केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सीजेपी ने ऐलान किया है कि सरकार ने उनकी बाकी शर्तें भी मान ली हैं और वे अपना प्रदर्शन खत्म कर रहे हैं.सीजेपी ने ऐलान किया है कि पार्टी अपना प्रदर्शन अब खत्म कर रही है.
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है. अब जंतर मंतर पर बैठे हजारों विद्यार्थियों और सीजेपी की मुख्य मांग यही थी कि प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें. इसके बिना वे अपना आंदोलन खत्म नहीं करेंगे. प्रदर्शनकारियों की मांग को लेकर सरकार पर भी दवाब था.
धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया एक्स अपने इस्तीफे की जानकारी साझा करते हुए लिखा कि "जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, इस स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ ना उठाएं, देश की एकता बनी रहे, भारत के एक भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में ना उलझे, हमारे बच्चे अपना समय पढ़ाई में लगाएं, करियर बनाने पर फोकस करें, इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र माननीय प्रधानमंत्री जी को भेज दिया है.” साथ ही उन्होंने लिखा कि पिछले दस दिनों के घटनाक्रम को देखकर उनका मन दुखी है और ये उनके लिए निजी प्रतिष्ठा का विषय नहीं है. इस्तीफे की खबर पर कॉकरोज जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने जंतर मंतर पर लोगों को संबोधित करते हुए कहा, "हमने कर दिखाया है. धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा दे दिया है." इस खबर पर जंतर मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. यह पहला मौका है जब बीजेपी की सरकार में किसी केंद्रीय मंत्री ने इस्तीफा दिया है. 26 दिनों तक अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी एक्स पर लिखा कि ये इस्तीफा लोकतंत्र की जीत है. साथ ही उन्होंने सीजेपी और सभी युवा प्रदर्शनकारियों को बधाई भी दी.

