भारत और दुनिया की बड़ी खबरें एक साथ, एक ही जगह पढ़ने के लिए आप सही पेज पर हैं. इस लाइव ब्लॉग को हम लगातार अपडेट कर रहे हैं, ताकि ताजा खबरें आप तक पहुंचा सकें.जम्मू-कश्मीर को पाकिस्तान में दिखाने पर नेपाल एयरलाइंस ने मांगी माफी डॉनल्ड ट्रंप की धमकी के बाद तेल की कीमत 4 साल के उच्चस्तर पर ट्रंप को धमकाने के आरोपों में एफबीआई के पूर्व निदेशक अदालत में पेश हुए ऑपरेशन सिंदूर अपनी शर्तों पर रोका, जरूरत पड़ती, तो लंबी लड़ाई के लिए भी तैयार थे: राजनाथ सिंह प्रेस की आजादी 25 वर्षों में सबसे निचले स्तर पर रेप से गर्भवती होने पर डिलीवरी के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट हज यात्रियों पर ₹10,000 हवाई किराया बढ़ोतरी, सरकार के फैसले का विरोध कांग्रेस का आरोप जाति जनगणना में देरी चाहते हैं पीएम मोदी हज यात्रियों पर ₹10,000 हवाई किराया बढ़ोतरी, सरकार के फैसले का विरोध हज कमेटी ऑफ इंडिया ने इस साल हज पर जाने वाले सभी भारतीय यात्रियों 10,000 रुपये अतिरिक्त हवाई किराया जमा कराने का निर्देश दिया है.
28 अप्रैल को जारी सर्कुलर में कहा गया है कि यह राशि 15 मई तक जमा करनी होगी, भले ही हज यात्री किसी डिपार्चर प्वाइंट से रवाना हों. हज के लिए विमानों की उड़ानें 24 अप्रैल से शुरू हो चुकी हैं और देशभर से करीब 1.75 लाख जायरीन इस साल हज यात्रा कर रहे हैं. केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में मौजूदा भूराजनीतिक हालात के चलते एविएशन टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है, जिसके कारण एयरलाइंस ने किराया बढ़ाने की मांग की थी. मंत्री के मुताबिक एयरलाइंस प्रति यात्री 300–400 डॉलर तक की वृद्धि चाहती थीं, लेकिन सरकार की बातचीत के बाद इसे लगभग 100 डॉलर तक सीमित किया गया, ताकि हज संचालन में कोई बाधा न आए.
इस फैसले पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर कड़ी आलोचना हो रही है. एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र से भारतीय हज कमेटी द्वारा जारी सर्कुलर वापस लेने की मांग की. उन्होंने कहा कि ज्यादातर हज यात्री अमीर नहीं होते और सालों की बचत के बाद हज यात्रा करते हैं. कांग्रेस का आरोप जाति जनगणना में देरी चाहते हैं पीएम मोदी कांग्रेस के संचार प्रभारी जयराम रमेश ने गुरुवार को कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जाति जनगणना को 2027 की जनगणना में शामिल करने की घोषणा को एक साल बीत चुका है, लेकिन इसके तौर-तरीकों और विस्तृत विवरणों का अब तक खुलासा नहीं किया गया है.
उन्होंने आरोप लगाया कि इस अहम मुद्दे पर ना तो विपक्षी दलों से कोई संवाद किया गया और ना ही राज्य सरकारों या विशेषज्ञों से सलाह-मशविरा हुआ. भारत: डिजिटल जनगणना के डेटा का राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल का सता रहा डर जातिगत जनगणना पर अब बीजेपी ने क्यों कहा, हां जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से विपक्ष से माफी मांगने की मांग की है. उन्होंने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री ने पहले जाति जनगणना की मांग को "अर्बन नक्सल" सोच बताया था, जबकि बाद में सरकार ने इसे स्वीकार करते हुए बड़ा यू-टर्न लिया. जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर घटनाक्रम गिनाते हुए कहा कि शुरुआत में सरकार जाति-आधारित गणना के खिलाफ थी, लेकिन दबाव के बाद उसने अपना रुख बदला.
कांग्रेस नेता ने बताया कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर जाति जनगणना के लिए तेलंगाना मॉडल अपनाने का सुझाव दिया था, लेकिन उस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली. रमेश ने आरोप लगाया कि संसद के हालिया सत्र से यह संकेत मिलता है कि सरकार जानबूझकर जाति जनगणना में देरी कर रही है, जबकि देश की जनता अब भी इस पर स्पष्टता और जवाब चाहती है. जर्मनी में कई बच्चों के साथ यौन दुर्व्यवहार के आरोप में बुजुर्ग आदमी गिरफ्तार जर्मनी में 84 साल के एक आदमी को कई बच्चों के साथ यौन दुर्व्यवहार करने के संदेह में पकड़ा गया है. ये अपराध उसने कई सालों के दौर में किए हैं.
जांच अधिकारी सैकड़ों अपराध करने के आरोप लगा रहे हैं. अधिकारियों ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी. जर्मन शहर श्टुटगार्ट की पुलिस और अभियोजकों के मुताबिक इस आदमी पर बच्चों को यौनाचार करने के लिए मजबूर करने के आरोप हैं. यह काम वह परिवार और एक सार्वजनिक स्विमिंग पूल में करता था.
इसी साल फरवरी में श्टुटगार्ट की एक थर्मल स्पा में एक बच्चे के साथ यौन दुर्व्यवहार की घटना के बाद इसके बारे में जानकारी मिली. वहां 10 साल के एक बच्चे के साथ दुर्व्यवहार हुआ था. पुलिस ने उस आदमी को पकड़ लिया और उसके बाद गवाहों के बयान से पुलिस को जांच का दायरा बढ़ाने से सुराग मिले. जर्मन चर्चों में नाबालिगों के साथ दशकों तक हुआ दुर्व्यवहार संदिग्ध को औपचारिक रूप से मंगलवार को हिरासत में लिया गया.
उसी दिन अदालत ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी किया था. अभियोजकों ने यह नहीं बताया है कि कथित दुर्व्यवहार कितने लंबे समय तक जारी रहा और कितने पीड़ित इसमें शामिल हैं. गाजा की ओर राहत सामग्री ले जा रही नावों को इस्राएल ने रोका गाजा के लिए राहत सामग्री ले कर जा रहे एक बेड़े में शामिल कई नावों को इस्राएल ने रास्ते में रोक लिया है. राहत सामग्री भेजने वाले आयोजकों का कहना है कि इस्राएल की सेना ने ग्रीस के पास अंतरराष्ट्रीय जल में 211 कार्यकर्ताओं का "अपरहण" कर लिया है.
इन लोगों में पेरिस के एक सिटी काउंसिलर भी शामिल हैं. ग्लोबल सुमुद फ्रांस नाम के संगठन की प्रवक्ता हेलेन कोरों ने एक ऑनलाइन न्यूज कांफ्रेंस में कहा है कि यह कार्रवाई ग्रीक आइलैंड क्रीट के पास हुई है. गाजा में दो साल युद्ध के बाद इस्राएल को क्या मिला? यह जगह गाजा के तट से काफी ज्यादा दूर है.
बेड़े की एक नाव पर सवार कार्यकर्ता यास्मीन स्कोला ने कहा है कि उनके सहकर्मियों का इस्राएल ने "अपहरण" कर लिया है. इस्राएल के विदेश मंत्रालय ने हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या 175 बताई है. कोरों का यह भी कहना है, "हमारे पास दूसरी राष्ट्रीयता वाले लोगों के बारे में जानकारी नहीं है लेकिन नावों पर कई देशों के लोग थे, सभी 48 प्रतिनिधिमंडलों के क्रू सदस्य भी थे." इटली सरकार ने बयान जारी कर "गैरकानूनी तरीके से हिरासत में लिए गए" सभी इटलीवासियों को तुरंत रिहा करने की मांग की है. नावों के बेड़े में कुल 58 नावें हैं.
ताजा जानकारी मिलने तक इनमें से कम से कम 22 नावों को इस्राएली सेना ने अपने नियंत्रण में लिया है. ईरान के सुप्रीम लीडर ने कहा, अमेरिका की "अपमानजनक हार" हुई ईरान के सुप्रीम लीडर अयातोल्लाह मोजतबा खमेनेई ने एक लिखित बयान जारी कर कहा है कि अपने ईरान युद्ध में अमेरिका हार चुका है. खमेनेई का यह लिखित बयान ईरान की सरकारी मीडिया में पढ़ कर प्रसारित किया गया. बयान में खमनेई ने कहा है, "इलाके में दुनिया के दादाओं की सबसे बड़ी सैन्य तैनाती और हमले के दो महीने बाद आज अमेरिका अपनी योजनाओं में अपमानजनक तरीके से हार गया है, फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में एक नया अध्याय खुल रहा है." ईरान के सुप्रीम लीडर ने गुरुवार को जारी बयान में यह भी कहा है कि इस्लामिक रिपब्लिक "अपनी परमाणु और मिसाइल क्षमताओं की राष्ट्रीय संपत्ति के रूप में रक्षा करेगा." इस बयान में मोजतबा खमेनेई ने कठोर रुख अपनाने के संकेत दिए हैं, वह भी ऐसे समय में जब अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप व्यापक समझौता करना चाहते हैं ताकि संघर्षविराम को मजबूती दी जा सके. खमेनेई ने कहा है कि फारस की खाड़ी में अमेरिकियों के लिए सिर्फ एक ही जगह है जो "पानी के नीचे है." खमेनेई ने कहा है, "अल्लाह की मदद और ताकत से फारस की खाड़ी के क्षेत्र का भविष्य उज्जवल और बगैर अमेरिका के होगा, जो अपने लोगों की प्रगति, सुविधा और समृद्धि के लिए काम करेगा." मोजतबा खमेनेई ने यह भी कहा है, "हम अपने पड़ोसियों के साथ फारस और ओमान की खाड़ी साझा करते हैं और हमारी साझी नियति है.
विदेशी जो हजारों किलोमीटर दूर से आते हैं, वे अपने लालच और दुर्भावना के लिए काम करते हैं, उनकी यहां कोई जगह नहीं है सिवाय पानी के भीतर जाने के." माना जाता है कि 28 फरवरी को जिस हमले में उनके पिता पूर्व सुप्रीम लीडर अयातोल्लाह अली खमेनेई की मौत हुई उसमें वह भी घायल हो गए थे. यूरोप में अमेरिकी सेना की तैनाती, अमेरिका के हित मेंः ईयू यूरोपीय संघने कहा है कि यूरोप में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती अमेरिका के हित में थी. राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने जर्मनी में सैनिकों की तैनाती घटाने की धमकी दी है. यूरोपीय संघ की प्रवक्ता अनित्ता हिप्पर का कहना है कि अमेरिका, "यूरोप की सुरक्षा और रक्षा के योगदान में एक प्रमुख सहयोगी था.
यूरोप में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती उसकी वैश्विक भूमिका के लिए अमेरिकी हित में थी." डॉनल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका जर्मनी में अपनी सेना की तैनाती घटाने पर विचार कर रहा है. इसके पहले जर्मन चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स ने ईरान युद्ध को लेकर अमेरिका की आलोचना की थी. ईरान युद्ध के मामले में नाटो के साथ असहमति के दौर में यह नया विवाद उठ खड़ा हुआ है. ट्रंप पहले से ही इस इस युद्ध में नाटो का सहयोग नहीं मिलने की आलोचना कर रहे हैं.
नाटो में योगदान को लेकर डॉनल्ड ट्रंप की चिंताओं और यूक्रेन पर रूसी हमले को देखते हुए यूरोपीय देश पहले ही अपने रक्षा खर्च को बढ़ाना शुरू कर चुके हैं. हिप्पर का कहना है, "हमारे नाटो सहयोगी भी अभूतपूर्व रफ्तार से अपना रक्षा खर्च बढ़ा रहे हैं." उन्होंने ध्यान दिलाया कि जर्मनी अगले कुछ सालों में अपना रक्षा खर्च तीन गुना तक बढ़ाने जा रहा है. आईपीएल: ड्रेसिंग रूम में वेपिंग करने वाले राजस्थान रॉयल्स के कप्तान पर जुर्माना राजस्थान रॉयल्स (आरआर) के कप्तान रियान पराग पर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 के एक मैच के दौरान ड्रेसिंग रूम में वेपिंग करने के मामले में कार्रवाई की गई है. पंजाब किंग्स के खिलाफ खेले गए मैच में आचार संहिता के उल्लंघन के लिए पराग पर उनकी मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है और उन्हें एक डिमेरिट प्वाइंट भी दिया गया है.
आईपीएल ने इसे "खेल की साख को नुकसान पहुंचाने वाला आचरण" करार दिया है. आईपीएल की ओर से जारी बयान के मुताबिक, यह घटना मैच की दूसरी पारी के दौरान हुई, जब रियान पराग को ड्रेसिंग रूम के भीतर वेप का इस्तेमाल करते देखा गया. पराग ने आचार संहिता के लेवल-1 उल्लंघन को स्वीकार कर लिया और मैच रेफरी अमित शर्मा की सुनाई सजा को मान लिया है. वहीं, बीसीसीआई ने भी आईपीएल की छवि बनाए रखने के लिए इस मामले में आगे कड़ी कार्रवाई के विकल्पों पर विचार शुरू कर दिया है.
भारत में 2019 से ई-सिगरेट के उत्पादन, बिक्री और वितरण पर प्रतिबंध लागू है. 30 कछुओं के साथ बैंकॉक के एयरपोर्ट पर युवती गिरफ्तार थाईलैंड के अधिकारियों ने 19 साल की एक लड़की को बैंकॉक एयरपोर्ट पर 30 संरक्षित कछुओं के साथ गिरफ्तार किया है. उसने इन कछुओं को टेप के सहारे अपने कपड़ों में छिपा रखा था. इनकी कीमत करीब 9,000 अमेरिकी डॉलर बताई जा रही है.
वन्यजीव विभाग के अधिकारियों ने बुधवार को इसकी जानकारी दी. थाईलैंड वन्यजीव के तस्करों का एक प्रमुक ठिकाना है. लुप्त होने का खतरा झेल रहे जीवों को अकसर यहां से एशिया के ब्लैक मार्केट में बेचा जाता है. अधिकारियों को ताइवान की इस लड़की पर तब शक हुआ जब वह मंगलवार सुबह ताइपे के लिए विमान में सवार होने वाली थी.
सुवर्णभूमि एयरपोर्ट के डिपार्चर टर्मिनल पर उसकी तलाशी ली गई तो उसके पास से 30 कछुए निकले जिनमें से एक की मौत हो गई थी. अधिकारियों ने बताया, "संदिग्ध ने उन्हें कपड़ों के थैले में रख कर एड्हेसिव टेप की मदद से उन्हें अपने शरीर पर चिपका रखा था." अधिकारियों का यह भी कहना है कि ये कछुए संरक्षित प्रजाति के हैं. ये कछुए इंडियन स्टार प्रजाति के हैं जिन्हें लुप्त होने का खतरा झेलने वाले जीवों में शामिल किया गया है. युवती पर कस्टम के नियंत्रण का उल्लंघन करने और अवैध तरीके से जीवों को ले जाने का आरोप लगाया है.
अधिकारियों का यह भी कहना है कि वे इस बात की जांच कर रहे है कि क्या संदिग्ध तस्करी के किसी नेटवर्क से जुड़ी हुई है. जीवित कछुओं को वन्यजीव संरक्षण अधिकारियों के हवाले कर दिया गया है. एग्जिट पोल: किस राज्य में किसकी बन सकती है सरकार पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के एग्जिट पोल सामने आ गए हैं. पश्चिम बंगाल में 294 सीटों पर हुए चुनाव में तस्वीर अब भी धुंधली है.
कुछ सर्वे टीएमसी और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर बता रहे हैं, जबकि कुछ में टीएमसी को स्पष्ट बढ़त दिखाई गई है. राज्य में सरकार बनाने के लिए 148 सीटों की जरूरत होगी और अंतिम फैसला 4 मई को मतगणना के बाद ही सामने आएगा. पश्चिम बंगाल चुनाव: दूसरे दौर में मतुआ समुदाय की भूमिका अहम असम के ज्यादातर एग्जिट पोल बीजेपी की सत्ता में वापसी का संकेत दे रहे हैं. तमिलनाडु में डीएमके गठबंधन को बढ़त मिलती दिख रही है, हालांकि कुछ सर्वे अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके के मजबूत प्रदर्शन का भी दावा कर रहे हैं.
केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ को एग्जिट पोल में आगे बताया गया है. कांग्रेस का कहना है कि तमिलनाडु और केरल में उसकी स्थिति मजबूत है. बीजेपी के नेताओं का दावा है कि चार मई को जिन राज्यों में चुनाव हुआ है वहां कमल का फूल खिलेगा. बीजेपी के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि चुनाव नतीजे लोकतंत्र की जीत साबित होंगे और इस बार चुनाव अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण रहे हैं.
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में पहले के चुनावों की तुलना में हिंसा ना के बराबर रही, जिसका श्रेय केंद्रीय बलों की तैनाती, चुनाव आयोग और केंद्रीय एजेंसियों को जाता है. एग्जिट पोल का हवाला देते हुए पूनावाला ने दावा किया कि एनडीए असम में तीसरी बार सरकार बनाएगा, तमिलनाडु में एआईएडीएमके के साथ सत्ता में लौटेगा, पुडुचेरी में वापसी करेगा और पश्चिम बंगाल में बदलाव तय है.8* कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को आए एग्जिट पोल के बाद तमिलनाडु में डीएमके गठबंधन और केरल में यूडीएफ की वापसी को लेकर भरोसा जताया. उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में डीएमके को स्पष्ट बहुमत मिलने की उम्मीद है, जबकि केरल में यूडीएफ बहुमत के साथ सरकार बनाएगा. हालांकि खरगे ने माना कि असम और पुडुचेरी में कांग्रेस के लिए मुकाबला कठिन है.
पश्चिम बंगाल को लेकर उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर है और किसी भी संभावित समर्थन पर फैसला नतीजों के बाद ही लिया जाएगा. रेप से गर्भवती होने पर डिलीवरी के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने सुप्रीम कोर्ट में एक क्यूरेटिव याचिका दायर कर उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें 15 साल की नाबालिग लड़की को 30 सप्ताह की गर्भावस्था समाप्त करने की अनुमति दी गई थी. एम्स का कहना है कि गर्भावस्था के इतने उन्नत चरण में गर्भपात कराना नाबालिग के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए दीर्घकालिक रूप से हानिकारक साबित हो सकता है. प्रेग्नेंसी में ब्लड टेस्ट पर जर्मन संसद में क्यों छिड़ी बहस इस मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एम्स को निर्देश दिया कि वह पीड़िता के माता-पिता को गर्भपात से जुड़े चिकित्सा और भावनात्मक पहलुओं पर सलाह दे.
अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे संवेदनशील मामलों में अंतिम निर्णय पीड़ित व्यक्ति की सहमति और समझ पर आधारित होना चाहिए, ताकि निर्णय पूरी तरह जानकारी पर आधारित हो. चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने कहा कि यह बच्ची से बलात्कार का मामला है और अगर गर्भावस्था समाप्त करने की अनुमति नहीं दी जाती है, तो पीड़िता को जीवनभर का मानसिक आघात और पीड़ा झेलनी पड़ सकती है. बेंच ने यह भी कहा कि अगर मां को किसी तरह की स्थायी विकलांगता का खतरा नहीं है, तो गर्भ समापन की प्रक्रिया की जानी चाहिए. नाबालिग गर्भवती रेप पीड़ितों की मदद के लिए नयी योजना अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अनचाही गर्भावस्था को किसी नाबालिग पर थोपा नहीं जा सकता.
कोर्ट ने कहा, "वह एक बच्ची है, जिसे इस उम्र में पढ़ाई करनी चाहिए, ना कि मां बनने के दर्द, अपमान और सामाजिक दबाव से गुजरना चाहिए. अदालत ने आगे कहा, "उसने जो पीड़ा और अपमान सहा है, उसकी कल्पना कीजिए." एम्स की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने दलील दी कि 30 सप्ताह में गर्भपात कराना चिकित्सकीय रूप से संभव नहीं है और इससे एक जीवित बच्चा जन्म ले सकता है, जिसमें गंभीर विकृतियां हो सकती हैं. उन्होंने कहा कि नाबालिग मां को जीवनभर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है और भविष्य में उसकी प्रजनन क्षमता भी प्रभावित हो सकती है. हालांकि, अदालत ने दोहराया कि गर्भावस्था समाप्त करने या नहीं करने का अंतिम फैसला पीड़िता और उसके माता-पिता का ही होगा और एम्स उन्हें सोच समझकर फैसला करने में मदद कर सकता है.
भारत में गर्भपात की समयसीमा 20 से बढ़ाकर 24 हफ्ते की जाएगी 24 अप्रैल को जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ने 30 सप्ताह की गर्भावस्था समाप्त करने की इजाजत दी थी. ऑपरेशन सिंदूर अपनी शर्तों पर रोका, जरूरत पड़ती, तो लंबी लड़ाई के लिए भी तैयार थे: राजनाथ सिंह भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को कहा कि सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर को अपनी मर्जी और अपनी शर्तों पर रोका था, ना कि किसी सैन्य कमजोरी के कारण. समाचार एएनआई नेशनल सिक्योरिटी समिट 2.0 में बोलते हुए उन्होंने साफ किया कि यह फैसला पूरी तरह रणनीतिक था और भारत की सैन्य क्षमता में कोई कमी नहीं आई है. उन्होंने कहा, "मैं यहां फिर से स्पष्ट कर देना चाहता हूं, कि हमने वह ऑपरेशन इसलिए बंद नहीं किया, कि हमारी क्षमता कम हो गई थी.
हमने उसे अपनी मर्जी से, अपनी शर्तों पर रोका. अगर जरूरत पड़ती, तो हम लंबी लड़ाई के लिए भी पूरी तरह से तैयार थे. अचानक जरूरत के समय, क्षमता विस्तार करने की ताकत भी, हमारे पास मौजूद थी, थी ही नहीं, बल्कि अभी भी है और पहले से और अधिक दुरुस्त है." ऑपरेशन सिंदूर 6 मई से 10 मई 2025 के बीच चलाया गया था. यह कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले के जवाब में की गई थी, जिसमें 25 पर्यटक और एक स्थानीय निवासी की मौत हो गई थी.
राजनाथ सिंह ने कहा कि हमले के दिन उन्होंने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, तीनों सेनाओं के प्रमुखों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तत्काल बैठक की थी और सशस्त्र बलों की तैयारियों की सराहना की. रक्षा मंत्री ने उभरती सुरक्षा चुनौतियों, खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़े खतरों का भी जिक्र किया. उन्होंने सुदर्शन एयर डिफेंस जैसी परियोजनाओं का हवाला देते हुए कहा कि सशस्त्र बल एआई, मशीन लर्निंग और बिग डेटा का इस्तेमाल कर अपनी क्षमताओं को मजबूत कर रहे हैं, जिससे भविष्य में भारत ना केवल अधिक सुरक्षित बल्कि अधिक सशक्त भी बनेगा. प्रेस की आजादी 25 वर्षों में सबसे निचले स्तर पर प्रेस की आजादी 25 वर्षों में सबसे निचले स्तर पर चली गई है.
मीडिया अधिकारों की वकालत करने वाली रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (आरएसएफ) ने गुरुवार को यह जानकारी दी. यह संगठन हर साल प्रेस फ्रीडम इंडेक्स जारी करता है. संगठन का कहना है, "इंडेक्स के 25 साल के इतिहास में पहली बार दुनिया के आधे से ज्यादा देश प्रेस के लिहाज से 'मुश्किल' या फिर 'बेहद गंभीर' श्रेणी में आ गए हैं. संगठन के मुताबिक, "सभी देशों और इलाकों का औसत स्कोर पहले कभी इतना कम नहीं रहा." अभिव्यक्ति की आजादी पूरी दुनिया में चुनौतियां झेल रही है.
संगठन ने इंडेक्स जारी करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के पत्रकारों पर "ढांचागत" हमलों और सऊदी अरब का जिक्र किया जिसने 2025 में एक पत्रकार को फांसी की सजा दी थी. आरएसएफ का कहना है कि प्रेस की आजादी के लिहाज से "अच्छा" माने जाने वाले देशों में रहने वाली आबादी 20 फीसदी से घट कर 1 फीसदी के नीचे आ गई है. उत्तरी यूरोप के केवल सात देश ही इस श्रेणी में आते हैं. नॉर्वे इन देशों में सबसे ऊपर है.
अमेरिका पहले इस मामले में "काफी अच्छा" कहे जाने वाले देशों की श्रेणी में था लेकिन 2024 में यह वहां से गिर कर "मुश्किल" श्रेणी में आ गया. 2024 में ही डॉनल्ड ट्रंप दोबारा राष्ट्रपति चुने गए थे उसके बाद यह सात स्थान और गिर कर अब 64वें नंबर पर पहुंच गया है. व्लादिमीर पुतिन के नेतृत्व वाला रूस भी 172वें नंबर पर है. आरएसएफ के मुताबिक अप्रैल 2026 में वहां 48 पत्रकार जेल में थे.
2026 में सबसे ज्यादा गिरावट सैन्य शासन वाले नाइजर में आया है. 37 स्थान नीचे गिर कर यह 120वें नंबर पर पहुंच गया है. इंडेक्स में जर्मनी 14वें नंबर पर है जबकि चीन 172वें और भारत 157वें नंबर पर. शीर्ष पर मौजूद तीन देशों में नॉर्वे के अलावा नीदरलैंड्स और एस्तोनिया हैं.
डेनमार्क चौथे और स्वीडन पांचवें नंबर पर है. जम्मू-कश्मीर को पाकिस्तान में दिखाने पर नेपाल एयरलाइंस ने मांगी माफी नेपाल एयरलाइंस ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक मैप में भारतीय क्षेत्रों को गलत तरीके से दिखाए जाने पर माफी मांगी. मीडिया रिपोर्टों में बताया जा रहा है कि एयरलाइन ने जम्मू-कश्मीर को पाकिस्तान का हिस्सा दिखाया था. विवाद उठने के बाद एयरलाइन ने कहा कि यह मैप नेपाल या नेपाल एयरलाइंस के आधिकारिक रुख को नहीं दर्शाता.
एक्स पर जारी बयान में कंपनी ने बताया कि पोस्ट में "गंभीर मानचित्रात्मक त्रुटियां" थीं, जिसके चलते इसे तुरंत हटा दिया गया. पड़ोसियों से भारत के रिश्तों पर चीन का साया नेपाल एयरलाइंस ने अपने बयान में कहा कि वह इस चूक के लिए खेद जताती है और भविष्य में ऐसी गलतियों से बचने के लिए आंतरिक समीक्षा कर रही है. एयरलाइन ने कहा कि वह क्षेत्र में अपने पड़ोसियों के साथ मजबूत रिश्तों को महत्व देती है और इस पोस्ट से किसी को ठेस पहुंची हो तो उसके लिए वह अफसोस जताती है. भारत और नेपाल के बीच लिंपियाधुरा, कालापानी और लिपुलेख को लेकर लंबे समय से सीमा विवाद चला आ रहा है.
इससे पहले 2020 में नेपाल के नया राजनीतिक नक्शा जारी किए जाने और कालापानी को भारत के मानचित्र में दिखाए जाने पर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा था. इन इलाकों को लेकर दोनों देशों के दावे लंबे समय से कूटनीतिक मतभेद का कारण बने हुए हैं. डॉनल्ड ट्रंप की धमकी के बाद तेल की कीमत 4 साल के उच्चस्तर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी महीनों तक जारी रह सकती है. इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का भाव चार साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया.
गुरुवार सुबह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत का अमेरिकी बेंचमार्क ब्रेंट पांच फीसदी बढ़ कर जून की डिलीवरी के लिए 124 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गया. ईरान और अमेरिका के बीच कूटनीति अटकी हुई है. इस बीच बुधवार को डॉनल्ड ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से टेलिफोन पर बात की. पुतिन ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका और इस्राएल, ईरान के खिलाफ युद्ध दोबारा शुरू करते हैं तो इसके "नुकसानदेह नतीजे" होंगे.
तेल क्षेत्र के अधिकारियों से मुलाकात के दौरान ट्रंप ने कहा कि ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी बमबारी से ज्यादा असरदार साबित हुई है. ईरान यह मांग कर रहा है कि कोई समझौता होने से पहले नाकेबंदी को खत्म करना होगा. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बुधवार को कहा कि उसने "नाकेबंदी का उल्लंघन करने वाले 42 कारोबारी जहाजों को लौटा कर अहम उपलब्धि हासिल की है." सेंट्रल कमांड के मुताबिक "41 टैंकरों में 6.9 करोड़ बैरल तेल था जो ईरान की सरकार नहीं बेच सकी." इस तेल की अनुमानित कीमत करीब 6 अरब अमेरिकी डॉलर है. ट्रंप को धमकाने के आरोपों में एफबीआई के पूर्व निदेशक अदालत में पेश हुए अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई के पूर्व निदेशक जेम्स कोमी बुधवार को वर्जीनिया में अदालत में पेश हुए.
उन पर एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए राष्ट्रपतिडॉनल्ड ट्रंप के जीवन के लिए खतरा पैदा करने के आरोप हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति के मुखर आलोचक कोमी पर कई दूसरे संघीय अपराधों के तहत भी आरोप लगाए गए हैं. मई 2025 में उन्होंने एक इंस्टाग्राम पर शंखों की एक तस्वीर डाली थी. तस्वीर में शंखों को नॉर्थ कैरोलाइना की एक बीच पर 8647 की आकृति में सजाया गया था.
ट्रंप का कहना है कि यह कूट भाषा में एक धमकी थी. कोमी पर "जान बूझ कर अमेरिकी राष्ट्रपति को शारीरिक रूप से नुकसान पहुंचाने और उनकी जान पर खतरा पैदा करने के आरोप गए हैं." इसके साथ ही उन पर किसी और देश की तरफ से खतरा पैदा करने का भी आरोप लगाया गया है. इन दोनों में से हरेक के लिए उन्हें 10 साल की कैद की सजा हो सकती है. एफबीआई के पूर्व निदेशक अलेक्जैंड्रिया की अदालत में सुनवाई के लिए हाजिर हुए और वहां से उन्हें बाद में घर जाने की अनुमति मिल गई. कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल टोड ब्लांशे ने पत्रकारों से कहा है कि वह नहीं जानते कोमी दोबारा कब अदालत में पेश होंगे.
ब्लांशे से जब पूछा गया कि क्या कोई भी अगर "8647" नंबरों को पोस्ट करेगा उस पर यही आरोप लगेंगे? जवाब में ब्लांशे ने कहा, "हरेक धमकी अलग है, हर बार जब राष्ट्रपति को धमकी दी जाएगी तो यह जरूरी नहीं कि उसके लिए अभियोग लगे. यह जांच पर निर्भर है. यह सभी दूसरे कारकों पर निर्भर है." डॉनल्ड ट्रंप का कहना है कि एफबीआई के पूर्व प्रमुख "अच्छी तरह से" भावार्थ जानते थे. अदालत में सुनवाई के बाद ट्रंप ने अपने सोशल प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर लिखा है, "8647 का मतलब है 'राष्ट्रपति ट्रंप को मार दो.' जेम्स कोमी जो एक बुरे पुलिसकर्मी हैं, सबसे बुरे में से एक, इसे अच्छी तरह जानते थे." इंस्टाग्राम पोस्ट डालने के बाद कोमी ने इसके लिए माफी मांगी और कहा था कि उन्हें, "नहीं पता था कि कुछ लोग इन संख्याओं को हिंसा से जोड़ेंगे." कोमी ने यह भी कहा, "मेरे सामने यह कभी नहीं आया लेकिन मैं हर तरह की हिंसा का विरोध करता हूं और इस पोस्ट को हटा रहा हूं."
इस फैसले पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर कड़ी आलोचना हो रही है. एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र से भारतीय हज कमेटी द्वारा जारी सर्कुलर वापस लेने की मांग की. उन्होंने कहा कि ज्यादातर हज यात्री अमीर नहीं होते और सालों की बचत के बाद हज यात्रा करते हैं. कांग्रेस का आरोप जाति जनगणना में देरी चाहते हैं पीएम मोदी कांग्रेस के संचार प्रभारी जयराम रमेश ने गुरुवार को कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जाति जनगणना को 2027 की जनगणना में शामिल करने की घोषणा को एक साल बीत चुका है, लेकिन इसके तौर-तरीकों और विस्तृत विवरणों का अब तक खुलासा नहीं किया गया है.
उन्होंने आरोप लगाया कि इस अहम मुद्दे पर ना तो विपक्षी दलों से कोई संवाद किया गया और ना ही राज्य सरकारों या विशेषज्ञों से सलाह-मशविरा हुआ. भारत: डिजिटल जनगणना के डेटा का राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल का सता रहा डर जातिगत जनगणना पर अब बीजेपी ने क्यों कहा, हां जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से विपक्ष से माफी मांगने की मांग की है. उन्होंने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री ने पहले जाति जनगणना की मांग को "अर्बन नक्सल" सोच बताया था, जबकि बाद में सरकार ने इसे स्वीकार करते हुए बड़ा यू-टर्न लिया. जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर घटनाक्रम गिनाते हुए कहा कि शुरुआत में सरकार जाति-आधारित गणना के खिलाफ थी, लेकिन दबाव के बाद उसने अपना रुख बदला.
कांग्रेस नेता ने बताया कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर जाति जनगणना के लिए तेलंगाना मॉडल अपनाने का सुझाव दिया था, लेकिन उस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली. रमेश ने आरोप लगाया कि संसद के हालिया सत्र से यह संकेत मिलता है कि सरकार जानबूझकर जाति जनगणना में देरी कर रही है, जबकि देश की जनता अब भी इस पर स्पष्टता और जवाब चाहती है. जर्मनी में कई बच्चों के साथ यौन दुर्व्यवहार के आरोप में बुजुर्ग आदमी गिरफ्तार जर्मनी में 84 साल के एक आदमी को कई बच्चों के साथ यौन दुर्व्यवहार करने के संदेह में पकड़ा गया है. ये अपराध उसने कई सालों के दौर में किए हैं.
जांच अधिकारी सैकड़ों अपराध करने के आरोप लगा रहे हैं. अधिकारियों ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी. जर्मन शहर श्टुटगार्ट की पुलिस और अभियोजकों के मुताबिक इस आदमी पर बच्चों को यौनाचार करने के लिए मजबूर करने के आरोप हैं. यह काम वह परिवार और एक सार्वजनिक स्विमिंग पूल में करता था.
इसी साल फरवरी में श्टुटगार्ट की एक थर्मल स्पा में एक बच्चे के साथ यौन दुर्व्यवहार की घटना के बाद इसके बारे में जानकारी मिली. वहां 10 साल के एक बच्चे के साथ दुर्व्यवहार हुआ था. पुलिस ने उस आदमी को पकड़ लिया और उसके बाद गवाहों के बयान से पुलिस को जांच का दायरा बढ़ाने से सुराग मिले. जर्मन चर्चों में नाबालिगों के साथ दशकों तक हुआ दुर्व्यवहार संदिग्ध को औपचारिक रूप से मंगलवार को हिरासत में लिया गया.
उसी दिन अदालत ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी किया था. अभियोजकों ने यह नहीं बताया है कि कथित दुर्व्यवहार कितने लंबे समय तक जारी रहा और कितने पीड़ित इसमें शामिल हैं. गाजा की ओर राहत सामग्री ले जा रही नावों को इस्राएल ने रोका गाजा के लिए राहत सामग्री ले कर जा रहे एक बेड़े में शामिल कई नावों को इस्राएल ने रास्ते में रोक लिया है. राहत सामग्री भेजने वाले आयोजकों का कहना है कि इस्राएल की सेना ने ग्रीस के पास अंतरराष्ट्रीय जल में 211 कार्यकर्ताओं का "अपरहण" कर लिया है.
इन लोगों में पेरिस के एक सिटी काउंसिलर भी शामिल हैं. ग्लोबल सुमुद फ्रांस नाम के संगठन की प्रवक्ता हेलेन कोरों ने एक ऑनलाइन न्यूज कांफ्रेंस में कहा है कि यह कार्रवाई ग्रीक आइलैंड क्रीट के पास हुई है. गाजा में दो साल युद्ध के बाद इस्राएल को क्या मिला? यह जगह गाजा के तट से काफी ज्यादा दूर है.
बेड़े की एक नाव पर सवार कार्यकर्ता यास्मीन स्कोला ने कहा है कि उनके सहकर्मियों का इस्राएल ने "अपहरण" कर लिया है. इस्राएल के विदेश मंत्रालय ने हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या 175 बताई है. कोरों का यह भी कहना है, "हमारे पास दूसरी राष्ट्रीयता वाले लोगों के बारे में जानकारी नहीं है लेकिन नावों पर कई देशों के लोग थे, सभी 48 प्रतिनिधिमंडलों के क्रू सदस्य भी थे." इटली सरकार ने बयान जारी कर "गैरकानूनी तरीके से हिरासत में लिए गए" सभी इटलीवासियों को तुरंत रिहा करने की मांग की है. नावों के बेड़े में कुल 58 नावें हैं.
ताजा जानकारी मिलने तक इनमें से कम से कम 22 नावों को इस्राएली सेना ने अपने नियंत्रण में लिया है. ईरान के सुप्रीम लीडर ने कहा, अमेरिका की "अपमानजनक हार" हुई ईरान के सुप्रीम लीडर अयातोल्लाह मोजतबा खमेनेई ने एक लिखित बयान जारी कर कहा है कि अपने ईरान युद्ध में अमेरिका हार चुका है. खमेनेई का यह लिखित बयान ईरान की सरकारी मीडिया में पढ़ कर प्रसारित किया गया. बयान में खमनेई ने कहा है, "इलाके में दुनिया के दादाओं की सबसे बड़ी सैन्य तैनाती और हमले के दो महीने बाद आज अमेरिका अपनी योजनाओं में अपमानजनक तरीके से हार गया है, फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में एक नया अध्याय खुल रहा है." ईरान के सुप्रीम लीडर ने गुरुवार को जारी बयान में यह भी कहा है कि इस्लामिक रिपब्लिक "अपनी परमाणु और मिसाइल क्षमताओं की राष्ट्रीय संपत्ति के रूप में रक्षा करेगा." इस बयान में मोजतबा खमेनेई ने कठोर रुख अपनाने के संकेत दिए हैं, वह भी ऐसे समय में जब अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप व्यापक समझौता करना चाहते हैं ताकि संघर्षविराम को मजबूती दी जा सके. खमेनेई ने कहा है कि फारस की खाड़ी में अमेरिकियों के लिए सिर्फ एक ही जगह है जो "पानी के नीचे है." खमेनेई ने कहा है, "अल्लाह की मदद और ताकत से फारस की खाड़ी के क्षेत्र का भविष्य उज्जवल और बगैर अमेरिका के होगा, जो अपने लोगों की प्रगति, सुविधा और समृद्धि के लिए काम करेगा." मोजतबा खमेनेई ने यह भी कहा है, "हम अपने पड़ोसियों के साथ फारस और ओमान की खाड़ी साझा करते हैं और हमारी साझी नियति है.
विदेशी जो हजारों किलोमीटर दूर से आते हैं, वे अपने लालच और दुर्भावना के लिए काम करते हैं, उनकी यहां कोई जगह नहीं है सिवाय पानी के भीतर जाने के." माना जाता है कि 28 फरवरी को जिस हमले में उनके पिता पूर्व सुप्रीम लीडर अयातोल्लाह अली खमेनेई की मौत हुई उसमें वह भी घायल हो गए थे. यूरोप में अमेरिकी सेना की तैनाती, अमेरिका के हित मेंः ईयू यूरोपीय संघने कहा है कि यूरोप में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती अमेरिका के हित में थी. राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने जर्मनी में सैनिकों की तैनाती घटाने की धमकी दी है. यूरोपीय संघ की प्रवक्ता अनित्ता हिप्पर का कहना है कि अमेरिका, "यूरोप की सुरक्षा और रक्षा के योगदान में एक प्रमुख सहयोगी था.
यूरोप में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती उसकी वैश्विक भूमिका के लिए अमेरिकी हित में थी." डॉनल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका जर्मनी में अपनी सेना की तैनाती घटाने पर विचार कर रहा है. इसके पहले जर्मन चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स ने ईरान युद्ध को लेकर अमेरिका की आलोचना की थी. ईरान युद्ध के मामले में नाटो के साथ असहमति के दौर में यह नया विवाद उठ खड़ा हुआ है. ट्रंप पहले से ही इस इस युद्ध में नाटो का सहयोग नहीं मिलने की आलोचना कर रहे हैं.
नाटो में योगदान को लेकर डॉनल्ड ट्रंप की चिंताओं और यूक्रेन पर रूसी हमले को देखते हुए यूरोपीय देश पहले ही अपने रक्षा खर्च को बढ़ाना शुरू कर चुके हैं. हिप्पर का कहना है, "हमारे नाटो सहयोगी भी अभूतपूर्व रफ्तार से अपना रक्षा खर्च बढ़ा रहे हैं." उन्होंने ध्यान दिलाया कि जर्मनी अगले कुछ सालों में अपना रक्षा खर्च तीन गुना तक बढ़ाने जा रहा है. आईपीएल: ड्रेसिंग रूम में वेपिंग करने वाले राजस्थान रॉयल्स के कप्तान पर जुर्माना राजस्थान रॉयल्स (आरआर) के कप्तान रियान पराग पर इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 के एक मैच के दौरान ड्रेसिंग रूम में वेपिंग करने के मामले में कार्रवाई की गई है. पंजाब किंग्स के खिलाफ खेले गए मैच में आचार संहिता के उल्लंघन के लिए पराग पर उनकी मैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है और उन्हें एक डिमेरिट प्वाइंट भी दिया गया है.
आईपीएल ने इसे "खेल की साख को नुकसान पहुंचाने वाला आचरण" करार दिया है. आईपीएल की ओर से जारी बयान के मुताबिक, यह घटना मैच की दूसरी पारी के दौरान हुई, जब रियान पराग को ड्रेसिंग रूम के भीतर वेप का इस्तेमाल करते देखा गया. पराग ने आचार संहिता के लेवल-1 उल्लंघन को स्वीकार कर लिया और मैच रेफरी अमित शर्मा की सुनाई सजा को मान लिया है. वहीं, बीसीसीआई ने भी आईपीएल की छवि बनाए रखने के लिए इस मामले में आगे कड़ी कार्रवाई के विकल्पों पर विचार शुरू कर दिया है.
भारत में 2019 से ई-सिगरेट के उत्पादन, बिक्री और वितरण पर प्रतिबंध लागू है. 30 कछुओं के साथ बैंकॉक के एयरपोर्ट पर युवती गिरफ्तार थाईलैंड के अधिकारियों ने 19 साल की एक लड़की को बैंकॉक एयरपोर्ट पर 30 संरक्षित कछुओं के साथ गिरफ्तार किया है. उसने इन कछुओं को टेप के सहारे अपने कपड़ों में छिपा रखा था. इनकी कीमत करीब 9,000 अमेरिकी डॉलर बताई जा रही है.
वन्यजीव विभाग के अधिकारियों ने बुधवार को इसकी जानकारी दी. थाईलैंड वन्यजीव के तस्करों का एक प्रमुक ठिकाना है. लुप्त होने का खतरा झेल रहे जीवों को अकसर यहां से एशिया के ब्लैक मार्केट में बेचा जाता है. अधिकारियों को ताइवान की इस लड़की पर तब शक हुआ जब वह मंगलवार सुबह ताइपे के लिए विमान में सवार होने वाली थी.
सुवर्णभूमि एयरपोर्ट के डिपार्चर टर्मिनल पर उसकी तलाशी ली गई तो उसके पास से 30 कछुए निकले जिनमें से एक की मौत हो गई थी. अधिकारियों ने बताया, "संदिग्ध ने उन्हें कपड़ों के थैले में रख कर एड्हेसिव टेप की मदद से उन्हें अपने शरीर पर चिपका रखा था." अधिकारियों का यह भी कहना है कि ये कछुए संरक्षित प्रजाति के हैं. ये कछुए इंडियन स्टार प्रजाति के हैं जिन्हें लुप्त होने का खतरा झेलने वाले जीवों में शामिल किया गया है. युवती पर कस्टम के नियंत्रण का उल्लंघन करने और अवैध तरीके से जीवों को ले जाने का आरोप लगाया है.
अधिकारियों का यह भी कहना है कि वे इस बात की जांच कर रहे है कि क्या संदिग्ध तस्करी के किसी नेटवर्क से जुड़ी हुई है. जीवित कछुओं को वन्यजीव संरक्षण अधिकारियों के हवाले कर दिया गया है. एग्जिट पोल: किस राज्य में किसकी बन सकती है सरकार पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के एग्जिट पोल सामने आ गए हैं. पश्चिम बंगाल में 294 सीटों पर हुए चुनाव में तस्वीर अब भी धुंधली है.
कुछ सर्वे टीएमसी और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर बता रहे हैं, जबकि कुछ में टीएमसी को स्पष्ट बढ़त दिखाई गई है. राज्य में सरकार बनाने के लिए 148 सीटों की जरूरत होगी और अंतिम फैसला 4 मई को मतगणना के बाद ही सामने आएगा. पश्चिम बंगाल चुनाव: दूसरे दौर में मतुआ समुदाय की भूमिका अहम असम के ज्यादातर एग्जिट पोल बीजेपी की सत्ता में वापसी का संकेत दे रहे हैं. तमिलनाडु में डीएमके गठबंधन को बढ़त मिलती दिख रही है, हालांकि कुछ सर्वे अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके के मजबूत प्रदर्शन का भी दावा कर रहे हैं.
केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ को एग्जिट पोल में आगे बताया गया है. कांग्रेस का कहना है कि तमिलनाडु और केरल में उसकी स्थिति मजबूत है. बीजेपी के नेताओं का दावा है कि चार मई को जिन राज्यों में चुनाव हुआ है वहां कमल का फूल खिलेगा. बीजेपी के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि चुनाव नतीजे लोकतंत्र की जीत साबित होंगे और इस बार चुनाव अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण रहे हैं.
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में पहले के चुनावों की तुलना में हिंसा ना के बराबर रही, जिसका श्रेय केंद्रीय बलों की तैनाती, चुनाव आयोग और केंद्रीय एजेंसियों को जाता है. एग्जिट पोल का हवाला देते हुए पूनावाला ने दावा किया कि एनडीए असम में तीसरी बार सरकार बनाएगा, तमिलनाडु में एआईएडीएमके के साथ सत्ता में लौटेगा, पुडुचेरी में वापसी करेगा और पश्चिम बंगाल में बदलाव तय है.8* कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को आए एग्जिट पोल के बाद तमिलनाडु में डीएमके गठबंधन और केरल में यूडीएफ की वापसी को लेकर भरोसा जताया. उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में डीएमके को स्पष्ट बहुमत मिलने की उम्मीद है, जबकि केरल में यूडीएफ बहुमत के साथ सरकार बनाएगा. हालांकि खरगे ने माना कि असम और पुडुचेरी में कांग्रेस के लिए मुकाबला कठिन है.
पश्चिम बंगाल को लेकर उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर है और किसी भी संभावित समर्थन पर फैसला नतीजों के बाद ही लिया जाएगा. रेप से गर्भवती होने पर डिलीवरी के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने सुप्रीम कोर्ट में एक क्यूरेटिव याचिका दायर कर उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें 15 साल की नाबालिग लड़की को 30 सप्ताह की गर्भावस्था समाप्त करने की अनुमति दी गई थी. एम्स का कहना है कि गर्भावस्था के इतने उन्नत चरण में गर्भपात कराना नाबालिग के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए दीर्घकालिक रूप से हानिकारक साबित हो सकता है. प्रेग्नेंसी में ब्लड टेस्ट पर जर्मन संसद में क्यों छिड़ी बहस इस मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एम्स को निर्देश दिया कि वह पीड़िता के माता-पिता को गर्भपात से जुड़े चिकित्सा और भावनात्मक पहलुओं पर सलाह दे.
अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे संवेदनशील मामलों में अंतिम निर्णय पीड़ित व्यक्ति की सहमति और समझ पर आधारित होना चाहिए, ताकि निर्णय पूरी तरह जानकारी पर आधारित हो. चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने कहा कि यह बच्ची से बलात्कार का मामला है और अगर गर्भावस्था समाप्त करने की अनुमति नहीं दी जाती है, तो पीड़िता को जीवनभर का मानसिक आघात और पीड़ा झेलनी पड़ सकती है. बेंच ने यह भी कहा कि अगर मां को किसी तरह की स्थायी विकलांगता का खतरा नहीं है, तो गर्भ समापन की प्रक्रिया की जानी चाहिए. नाबालिग गर्भवती रेप पीड़ितों की मदद के लिए नयी योजना अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि अनचाही गर्भावस्था को किसी नाबालिग पर थोपा नहीं जा सकता.
कोर्ट ने कहा, "वह एक बच्ची है, जिसे इस उम्र में पढ़ाई करनी चाहिए, ना कि मां बनने के दर्द, अपमान और सामाजिक दबाव से गुजरना चाहिए. अदालत ने आगे कहा, "उसने जो पीड़ा और अपमान सहा है, उसकी कल्पना कीजिए." एम्स की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने दलील दी कि 30 सप्ताह में गर्भपात कराना चिकित्सकीय रूप से संभव नहीं है और इससे एक जीवित बच्चा जन्म ले सकता है, जिसमें गंभीर विकृतियां हो सकती हैं. उन्होंने कहा कि नाबालिग मां को जीवनभर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है और भविष्य में उसकी प्रजनन क्षमता भी प्रभावित हो सकती है. हालांकि, अदालत ने दोहराया कि गर्भावस्था समाप्त करने या नहीं करने का अंतिम फैसला पीड़िता और उसके माता-पिता का ही होगा और एम्स उन्हें सोच समझकर फैसला करने में मदद कर सकता है.
भारत में गर्भपात की समयसीमा 20 से बढ़ाकर 24 हफ्ते की जाएगी 24 अप्रैल को जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुइयां की बेंच ने 30 सप्ताह की गर्भावस्था समाप्त करने की इजाजत दी थी. ऑपरेशन सिंदूर अपनी शर्तों पर रोका, जरूरत पड़ती, तो लंबी लड़ाई के लिए भी तैयार थे: राजनाथ सिंह भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को कहा कि सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर को अपनी मर्जी और अपनी शर्तों पर रोका था, ना कि किसी सैन्य कमजोरी के कारण. समाचार एएनआई नेशनल सिक्योरिटी समिट 2.0 में बोलते हुए उन्होंने साफ किया कि यह फैसला पूरी तरह रणनीतिक था और भारत की सैन्य क्षमता में कोई कमी नहीं आई है. उन्होंने कहा, "मैं यहां फिर से स्पष्ट कर देना चाहता हूं, कि हमने वह ऑपरेशन इसलिए बंद नहीं किया, कि हमारी क्षमता कम हो गई थी.
हमने उसे अपनी मर्जी से, अपनी शर्तों पर रोका. अगर जरूरत पड़ती, तो हम लंबी लड़ाई के लिए भी पूरी तरह से तैयार थे. अचानक जरूरत के समय, क्षमता विस्तार करने की ताकत भी, हमारे पास मौजूद थी, थी ही नहीं, बल्कि अभी भी है और पहले से और अधिक दुरुस्त है." ऑपरेशन सिंदूर 6 मई से 10 मई 2025 के बीच चलाया गया था. यह कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले के जवाब में की गई थी, जिसमें 25 पर्यटक और एक स्थानीय निवासी की मौत हो गई थी.
राजनाथ सिंह ने कहा कि हमले के दिन उन्होंने चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ, तीनों सेनाओं के प्रमुखों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तत्काल बैठक की थी और सशस्त्र बलों की तैयारियों की सराहना की. रक्षा मंत्री ने उभरती सुरक्षा चुनौतियों, खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़े खतरों का भी जिक्र किया. उन्होंने सुदर्शन एयर डिफेंस जैसी परियोजनाओं का हवाला देते हुए कहा कि सशस्त्र बल एआई, मशीन लर्निंग और बिग डेटा का इस्तेमाल कर अपनी क्षमताओं को मजबूत कर रहे हैं, जिससे भविष्य में भारत ना केवल अधिक सुरक्षित बल्कि अधिक सशक्त भी बनेगा. प्रेस की आजादी 25 वर्षों में सबसे निचले स्तर पर प्रेस की आजादी 25 वर्षों में सबसे निचले स्तर पर चली गई है.
मीडिया अधिकारों की वकालत करने वाली रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (आरएसएफ) ने गुरुवार को यह जानकारी दी. यह संगठन हर साल प्रेस फ्रीडम इंडेक्स जारी करता है. संगठन का कहना है, "इंडेक्स के 25 साल के इतिहास में पहली बार दुनिया के आधे से ज्यादा देश प्रेस के लिहाज से 'मुश्किल' या फिर 'बेहद गंभीर' श्रेणी में आ गए हैं. संगठन के मुताबिक, "सभी देशों और इलाकों का औसत स्कोर पहले कभी इतना कम नहीं रहा." अभिव्यक्ति की आजादी पूरी दुनिया में चुनौतियां झेल रही है.
संगठन ने इंडेक्स जारी करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के पत्रकारों पर "ढांचागत" हमलों और सऊदी अरब का जिक्र किया जिसने 2025 में एक पत्रकार को फांसी की सजा दी थी. आरएसएफ का कहना है कि प्रेस की आजादी के लिहाज से "अच्छा" माने जाने वाले देशों में रहने वाली आबादी 20 फीसदी से घट कर 1 फीसदी के नीचे आ गई है. उत्तरी यूरोप के केवल सात देश ही इस श्रेणी में आते हैं. नॉर्वे इन देशों में सबसे ऊपर है.
अमेरिका पहले इस मामले में "काफी अच्छा" कहे जाने वाले देशों की श्रेणी में था लेकिन 2024 में यह वहां से गिर कर "मुश्किल" श्रेणी में आ गया. 2024 में ही डॉनल्ड ट्रंप दोबारा राष्ट्रपति चुने गए थे उसके बाद यह सात स्थान और गिर कर अब 64वें नंबर पर पहुंच गया है. व्लादिमीर पुतिन के नेतृत्व वाला रूस भी 172वें नंबर पर है. आरएसएफ के मुताबिक अप्रैल 2026 में वहां 48 पत्रकार जेल में थे.
2026 में सबसे ज्यादा गिरावट सैन्य शासन वाले नाइजर में आया है. 37 स्थान नीचे गिर कर यह 120वें नंबर पर पहुंच गया है. इंडेक्स में जर्मनी 14वें नंबर पर है जबकि चीन 172वें और भारत 157वें नंबर पर. शीर्ष पर मौजूद तीन देशों में नॉर्वे के अलावा नीदरलैंड्स और एस्तोनिया हैं.
डेनमार्क चौथे और स्वीडन पांचवें नंबर पर है. जम्मू-कश्मीर को पाकिस्तान में दिखाने पर नेपाल एयरलाइंस ने मांगी माफी नेपाल एयरलाइंस ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक मैप में भारतीय क्षेत्रों को गलत तरीके से दिखाए जाने पर माफी मांगी. मीडिया रिपोर्टों में बताया जा रहा है कि एयरलाइन ने जम्मू-कश्मीर को पाकिस्तान का हिस्सा दिखाया था. विवाद उठने के बाद एयरलाइन ने कहा कि यह मैप नेपाल या नेपाल एयरलाइंस के आधिकारिक रुख को नहीं दर्शाता.
एक्स पर जारी बयान में कंपनी ने बताया कि पोस्ट में "गंभीर मानचित्रात्मक त्रुटियां" थीं, जिसके चलते इसे तुरंत हटा दिया गया. पड़ोसियों से भारत के रिश्तों पर चीन का साया नेपाल एयरलाइंस ने अपने बयान में कहा कि वह इस चूक के लिए खेद जताती है और भविष्य में ऐसी गलतियों से बचने के लिए आंतरिक समीक्षा कर रही है. एयरलाइन ने कहा कि वह क्षेत्र में अपने पड़ोसियों के साथ मजबूत रिश्तों को महत्व देती है और इस पोस्ट से किसी को ठेस पहुंची हो तो उसके लिए वह अफसोस जताती है. भारत और नेपाल के बीच लिंपियाधुरा, कालापानी और लिपुलेख को लेकर लंबे समय से सीमा विवाद चला आ रहा है.
इससे पहले 2020 में नेपाल के नया राजनीतिक नक्शा जारी किए जाने और कालापानी को भारत के मानचित्र में दिखाए जाने पर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ा था. इन इलाकों को लेकर दोनों देशों के दावे लंबे समय से कूटनीतिक मतभेद का कारण बने हुए हैं. डॉनल्ड ट्रंप की धमकी के बाद तेल की कीमत 4 साल के उच्चस्तर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी महीनों तक जारी रह सकती है. इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का भाव चार साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया.
गुरुवार सुबह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत का अमेरिकी बेंचमार्क ब्रेंट पांच फीसदी बढ़ कर जून की डिलीवरी के लिए 124 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गया. ईरान और अमेरिका के बीच कूटनीति अटकी हुई है. इस बीच बुधवार को डॉनल्ड ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से टेलिफोन पर बात की. पुतिन ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका और इस्राएल, ईरान के खिलाफ युद्ध दोबारा शुरू करते हैं तो इसके "नुकसानदेह नतीजे" होंगे.
तेल क्षेत्र के अधिकारियों से मुलाकात के दौरान ट्रंप ने कहा कि ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी बमबारी से ज्यादा असरदार साबित हुई है. ईरान यह मांग कर रहा है कि कोई समझौता होने से पहले नाकेबंदी को खत्म करना होगा. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बुधवार को कहा कि उसने "नाकेबंदी का उल्लंघन करने वाले 42 कारोबारी जहाजों को लौटा कर अहम उपलब्धि हासिल की है." सेंट्रल कमांड के मुताबिक "41 टैंकरों में 6.9 करोड़ बैरल तेल था जो ईरान की सरकार नहीं बेच सकी." इस तेल की अनुमानित कीमत करीब 6 अरब अमेरिकी डॉलर है. ट्रंप को धमकाने के आरोपों में एफबीआई के पूर्व निदेशक अदालत में पेश हुए अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई के पूर्व निदेशक जेम्स कोमी बुधवार को वर्जीनिया में अदालत में पेश हुए.
उन पर एक सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए राष्ट्रपतिडॉनल्ड ट्रंप के जीवन के लिए खतरा पैदा करने के आरोप हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति के मुखर आलोचक कोमी पर कई दूसरे संघीय अपराधों के तहत भी आरोप लगाए गए हैं. मई 2025 में उन्होंने एक इंस्टाग्राम पर शंखों की एक तस्वीर डाली थी. तस्वीर में शंखों को नॉर्थ कैरोलाइना की एक बीच पर 8647 की आकृति में सजाया गया था.
ट्रंप का कहना है कि यह कूट भाषा में एक धमकी थी. कोमी पर "जान बूझ कर अमेरिकी राष्ट्रपति को शारीरिक रूप से नुकसान पहुंचाने और उनकी जान पर खतरा पैदा करने के आरोप गए हैं." इसके साथ ही उन पर किसी और देश की तरफ से खतरा पैदा करने का भी आरोप लगाया गया है. इन दोनों में से हरेक के लिए उन्हें 10 साल की कैद की सजा हो सकती है. एफबीआई के पूर्व निदेशक अलेक्जैंड्रिया की अदालत में सुनवाई के लिए हाजिर हुए और वहां से उन्हें बाद में घर जाने की अनुमति मिल गई. कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल टोड ब्लांशे ने पत्रकारों से कहा है कि वह नहीं जानते कोमी दोबारा कब अदालत में पेश होंगे.
ब्लांशे से जब पूछा गया कि क्या कोई भी अगर "8647" नंबरों को पोस्ट करेगा उस पर यही आरोप लगेंगे? जवाब में ब्लांशे ने कहा, "हरेक धमकी अलग है, हर बार जब राष्ट्रपति को धमकी दी जाएगी तो यह जरूरी नहीं कि उसके लिए अभियोग लगे. यह जांच पर निर्भर है. यह सभी दूसरे कारकों पर निर्भर है." डॉनल्ड ट्रंप का कहना है कि एफबीआई के पूर्व प्रमुख "अच्छी तरह से" भावार्थ जानते थे. अदालत में सुनवाई के बाद ट्रंप ने अपने सोशल प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर लिखा है, "8647 का मतलब है 'राष्ट्रपति ट्रंप को मार दो.' जेम्स कोमी जो एक बुरे पुलिसकर्मी हैं, सबसे बुरे में से एक, इसे अच्छी तरह जानते थे." इंस्टाग्राम पोस्ट डालने के बाद कोमी ने इसके लिए माफी मांगी और कहा था कि उन्हें, "नहीं पता था कि कुछ लोग इन संख्याओं को हिंसा से जोड़ेंगे." कोमी ने यह भी कहा, "मेरे सामने यह कभी नहीं आया लेकिन मैं हर तरह की हिंसा का विरोध करता हूं और इस पोस्ट को हटा रहा हूं."

