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नाटो पर फिर भड़के डॉनल्ड ट्रंप, संबंधों को बताया एकतरफा

नाटो पर फिर भड़के डॉनल्ड ट्रंप, संबंधों को बताया एकतरफा

DW 3 months ago
भारत और दुनिया की बड़ी खबरें एक साथ, एक ही जगह पढ़ने के लिए आप सही पेज पर हैं. इस लाइव ब्लॉग को हम लगातार अपडेट कर रहे हैं, ताकि ताजा खबरें आप तक पहुंचा सकें.पीएम मोदी अगले हफ्ते न्यूजीलैंड की पहली आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे फीफा वर्ल्ड कप में हार के बाद इस्तीफा दे सकते हैं जर्मन कोच यूलियान नागेल्समान अमेरिका ने किया 'आतंकी हमलों' के खिलाफ पाकिस्तान के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के बाहर तिब्बती एक्टिविस्ट ने आत्मदाह कर जान दी नाटो पर फिर भड़के डॉनल्ड ट्रंप, संबंधों को बताया एकतरफा भारत सरकार ने ई20 पेट्रोल के बारे में किए जा रहे दावों को "बेतुका" बताया भारत में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिले पेट्रोल के प्रति आम लोगों की नाराजगी बढ़ती हुई दिख रही है.
लोग दावा कर रहे हैं कि ई20 पेट्रोल के चलते उनके वाहनों का माइलेज कम हो रहा है और गाड़ियों का प्रदर्शन भी प्रभावित हो रहा है. कई लोग इसलिए भी नाराज हैं क्योंकि उन्हें पेट्रोल पंपों पर बिना इथेनॉल वाला पेट्रोल डलवाने का विकल्प नहीं मिल रहा है. भारत सरकार ने शुक्रवार को 20 प्रतिशत इथेनॉल वाले पेट्रोल के अनिवार्य उपयोग के खिलाफ बढ़ते विरोध को रोकने का प्रयास किया. सरकार के प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “क्या आपने हाल ही में अपनी फीड में ई20 पेट्रोल के बारे में कुछ बेतुके दावे देखे हैं.

पेट्रोलियम मंत्रालय का स्पष्ट संदेश है: भड़काऊ बयानों के झांसे में न आएं.” पीआईबी ने लिखा कि पेट्रोल में मिलाए जाने वाले इथेनॉल को बनाते वक्त अवशिष्ट चीनी को हटा दिया जाता है और उसमें ऐसे पदार्थ मिलाए जाते हैं, जो कीड़ों को दूर भगाते हैं. पोस्ट में कहा गया कि ई20 पेट्रोल में ऐसे किसी भी पदार्थ की पहचान नहीं हुई है, जिससे आकर्षित होकर चींटी या अन्य कीड़े वाहन के फ्यूल कैप के पास इकट्ठे हों. दरअसल, कई वीडियो में यह दावा किया गया था कि फ्यूल टैंक के ढक्कन के बाहर चींटियां इकट्ठी हो रही हैं. सरकार लोगों को भरोसा दिलाने की कोशिश कर रही है कि इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल गाड़ियों को नुकसान नहीं पहुंचाता है लेकिन आम लोग इस पर भरोसा करते नहीं दिख रहे हैं.

देश के अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणि ने सुप्रीम कोर्ट में एक सुनवाई के दौरान कथित तौर पर ई20 पेट्रोल को एक “प्रयोग” बताया था, जिससे लोगों का गुस्सा और बढ़ गया. हालांकि, बाद में सरकार ने इस बयान से इनकार किया और कहा कि उन्होंने “प्रयोग” शब्द का इस्तेमाल दूसरे संदर्भ में किया था. भारत ने 520 अरब रुपये के सैन्य खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी भारत की रक्षा अधिग्रहण परिषद ने शुक्रवार, 3 जुलाई को 520 अरब रुपये के सैन्य खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी. रक्षा मंत्रालय ने अपने बयान में बताया कि इस राशि से यूएवी, मिसाइल और एयर डिफेंस सिस्टम जैसे सैन्य उपकरण खरीदे जाएंगे.

प्रेस रिलीज के मुताबिक, थल सेना के लिए यूएवी, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल, सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल, कामीकेज ड्रोन सिस्टम और कम रेंज वाले एयर डिफेंस सिस्टमों की खरीद को मंजूरी दी गई है. भारतीय नौसेना के लिए मल्टी-इन्फ्लुएंस ग्राउंड माइन और शिपबोर्न अनमैन्ड एरियल सिस्टम की खरीद और इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन सिस्टम के लिए लैंड बेस्ड टेस्टिंग फैसिलिटी बनाने की मंजूरी गई है. भारतीय नौसेना के लिए फिक्स्ड-विंग बेस्ड हाई अल्टीट्यूड स्यूडो सैटेलाइट की खरीद और अन्य प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है. ये सिस्टम भारतीय वायु सेना के लिए लगातार खुफिया जानकारी जुटाने, निगरानी करने और दूरसंचार का काम करेगा.

चीन ने कहा, जापान-भारत के सहयोग के निशाने पर चीन नहीं होना चाहिए चीन ने शुक्रवार को कहा कि भारत और जापान के सहयोग के निशाने पर चीन नहीं होना चाहिए. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि देशों को आपसी समझ और भरोसा बढ़ाने के लिए काम करना चाहिए लेकिन देशों के बीच के सहयोग को किसी तीसरे पक्ष के हितों को निशाना नहीं बनाना चाहिए या उन्हें नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए. यह बयान तब आया है जब भारत और जापान ने अहम खनिजों के मुद्दे पर साथ काम करने पर सहमति जताई है. भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची की द्विपक्षीय मुलाकात में अहम खनिज एक अहम मुद्दा रहे.

बातचीत के बाद मोदी ने कहा, दोनों देश "सेमीकंडक्टर, क्वांटम टेक्नोलॉजी और अहम खनिजों जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में आपूर्ति श्रंखला की मजबूती बढ़ाने" पर सहमत हुए हैं. अहम खनिजों का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक व्हीकल से लेकर स्मार्टफोनों तक और जेट इंजनों से लेकर गाइडेड मिसाइलों तक में होता है. अहम खनिजों की माइनिंग और प्रोसेसिंग में फिलहाल चीन का दबदबा है और चीन पर आरोप लगते हैं कि वह अपने इस प्रभुत्व का इस्तेमाल भू-राजनीतिक हथियार के तौर पर करता है. ऐसे में भारत और जापान जैसे देश चीन पर से अपनी निर्भरता कम करने के लिए साथ काम करना चाहते हैं.

ई-रिक्शा को अचानक रोक देने वाली ऐप्स प्ले स्टोर से हटाई गईं भारत सरकार ने शुक्रवार को बताया कि ऐसी दो ऐप्स को प्ले स्टोर से हटा दिया गया है, जिनके बारे में रिपोर्ट आई थीं कि उनके जरिए ई-रिक्शा को दूर से ही पूरी तरह बंद किया जा सकता है. सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी एस कृष्णन ने रिपोर्टरों से कहा कि “कुछ ऐप्स” को उनके संज्ञान में लाया गया और “दोनों (ऐप्स) को ऐप स्टोरों से हटा दिया गया है.” उन्होंने इन ऐप्स के बारे में अधिक जानकारी नहीं दी लेकिन स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में बताया गया है कि ये दोनों ऐप चीन में बनी थीं और इन्हें "बैट-बीएमएस" और "ईपॉच ली-आयन" कहा जा रहा था. दावा है कि इन ऐप्स के जरिए ब्लूटूथ से लैस ऐसी लीथियम आयन बैटरियों को दूर से ही बंद किया जा सकता है, जिनका बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम सुरक्षित नहीं हैं. हालांकि, डीडब्ल्यू इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है.

राजधानी नई दिल्ली में एक ई-रिक्शा ड्राइवर ने न्यूज एजेंसी एएफपी से कहा कि गुरुवार को उनका ई-रिक्शा भी रुक गया था और इन ऐप्स के चलते उनकी कमाई प्रभावित हुई. 28 साल के घनश्याम कुमार ने कहा, "कल मेरा ई-रिक्शा खराब हो गया. दिल्ली की भीषण गर्मी में मुझे इसे ठीक करवाने के लिए अकेले ही छह-सात किलोमीटर (सर्विस सेंटर) तक धकेलना पड़ा." अयातोल्लाह अली खमेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे कई देशों के प्रतिनिधि ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातोल्लाह अली खमेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए कई विदेशी प्रतिनिधि और गणमान्य हस्तियां तेहरान पहुंच चुके हैं. ईरानी सरकारी टेलीविजन की रिपोर्ट के अनुसार, चीन, बेलारूस, इराक और तुर्कमेनिस्तान के आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल देश की राजधानी पहुंच चुके हैं.

इस दौरान भारत का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी शुक्रवार को तेहरान पहुंचा, जिसने ग्रैंड मोसल्ला मस्जिद में रखे अयातोल्लाह अली खमेनेई के ताबूत के सामने जाकर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की. खमेनेई को अंतिम विदाई देने की आधिकारिक रस्में शनिवार से शुरू होकर सोमवार तक चलेंगी, जिसमें देश विदेश से लाखों लोगों के जुटने की उम्मीद जताई जा रही है. तय कार्यक्रम के मुताबिक, तेहरान के बाद खमेनेई के शरीर को शिया मुसलमानों के पवित्र शहर कोम और इसके बाद इराक ले जाया जाएगा. अंत में, गुरुवार को उनके पैतृक शहर मशहद में उन्हें सुपुर्द-ए-खाक (दफन) किया जाएगा.

इस संवेदनशील आयोजन को देखते हुए सुरक्षा कारणों से ईरान के हवाई क्षेत्र और उन सभी शहरों की प्रमुख सड़कों को कुछ दिनों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है जहां से अंतिम संस्कार से जुड़ी शोक यात्राएं गुजरनी है. अमेरिका-ईयू के बीच व्यापार रिकॉर्ड स्तर पर, जर्मनी को हुआ नुकसान यूरोपीय संघ (ईयू) और अमेरिका के बीच बढ़ते टैरिफ विवाद के बावजूद पिछले साल व्यापार रिकॉर्ड 875 अरब यूरो (1 ट्रिलियन डॉलर) पर पहुंच गया. हालांकि, शुक्रवार को जारी जर्मन इकोनॉमिक इंस्टीट्यूट की एक स्टडी के मुताबिक, यह रिकॉर्ड आंकड़ा असल आर्थिक नुकसान को छिपा रहा है, जिसने खासकर जर्मनी के ऑटोमोबाइल सेक्टर को भारी नुकसान पहुंचाया है. यह भी पढ़ें: जर्मनी में क्यों नहीं होते एयर कंडीशनर?

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका को होने वाले ईयू के निर्यात में 7.7 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है और यह 580 अरब यूरो पर पहुंच गया है, जबकि ईयू में होने वाला अमेरिकी आयात 2.2 फीसदी बढ़कर 295 अरब यूरो रहा. इस तरह ईयू का ट्रेड सरप्लस करीब 285 अरब यूरो हो गया है. यह भी पढ़ें: जर्मन लोगों की नजर में अब अमेरिका "विश्व शांति के लिए खतरा" इस टैरिफ संघर्ष का सबसे बुरा असर ऑटो सेक्टर पर दिखा है, जहां साल 2025 में अमेरिका को होने वाले ईयू के कार और पार्ट्स के निर्यात में 20.4 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई. इसमें भी सबसे ज्यादा नुकसान जर्मनी को हुआ, जो अमेरिका को होने वाले कुल ईयू ऑटो एक्सपोर्ट का लगभग दो-तिहाई हिस्सा संभालता है.

जर्मन ऑटो निर्यात में 18.9 फीसदी की गिरावट आई. जर्मनी: 10 साल में 51 फीसदी बढ़ा घरों का किराया, बर्लिन में सबसे ज्यादा जर्मनी के 40 सबसे बड़े शहरों में पिछले 10 सालों के दौरान मकानों के किराये में औसतन 51 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. जर्मन ट्रेड यूनियन कन्फेडरेशन (डीजीबी) द्वारा किए गए एक सर्वे में यह खुलासा हुआ है. इस सर्वे के अनुसार, देश की राजधानी बर्लिन में किराया सबसे तेजी से बढ़ा है, जहां साल 2016 की शुरुआत में प्रति वर्ग मीटर का किराया 8.93 यूरो था, जो 2026 की शुरुआत तक 76.9 फीसदी बढ़कर 15.80 यूरो प्रति वर्ग मीटर पर पहुंच गया है. जर्मनी के दूसरे सबसे बड़े शहर हैम्बर्ग में भी किराया 54.2 फीसदी बढ़कर 16.18 यूरो प्रति वर्ग मीटर हो गया है, जबकि म्यूनिख में यह 51.6 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 23.26 यूरो प्रति वर्ग मीटर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है. प्रतिशत के मामले में सबसे तेज उछाल उत्तरी जर्मनी के शहरों में देखा गया है.

देशभर में शुक्रवार से रविवार तक होने वाले 'रेंट-फ्रीज' आंदोलन से ठीक पहले डीजीबी के उपाध्यक्ष श्टेफान क्योर्जेल ने इस पर चिंता जताई है. उन्होंने सरकार से सामाजिक और सार्वजनिक आवासों में निवेश बढ़ाने और अंधाधुंध किराया वसूलने वालों के खिलाफ सख्त कानून बनाने की मांग की है. क्योर्जेल ने मौजूदा गठबंधन सरकार पर निशाना साधते हुए उन पर 'हाउसिंग बेनिफिट' में कटौती करने की योजना बनाने का आरोप भी लगाया है. नाटो पर फिर भड़के डॉनल्ड ट्रंप, संबंधों को बताया एकतरफा तुर्की की राजधानी अंकारा में होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन से ठीक एक हफ्ते पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने इस सैन्य गठबंधन पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है.

डॉनल्ड ट्रंप ने नाटो के साथ संयुक्त राज्य अमेरिका के मौजूदा संबंधों को एकतरफा बताते हुए कहा कि इसे इसी तरह जारी रखना मजाक के सिवा कुछ नहीं है. डॉनल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "वे हमारे लिए कभी खड़े नहीं रहे!!!" उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन का नाटो के साथ रिश्ता पारस्परिक नहीं है. ट्रंप ईरान में चल रहे युद्ध को लेकर यूरोपीय सहयोगियों के रुख से लगातार नाराज हैं, क्योंकि युद्ध के दौरान कई यूरोपीय देशों ने अमेरिकी सेनाओं के लिए अपने सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल पर पाबंदियां लगा दीं. वे चाहते हैं कि यूरोप अपनी रक्षा की कमान खुद संभाले, और वॉशिंगटन ने पहले ही अपनी जिम्मेदारियों को कम करना शुरू कर दिया है.

उन्होंने एक चार्ट भी साझा किया जिसमें दिखाया गया कि अमेरिका अन्य सदस्य देशों की तुलना में नाटो पर काफी ज्यादा खर्च कर रहा है. ट्रंप के लगातार दबाव के बाद, पिछले साल हुए एक सम्मेलन में नाटो नेता साल 2035 तक रक्षा खर्च को जीडीपी के पांच प्रतिशत तक बढ़ाने पर सहमत हुए थे. अब 32 सदस्य देशों का आगामी नाटो शिखर सम्मेलन 7-8 जुलाई को अंकारा में होने जा रहा है. साल 1949 में स्थापित यह गठबंधन दशकों तक यूरोप में स्थिरता बनाए रखने और अमेरिकी वैश्विक शक्ति को मजबूत करने का मुख्य जरिया रहा है.

संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के बाहर तिब्बती एक्टिविस्ट ने आत्मदाह कर जान दी न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के बाहर एक 52 वर्षीय व्यक्ति ने खुद को आग लगाकर जान दे दी. मृतक की पहचान लोबगा रैंगजेन के रूप में हुई है. तिब्बती भाषा में रैंगजेन का अर्थ आजादी है. स्थानीय मीडिया के अनुसार, रैंगजेन आत्मदाह से पहले तिब्बत की आजादी के समर्थन में अपील कर रहे थे और अपने साथ तिब्बत का झंडा भी लाए थे.

यह भी पढ़ें: चीन की आंखों का कांटा क्यों बना है अरुणाचल प्रदेश न्यूयॉर्क पुलिस ने बताया कि उन्हें स्थानीय समयानुसार शाम करीब 6:30 बजे घटना की सूचना मिली, जिसके बाद गंभीर रूप से झुलसे रैंगजेन को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है और उन्होंने अभी तक आधिकारिक तौर पर मृतक की पहचान या इस आत्मदाह के पीछे के सटीक मकसद की पुष्टि नहीं की है. रैंगजेन पेशे से टैक्सी ड्राइवर थे. यह भी पढ़ें: लाठी-डंडे से क्यों लड़ते हैं भारत और चीन के सैनिक 'इंटरनेशनल कैंपेन फॉर तिब्बत' की अध्यक्ष तेंचो ग्यात्सो ने रैंगजेन को तिब्बत में मानवाधिकारों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाने वाला निर्भीक कार्यकर्ता बताया.

उनके साथियों के मुताबिक, रैंगजेन तिब्बतियों के प्रति चीन की दमनकारी नीतियों और हाल ही में लागू हुए नए 'जातीय एकता कानून' से बेहद गुस्से में थे. उनके एक साथी ने बताया कि चीन सरकार द्वारा तिब्बत के लोगों पर लगाई जा रही लगातार पाबंदियों के कारण वे लंबे समय से आक्रोश में थे. यूरोप: बैन के बाद भी ऑनलाइन बिक रहे हैं प्रतिबंधित प्लास्टिक प्रोडक्ट यूरोपीय संघ (ईयू) द्वारा सिंगल-यूज प्लास्टिक उत्पादों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाए जाने के पांच साल बाद भी ये उत्पाद ऑनलाइन बिक रहे हैं. पर्यावरण संगठन 'एनवायरमेंटल एक्शन जर्मनी' (डीयूएच) ने शुक्रवार को इस पर चिंता जताते हुए नियमों को और सख्त करने की मांग की है.

यूरोपीय संघ ने प्लास्टिक कचरे को कम करने के लिए 3 जुलाई, 2021 से सिंगल-यूज प्लास्टिक से बने चम्मच-कांटे, स्ट्रॉ, स्टिरर और प्लेट जैसी डिस्पोजेबल चीजों की बिक्री पर रोक लगा दी थी, जिसके बाद कई कंपनियों ने लकड़ी, बांस या कागज के विकल्प अपना लिए थे. डीयूएच की कैंपेनर वियोला वोहलगैमुथ ने इसे एक राजनीतिक विफलता करार देते हुए कहा कि कई वेबसाइटों पर अब भी इन प्रतिबंधित प्लास्टिक उत्पादों के विकल्प मिल रहे हैं. उन्होंने संबंधित अधिकारियों से ऑनलाइन रिटेलर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और जुर्माना लगाने की मांग की है. दूसरी ओर, जर्मनी के पर्यावरण मंत्रालय ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि दुकानदारों और रिटेलर्स को प्रतिबंध लागू होने से पहले के पुराने स्टॉक को बेचने की अनुमति दी गई है और इसके लिए कोई समय सीमा तय नहीं है.

हालांकि, मंत्रालय ने यह भी माना कि इस छूट की वजह से बनी कमियों के कारण प्रतिबंध को पूरी तरह लागू करना और उसकी निगरानी करना काफी मुश्किल हो रहा है. मर्कोसुर समझौते को रफ्तार देने ब्राजील पहुंचे जर्मन विदेश मंत्री जर्मन विदेश मंत्री योहान वाडेफुल अपने चार दिवसीय दक्षिण अमेरिकी दौरे के अंतिम चरण में शुक्रवार को ब्रासीलिया पहुंचे. वहां वे अपने ब्राजीलियाई समकक्ष मौरो विएरा से मुलाकात करेंगे, जिसमें यूरोपीय संघ और मर्कोसुर मुक्त व्यापार समझौता एजेंडे में सबसे ऊपर रहेगा. इस साल मई की शुरुआत में अस्थायी रूप से लागू हो चुके इस समझौते का उद्देश्य व्यापारिक बाधाओं और टैरिफ को धीरे धीरे कम करके वस्तुओं और सेवाओं के आदान प्रदान को बढ़ावा देना है.

जर्मनी इस समझौते को अपने ऑटोमोटिव उद्योग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग क्षेत्र और फार्मास्युटिकल उद्योग के लिए बड़े अवसर के रूप में देख रहा है. ब्राजील दक्षिण अमेरिका में जर्मनी का सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक भागीदार है, लेकिन साल 2009 से ही चीन इस क्षेत्र में हावी है. चीन न केवल ब्राजील का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, बल्कि दोनों देशों के बीच अरबों डॉलर के निवेश और मजबूत राजनीतिक संबंध भी हैं. इस दौरे के पीछे जर्मनी का एक बड़ा भू-राजनीतिक मकसद चीन पर अपनी निर्भरता को कम करना भी है.

दरअसल, ब्राजील के पास दुर्लभ धातुओं और महत्वपूर्ण खनिजों का विशाल भंडार है, जो भविष्य की तकनीकों जैसे कि रिन्यूएबल एनर्जी और ईवी के लिए बेहद जरूरी हैं. पाकिस्तान में बस खाई में गिरने से 40 लोगों की हुई मौत पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में शुक्रवार सुबह यात्रियों से भरी एक बस खाई में गिर गई. अधिकारियों के मुताबिक, इस हादसे में 40 लोगों की मौत हो गई और आठ लोग घायल हो गए. पुलिस अधिकारी अली रजा ने न्यूज एजेंसी डीपीए को बताया कि यह बस क्वेटा से पेशावर जा रही थी और करीब आधे रास्ते में दाना सर के पहाड़ी इलाके में हादसे का शिकार हो गई. न्यूज एजेंपी एपी ने अधिकारियों के हवाले से बताया है कि बस में क्षमता से अधिक यात्री सवार थे और यह तेज रफ्तार में जा रही थी.

बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद ने बताया कि हादसे का शिकार हुई बस में एक दूसरी बस के यात्री भी सवार थे, जो रास्ते में खराब हो गई थी. उन्होंने कहा कि मृतकों की पहचान करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं. बचाव विभाग के प्रवक्ता फजल दिन ने डीपीए को बताया कि खाई में गिरने से बस की हालत पूरी तरह से खराब हो गई थी, इसलिए बचावकर्मियों को घायलों और मृतकों के शवों को निकालने के लिए कटर और दूसरी मशीनों का इस्तेमाल करना पड़ा. उन्होंने कहा कि कुछ घायलों की हालत अभी बेहद गंभीर है, ऐसे में मृतकों का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है.

अमेरिका ने किया "आतंकी हमलों" के खिलाफ पाकिस्तान के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि वह “आतंकवादी हमलों के खिलाफ पाकिस्तान के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन” करता है. अमेरिका ने अपने बयान में कहा, "पाकिस्तानी जनता ने आतंकवादियों के हाथों भारी पीड़ा झेली है." यह बयान तब आया है जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच की लड़ाई रुक-रुककर जारी है. पहले एक-दूसरे के सहयोगी रह चुके पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने इस साल फरवरी में अपनी सबसे भीषण लड़ाई लड़ी थी. पाकिस्तान अफगानिस्तान पर ऐसे उग्रवादियों को शरण देने का आरोप लगाता है, जो पाकिस्तान में हिंसक हमलों को अंजाम देते हैं.

वहीं, अफगानिस्तान लगातार इन आरोपों से इनकार करता है. अमेरिका अफगान तालिबान को एक आतंकवादी समूह मानता है. वहीं, राष्ट्रपति के तौर पर डॉनल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में अमेरिका और पाकिस्तान के संबंधों में काफी सुधार आया है. ईरान युद्ध के खात्मे के लिए हो रही वार्ता में भी पाकिस्तान एक अहम भूमिका निभा रहा है.

ऐसे में अब अमेरिका ने भी पाकिस्तान के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया है. फीफा वर्ल्ड कप: अल्जीरिया को हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुंचा स्विट्जरलैंड स्विट्जरलैंड ने अल्जीरिया को 2-0 से हराकर वर्ल्ड कप के राउंड ऑफ 16 (प्री-क्वार्टर फाइनल) में अपनी जगह पक्की कर ली है. अब अंतिम-16 के मुकाबले में स्विट्जरलैंड का सामना शुक्रवार को कोलंबिया और घाना के बीच होने वाले मैच के विजेता से होगा. मैच के पहले हाफ में स्विट्जरलैंड के लिए ब्रील एम्बोलो ने पहला गोल कर टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी.

इसके बाद दूसरे हाफ के पहले ही मिनट में डैन एनडॉय ने दूसरा गोल दाग दिया. इस हार के साथ ही अल्जीरिया भी आइवरी कोस्ट, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, सेनेगल और दक्षिण अफ्रीका की तरह राउंड ऑफ 32 के दौर से बाहर होने वाली अफ्रीकी टीमों की सूची में शामिल हो गया है. इस वर्ल्ड कप में अब तक केवल मोरक्को ही एकमात्र अफ्रीकी टीम है जो अगले दौर में आगे बढ़ सकी है. फीफा वर्ल्ड कप में हार के बाद इस्तीफा दे सकते हैं जर्मन कोच यूलियान नागेल्समान फुटबॉल वर्ल्ड कप में जर्मन टीम के खराब प्रदर्शन और जल्दी बाहर हो जाने के बाद मुख्य कोच यूलियान नागेल्समान अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं.

जर्मन ब्रॉडकास्टर स्काई और बिल्ड अखबार के मुताबिक, नागेल्समान ने यह फैसला गुरुवार को फ्रैंकफर्ट में जर्मन फुटबॉल फेडरेशन (डीएफबी) के शीर्ष नेतृत्व के साथ हुई एक अहम बैठक के बाद लिया है, जिसमें फुटबॉल बोर्ड ने उन्हें पद छोड़ने का सुझाव दिया था. यह भी पढ़ें: फुटबॉल में कैसे फुस्स हुई दिग्गज जर्मन टीम जर्मनी को सोमवार को राउंड ऑफ 32 के मुकाबले में पराग्वे के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद टीम लगातार तीसरी बार वर्ल्ड कप से शुरुआती दौर में बाहर हो गई. इससे पहले 2018 और 2022 के वर्ल्ड कप में भी जर्मनी ग्रुप स्टेज से आगे नहीं बढ़ पाया था. हालांकि, पराग्वे से मिली हार के बाद नागेल्समान ने इस्तीफा देने से साफ इनकार कर दिया था, लेकिन फेडरेशन के दबाव के बाद अब वे पद छोड़ने को तैयार हो गए हैं. फुटबॉल फैंस और विशेषज्ञ अब लिवरपूल के पूर्व कोच युर्गेन क्लोप को नागेल्समान के संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देख रहे हैं. जर्मनी का अगला मुकाबला 24 सितंबर को नेशंस लीग में नीदरलैंड्स के खिलाफ होना है, ऐसे में बोर्ड जल्द ही नए कोच के नाम पर मुहर लगा सकता है.
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