीटर की विशालकाय रबर नौकाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे हादसों का जोखिम कई गुना बढ़ गया है.
इंग्लिश चैनल दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री रास्तों में से एक है, जिसे पार करने के लिए प्रवासी तस्करों को हजारों डॉलर देते हैं. पिछले साल 41,000 से ज्यादा प्रवासियों ने इस खतरनाक रास्ते से ब्रिटेन में प्रवेश किया था, जबकि 29 लोगों की मौत हो गई थी. इस साल भी अब तक कम से कम 14 लोग इस जानलेवा सफर के दौरान अपनी जान गंवा चुके हैं. भारत ने कहा, शेख हसीना के वर्चुअल भाषण से हमारा कोई संबंध नहीं भारत सरकार ने कहा है कि बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना से संबंधित मीडिया कार्यक्रम में उनकी कोई भूमिका नहीं है.
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान बताया कि इस कार्यक्रम का आयोजन एक निजी संस्था द्वारा करवाया जा रहा है और सरकार वहां प्रकट किए जाने वाले विचारों का समर्थन नहीं करती है. शेख हसीना बुधवार, 5 अगस्त को नई दिल्ली में 'फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया' द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल होंगी. इस कार्यक्रम का आयोजन उस घटनाक्रम के दो साल बाद हो रहा है, जब छात्रों के नेतृत्व में हुए आंदोलन के चलते उनकी सरकार गिर गई थी और उन्हें बांग्लादेश छोड़कर भारत आना पड़ा था. अगस्त, 2024 से हसीना भारत में ही रह रही हैं.
बांग्लादेश सरकार ने इस कार्यक्रम पर आपत्ति जताई थी और भारत से इस बारे में अपना रुख स्पष्ट करने के लिए कहा था. बांग्लादेश ने चेतावनी दी थी कि एक भगोड़े को राजनीतिक गतिविधियों की अनुमति देना सुधरते द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान पहुंचा सकता है. बांग्लादेश इससे पहले भारत से शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग भी कर चुका है. वहीं, हसीना ने एक हालिया इंटरव्यू में खुद बांग्लादेश लौटने की बात कही है.
जर्मनी: सेक्रेटरी की गुप्त रिकॉर्डिंग करने वाले पूर्व मेयर पर जुर्माना जर्मनी के बवेरिया राज्य में टाउन हॉल के भीतर अपनी सेक्रेटरी की डेस्क के नीचे कैमरा छिपाकर जासूसी करने वाले 36 वर्षीय पूर्व मेयर को अदालत ने 7,200 यूरो (7.90 लाख रुपये) जुर्माने की सजा सुनाई है. लैंड्सबर्ग आम लेक जिला अदालत ने राइखलिंग कस्बे के पूर्व मेयर पर 80 यूरो प्रतिदिन के हिसाब से 90 दिनों का जुर्माना लगाया. कोर्ट के अध्यक्ष अलेक्जेंडर केसलेर ने इस मामले को हैरान करने वाला बताते हुए कहा कि पूर्व मेयर को हल्की सजा सिर्फ इसलिए मिली क्योंकि फैसले से ठीक पहले पीड़ित सेक्रेटरी के साथ उसका समझौता हो गया था. इस समझौते के तहत पूर्व मेयर अपनी पूर्व कर्मचारी को हर्जाने के तौर पर 10,000 यूरो की रकम अलग से देगा.
जांच में सामने आया कि पूर्व मेयर ने सेक्रेटरी की डेस्क के नीचे एक छिपा हुआ कैमरा लगा रखा था, जिससे दफ्तर की गतिविधियों, विजिटर्स और फोन कॉल्स की लाइव वीडियो-ऑडियो उसके मोबाइल पर स्ट्रीम होती था. यह जासूसी करीब एक साल तक गुप्त रूप से चलती रही, जिसका खुलासा अक्टूबर 2025 में हुआ. इसके उजागर होने के बाद पुलिस ने टाउन हॉल और मेयर के घर पर छापेमारी की थी, जिसके दबाव में उसने मार्च में हुए स्थानीय चुनावों से अपना नाम वापस ले लिया था. अदालत में अपनी करतूत कबूल करते हुए पूर्व मेयर ने बताया कि उसे अपनी सेक्रेटरी पर भरोसा नहीं था क्योंकि वह एक राजनीतिक विरोधी का समर्थन करती थी और उसका रिसेप्शन एरिया विपक्ष का अड्डा बन चुका था.
अपनी गलती स्वीकार करते हुए उसने माना कि उसका आचरण मेयर पद की गरिमा के खिलाफ था. इसके साथ ही उसने अपनी पूर्व सेक्रेटरी और कस्बे के करीब 1,700 लोगों से सार्वजनिक तौर पर माफी भी मांगी. काला सागर में वाणिज्यिक जहाजों पर हो रहे हमलों पर भड़का तुर्की काला सागर में वाणिज्यिक जहाजों पर बढ़ते ड्रोन हमलों को लेकर तुर्की ने कड़ा ऐतराज जताया है. रूस के नोवोरोसिस्क बंदरगाह से निकले तुर्की के दो मालवाहक जहाजों पर हुए हमले में कई क्रू मेंबर्स घायल हो गए हैं, जिसके बाद अंकारा ने रूस और यूक्रेन को चेतावनी जारी की है.
तुर्की के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए कहा कि रूस के नोवोरोसिस्क बंदरगाह से रवाना हुए तुर्की के दो जहाजों -'यासर' और 'नादेज्दा' पर सोमवार देर रात ड्रोन से हमले किए गए. इन हमलों में चालक दल के कई सदस्य घायल हुए हैं, जिनकी स्थिति पर अंकारा लगातार नजर बनाए हुए है. तुर्की ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बार-बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद काला सागर में रूस और यूक्रेन के बीच बढ़ता संघर्ष अब निर्दोष नागरिकों और जहाजों को निशाना बना रहा है, जो बेहद चिंताजनक है. अंकारा ने दोनों देशों से अपील की है कि वे काला सागर में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए तुरंत ठोस उपाय लागू करें.
तुर्की ने चेतावनी दी कि अगर वाणिज्यिक जहाजों पर ऐसे हमले जारी रहे, तो इससे केवल समुद्री व्यापार ही प्रभावित नहीं होगा, बल्कि वैश्विक खाद्य आपूर्ति के लिए भी गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा. सात सालों में 274 भगोड़े भारत वापस लाए गए, गृह मंत्रालय ने दी जानकारी भारतीय गृह मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि साल 2019 से 2026 के बीच 36 देशों से 274 भगोड़ों को भारत वापस लाया गया है. भारत सरकार के मुताबिक, इनमें आतंकवादी, गैंगस्टर, वित्तीय अपराधी, नशीले पदार्थों के व्यापार से जुड़े अपराधी और हत्या एवं बलात्कार जैसे अपराधों के मामलों में वांछित आरोपी शामिल हैं. मंत्रालय के मुताबिक, इस साल जुलाई तक 45 भगोड़ों को वापस लाया गया.
इससे पहले साल 2025 में 70, 2024 में 43, 2023 में 37, 2022 में 40, 2021 में 23, 2020 में सात और 2019 में नौ भगोड़े वापस लाए गए. इनमें से 42 आरोपी संगठित अपराध और उगाही से जुड़ी गतिविधियों में शामिल थे. वहीं, 18 की तलाश मानव तस्करी और अपहरण से जुड़े मामलों में हो रही थी. मंत्रालय ने यह भी बताया है कि इस दौरान भगोड़े अपराधियों से संबंधित 17,874 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की गई हैं.
सरकार ने कहा है कि मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) को सख्ती से लागू करके यह कार्रवाई की गई है. यह भी बताया गया है कि बीते तीन सालों में 501 भगोड़े अपराधियों के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए गए हैं. मद्रास हाईकोर्ट ने दिया उदयनिधि स्टालिन को छोड़ने का आदेश मद्रास हाईकोर्ट ने मंगलवार को तमिलनाडु पुलिस को निर्देश दिया कि वे डीएमके विधायक और विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन से पूछताछ पूरी होने के बाद उन्हें छोड़ दें. अभिनेत्री तृषा के बारे में कथित तौर पर "अपमानजनक" टिप्पणी करने के आरोप में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी और मंगलवार सुबह उन्हें हिरासत में लिया गया.
तमिलनाडु सरकार की ओर से पेश हुए एडवोकेट जनरल विजय नारायण ने कोर्ट को बताया कि पुलिस उनकी रिमांड नहीं मांगेंगी और पूछताछ पूरी होने के बाद उदयनिधि को जमानत पर छोड़ दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि महिलाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए उदयनिधि को गिरफ्तार किया गया था. उनकी गिरफ्तारी के बाद डीएमके कार्यकर्ताओं ने राज्य के कई हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन किए. तूतुकुड़ी में पूर्व मंत्री पी गीता जीवन समेत कई पार्टी कार्यकर्ताओं ने सड़क रोक कर विरोध-प्रदर्शन किया, जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया.
डीएमके कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उदयनिधि को राजनीतिक बदले की भावना से गिरफ्तार किया गया है. केजरीवाल बोले, ई-20 से छुटकारा पाने के लिए सड़कों पर उतरना पड़ेगा आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार, 4 अगस्त को कहा कि जनता को अगर ई-20 ईंधन से छुटकारा पाना है तो उन्हें सड़कों पर उतरना पड़ेगा और बहुत बड़े स्तर पर उतरना पड़ेगा. इसके लिए उन्होंने नीट पेपर लीक के मुद्दे पर हुए विरोध-प्रदर्शनों का भी उदाहरण दिया. केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के अन्य नेताओं ने मंगलवार को ई-20 ईंधन के खिलाफ प्रधानमंत्री आवास तक मार्च निकालने की भी कोशिश की.
हालांकि, दिल्ली पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया, जिसके बाद उन्होंने कुछ देर के लिए सड़क पर बैठकर ही विरोध-प्रदर्शन किया. केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि वे अपने साथ ई-20 ईंधन के खिलाफ 2.33 लाख से अधिक लोगों द्वारा साइन की गईं पिटीशन भी लेकर गए थे, जिन्हें प्रधानमंत्री मोदी तक पहुंचाने के लिए सौंप दिया गया. केजरीवाल ने लिखा कि उन्होंने पीएम मोदी से मिलने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया. इसके बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने आरोप लगाया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप दबाव बना रहे हैं कि “अमेरिका से इथेनॉल खरीदकर भारत में बेचो.” उन्होंने पीएम मोदी से अपील करते हुए कहा, “आप अमेरिका से इथेनॉल खरीदना बंद कीजिए.
ट्रंप के दबाव को बर्दाश्त करना सीखिए. पूरा देश परेशानी झेल रहा है.” टोक्यो के चिड़ियाघर में भीषण गर्मी की वजह से तीन शेरों की मौत जापान में पड़ रही जानलेवा गर्मी और उमस का शिकार अब वन्यजीव भी होने लगे हैं. टोक्यो के टामा जू में भीषण गर्मी और हीटस्ट्रोक के कारण पिछले एक हफ्ते में तीन शेरों की मौत हो गई, जबकि 10 अन्य शेर गंभीर रूप से बीमार हैं. प्रशासन ने शेरों की अचानक बिगड़ती तबीयत और मौत के बाद शेरों की प्रदर्शनी को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया है.
चिड़ियाघर ने बताया कि कई शेरों में सुस्ती, थकान और खाना न खाने जैसे शुरुआती लक्षण देखे गए थे. इसके बाद कुछ शेरों की हालत इतनी बिगड़ी कि वे खड़े होने में असमर्थ हो गए और बेहोश होने के बाद उन्होंने दम तोड़ दिया. चिड़ियाघर के कुल 16 शेरों में से 10 का इलाज जारी है. यह भी पढ़ें: हिमयुग के रहस्य: आखिर क्यों विलुप्त गुफा शेर थे सबसे अनोखे?
विशेषज्ञों के मुताबिक, भले ही शेरों का शरीर अफ्रीका की सूखी और तेज धूप को झेलने के लिए ढला होता है, लेकिन जापान की भीषण उमस उनके लिए जानलेवा साबित हो रही है. हवा में नमी का उच्च स्तर जानवरों के शरीर के तापमान को नियंत्रित नहीं होने देता, जिससे उन्हें हीटस्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. जापान इन दिनों ऐतिहासिक गर्मी का सामना कर रहा है, जहां पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है. जुलाई के अंत तक देश भर में लगभग 18,600 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था, जिनमें से 45 लोगों की मौत हो चुकी है.
यूईएफए ने फीफा प्रमुख जियानी इनफैनटिनो को दी कानूनी जंग की चेतावनी फुटबॉल की वैश्विक संस्था फीफा और यूरोपीय निकाय यूईएफए के बीच जुबानी जंग अब कानूनी लड़ाई में बदलती दिख रही है. यूईएफए ने भविष्य के विश्व कप मुनाफे की हिस्सेदारी निजी निवेशकों को बेचने की असफल योजना को लेकर फीफा को मुकदमे की चेतावनी दी है और सभी दस्तावेज व ईमेल सुरक्षित रखने को कहा है. इनफैनटिनो न्यूयॉर्क की एक बड़ी निवेश फर्म के जरिए निवेशकों से 4.2 अरब डॉलर जुटाने के लिए विश्व कप के भावी वित्तीय अधिकारों की हिस्सेदारी बेचना चाहते थे. हालांकि, मीडिया में खबर आते ही दुनियाभर में उपजे भारी विरोध और यूईएफए के 55 सदस्य देशों द्वारा फीफा आयोजनों के बहिष्कार की धमकी के बाद शनिवार को इस योजना को आनन-फानन में रद्द कर दिया गया.
यूईएफए ने फीफा को औपचारिक नोटिस जारी करते हुए हिदायत दी है कि इस मामले से जुड़ा कोई भी सबूत या डेटा नष्ट न किया जाए. नोटिस में जियानी इनफैनटिनो, मुख्य वित्तीय अधिकारी थॉमस पेयर और फीफा के ग्लोबल डेवलपमेंट हेड व दिग्गज कोच आर्सेन वेंगर सहित 18 शीर्ष अधिकारियों को नामजद किया गया है. यूईएफए का कहना है कि नोटिस मिलने के बाद किसी भी दस्तावेज या डिजिटल रिकॉर्ड को डिलीट या छिपाना सबूतों से छेड़छाड़ माना जाएगा. जर्मनी: सुपरमार्केट में घुसे नन्हे हेजहॉग ने उड़ाई पुलिस की नींद जर्मनी के हेसे राज्य में तड़के उस वक्त पुलिस महकमे में हलचल मच गई, जब एक सुपरमार्केट का अलार्म बज उठा.
किसी शातिर चोर को पकड़ने की नीयत से पहुंची पुलिस की टीम को मौके पर कोई अपराधी तो नहीं मिला, लेकिन एक भटका हुआ नन्हा हेजहॉग जरूर टहलता नजर आया. पूछताछ और शुरुआती जांच के बाद सामने आया कि यह नन्हा हेजहॉग शायद एक दिन पहले ही सुपरमार्केट के अंदर घुस आया होगा. दुकान बंद होने के समय कर्मचारियों का ध्यान इस पर नहीं गया और यह अंदर ही बंद रह गया. तड़के जब यह दुकान के अंदर सैर-सपाटा कर रहा था, तो इसका पैर किसी सेंसर से टकरा गया और अलार्म बज उठा.
पुलिस अधिकारियों ने इस हेजहॉग की जांच-पड़ताल की और पाया कि वह पूरी तरह सुरक्षित और सेहतमंद है. इसके बाद उसे बाहर ले जाकर आजाद कर दिया गया ताकि वह अपने घर वापस जा सके. कांग्रेस का आरोप, खरगोन हिंसा मामले में बीजेपी ने "बुलडोजर न्याय" किया कांग्रेस पार्टी के संचार प्रभारी और सांसद जयराम रमेश ने मध्य प्रदेश की बीजेपी सरकार पर खरगोन हिंसा मामले में "बुलडोजर न्याय" करने का आरोप लगाया है. उन्होंने इसका शिकार हुए लोगों को उचित मुआवजा देने और इस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है.
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “अप्रैल 2022 में खरगोन में रामनवमी जुलूस के दौरान हिंसा भड़कने के अगले ही दिन जिला प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई करते हुए शहर के पांच मुस्लिम बहुल इलाकों में 16 मकानों और 29 दुकानों को ध्वस्त कर दिया था.” उन्होंने आगे लिखा, “जुलाई 2026 में मध्य प्रदेश के सत्र न्यायालय ने 2022 की रामनवमी हिंसा के मामले में आरोपी सभी 11 मुस्लिम पुरुषों को बरी कर दिया. अदालत ने कहा कि उनके खिलाफ न तो कोई विश्वसनीय साक्ष्य था, न कोई गवाह और न ही कोई विधिसम्मत जांच की गई थी.” जयराम रमेश ने कहा कि अदालत द्वारा उन्हें निर्दोष करार दिए जाने के बावजूद, नरोत्तम मिश्रा के शब्दों में बीजेपी का "बुलडोजर न्याय" तो वर्षों पहले ही दे दिया गया था. उन्होंने राज्य के तत्कालीन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि "जिस घर से पत्थर आए हैं, उस घर को ही पत्थरों का ढेर बनाएंगे." हिरासत में लिए गए तमिलनाडु के नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन तमिलनाडु पुलिस ने मंगलवार, 4 अगस्त को डीएमके नेता और तमिलनाडु विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन को हिरासत में ले लिया. न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, अभिनेत्री तृषा के खिलाफ कथित तौर पर "अपमानजनक" टिप्पणी करने के आरोप में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई और फिर उन्हें हिरासत में लिया गया.
एएनआई के मुताबिक, उदयनिधि ने सोमवार को थंजावुर में कावेरी जल विवाद के मुद्दे पर एक जनसभा को संबोधित किया. इस दौरान भीड़ की ओर से “तृषा, तृषा” के नारे लगे. इसके बाद उदयनिधि कुछ पल के लिए रुके और फिर कथित तौर पर कहा, "पानी कहीं और पहुंचे या न पहुंचे, उसे वहां जरूर पहुंचना चाहिए." इसके बाद उन्होंने सफाई दी कि वे कावेरी के पानी के बारे में बात कर रहे थे. मुख्यमंत्री विजय की पार्टी टीवीके ने इस बयान की कड़ी आलोचना की.
पार्टी की महिला विंग ने थंजावुर पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई. पार्टी का आरोप है कि उदयनिधि ने तृषा कृष्णन के बारे में दोहरे अर्थ वाली टिप्पणी की. टीवीके के विधायक रेवंत चरण ने डीएमके पर राजनीतिक चर्चा का स्तर गिराने का आरोप लगाया. डीएमके की सांसद कनिमोझी ने टीवीके सरकार पर दमनकारी रणनीति अपनाने का आरोप लगाया है.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “विपक्ष के नेता को इस तरह गिरफ्तार करना, सिर्फ इसलिए कि वे कल से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में भाग न ले सकें, घोर कायरता है.” डाबर "100 फीसदी" के भ्रामक दावों के साथ नहीं बेच सकेगा अपने उत्पाद भारत के खाद्य सुरक्षा नियामक ने डाबर इंडिया के लिए एक आदेश जारी कर कहा है कि कंपनी “100 फीसदी” के भ्रामक दावों के साथ अपने खाद्य उत्पाद नहीं बेच सकेगी. डाबर का शहद, गाय का घी, सेब का सिरका, नारियल तेल, नारियल पानी और नारियल दूध समेत कई उत्पाद भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) द्वारा लगाए गए प्रतिबंध के दायरे में आएंगे. एफएसएसएआई ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि डाबर की वेबसाइट पर कुछ उत्पाद "100 फीसदी प्राकृतिक", "100 फीसदी शुद्ध" और "100 फीसदी जैविक" होने के दावों के साथ बेचे गए, जो अस्पष्ट और अप्रमाणित थे और ग्राहकों को गुमराह कर सकते थे. एफएसएसएआई ने कहा कि डाबर को पहले भी नोटिस जारी कर “100 फीसदी” के भ्रामक दावे न करने के लिए कहा गया था, लेकिन डाबर ने इसका पालन नहीं किया.
एफएसएसएआई ने यह भी कहा कि डाबर के कई उत्पादों पर जैविक भारत का लोगो लगा हुआ था. यह सर्टिफिकेशन उन उत्पादों को मिलता है, जिन्हें एफएसएसएआई जैविक उत्पाद के तौर पर मान्यता देता है. हालांकि, डाबर ने खाद्य सुरक्षा नियामक की अनुमति के बिना इसका इस्तेमाल किया. अब एफएसएसएआई ने डाबर को 15 दिनों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा है.

