Dailyhunt
94 की उम्र में भी बिजनेस का बड़ा नाम हैं बेनु गोपाल बांगुर, जानिए उनकी सक्सेस की कहानी

94 की उम्र में भी बिजनेस का बड़ा नाम हैं बेनु गोपाल बांगुर, जानिए उनकी सक्सेस की कहानी

New Delhi: कोलकाता के उद्योगपति बेनु गोपाल बांगुर 94 साल की उम्र में भी भारत के कारोबारी जगत का बड़ा नाम बने हुए हैं। करीब 5.8 बिलियन डॉलर यानी लगभग 53,789 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ वे भारत के दूसरे सबसे उम्रदराज अरबपति माने जाते हैं।

उन्होंने श्री सीमेंट को केवल एक कारोबारी इकाई नहीं, बल्कि देश के सबसे भरोसेमंद और लोकप्रिय सीमेंट ब्रांडों में शामिल कराने में अहम भूमिका निभाई।

जिम्मेदारियों ने बदली जिंदगी की दिशा

बेनु गोपाल बांगुर की जिंदगी की कहानी संघर्ष, जिम्मेदारी और दूरदर्शिता का उदाहरण मानी जाती है। उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन किया था और शुरुआती दौर में उनका रुझान सीधे तौर पर बड़े कारोबार की ओर नहीं था।

हालांकि, 1992 में परिवार के भीतर बंटवारे और व्यावसायिक परिस्थितियों में बदलाव के बाद उनकी भूमिका अचानक काफी अहम हो गई। सीमित अनुभव के बावजूद उन्होंने परिवार के वरिष्ठ सदस्यों के मार्गदर्शन में तेजी से बिजनेस की बारीकियां सीखीं और खुद को उद्योग जगत में स्थापित किया।

Stock Market: गिरावट के साथ खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स और निफ्टी शुरुआती कारोबार में फिसले नीचे; जानें अपडेट

सीमेंट कारोबार में बनाई अलग पहचान

बेनु गोपाल बांगुर ने सीमेंट, जूट और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में गहरी समझ विकसित की, लेकिन उनकी सबसे बड़ी पहचान सीमेंट सेक्टर में बनी। 1979 में स्थापित श्री सीमेंट को उन्होंने अपनी रणनीतिक सोच, लागत नियंत्रण और विस्तारवादी दृष्टिकोण के दम पर एक मजबूत कॉरपोरेट ताकत में बदल दिया।

उनके नेतृत्व में कंपनी ने श्री अल्ट्रा जंग रोधक, बांगड़ सीमेंट और रॉकस्ट्रॉन्ग जैसे ब्रांड लॉन्च किए, जिन्होंने बाजार में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। किफायती कीमत और गुणवत्ता के कारण इन ब्रांडों ने उपभोक्ताओं के बीच भरोसेमंद पहचान बनाई।

बड़े फैसलों ने दिलाई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान

बेनु गोपाल बांगुर की कारोबारी समझ का सबसे बड़ा उदाहरण कंपनी के विस्तार से जुड़ी उनकी रणनीतियों में देखा जाता है। 2014 में जयप्रकाश एसोसिएट्स के सीमेंट कारोबार का अधिग्रहण और 2018 में UAE की यूनियन सीमेंट कंपनी की खरीद जैसे फैसलों ने श्री सीमेंट को नए स्तर पर पहुंचाया।

चुनौतियों और विवादों के बीच भी कायम रही साख

अपने लंबे कारोबारी सफर में बेनु गोपाल बांगुर को कई कानूनी और पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने संयम, व्यावसायिक अनुशासन और मजबूत नेतृत्व के दम पर कंपनी की साख को बरकरार रखा। यही वजह है कि श्री सीमेंट लगातार देश की अग्रणी कंपनियों में गिनी जाती रही।

अब अगली पीढ़ी संभाल रही विरासत

2022 में अध्यक्ष पद से हटने के बाद अब कंपनी की कमान उनके बेटे हरि मोहन बांगुर और पोते प्रशांत के हाथों में है। यह बदलाव बांगुर परिवार की उस कारोबारी विरासत को आगे बढ़ाने का संकेत है। जिसने दशकों तक भारतीय उद्योग जगत में अपनी अलग पहचान बनाए रखी।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Dynamite News