Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
बिहार में शर्मनाक करतूत! बच्चों को ड्रेस पहनाकर खिंचवाई फोटो, फिर वापस उतरवाए कपड़े, ग्रामीणों में आक्रोश

बिहार में शर्मनाक करतूत! बच्चों को ड्रेस पहनाकर खिंचवाई फोटो, फिर वापस उतरवाए कपड़े, ग्रामीणों में आक्रोश

Rohtas: बिहार के रोहतास जिले के करगहर प्रखंड अंतर्गत सिरसिया गांव से एक बेहद हैरान और विचलित करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ के स्थानीय आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़ने वाले मासूम बच्चों के साथ सरकारी योजनाओं के नाम पर भद्दा मजाक किए जाने का आरोप लगा है।

आरोप है कि केंद्र पर आने वाले छोटे बच्चों को सरकारी रिकॉर्ड दुरुस्त करने के लिए पहले नई पोशाक (ड्रेस) पहनाई गई, उनका फोटो सेशन कराया गया और काम पूरा होते ही उनसे कपड़े वापस उतरवा लिए गए। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पूरे प्रशासनिक महकमे और इलाके में हड़कंप मचा दिया है।

वायरल वीडियो ने खोली दावों की पोल, ग्रामीणों में भारी गुस्सा

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में कई मासूम और छोटे बच्चे बिना कपड़ों के घूमते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद गांव के लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि सरकारी योजना के तहत मिलने वाली मुफ्त पोशाक के वितरण को केवल कागजों और रिकॉर्ड में असली दिखाने के लिए यह घिनौनी चाल चली गई थी।

बच्चों को सिर्फ फोटोग्राफी के उद्देश्य से तैयार किया गया और फोटो खिंचते ही उनके बदन से कपड़े खींच लिए गए। ग्रामीणों ने इस कृत्य को बच्चों के साथ अमानवीय और अपमानजनक व्यवहार बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

बिहार डीजीपी ने पुलिसवालों को दी नसीहत, कहा- वर्दी रौब…

आंगनबाड़ी सेविका ने आरोपों को बताया सोची-समझी साजिश

इस पूरे विवाद और गंभीर आरोपों पर जब आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका से सवाल किया गया, तो उन्होंने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। सेविका का कहना है कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह निराधार और झूठे हैं।

उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि जिन बच्चों का केंद्र में आधिकारिक रूप से नामांकन (रजिस्ट्रेशन) नहीं है, उनके माता-पिता और अभिभावकों ने उन्हें बदनाम करने के लिए जानबूझकर यह साजिश रची है और माहौल खराब करने के लिए आधा-अधूरा वीडियो वायरल किया है। सेविका के मुताबिक, सरकारी नियमानुसार पोशाक की राशि या ड्रेस केवल नामांकित बच्चों को ही दी जा सकती है।

क्या बंगाल में भी बिहार की तरह दो Depty CM वाला फॉर्मूला लागू? चार बजे विधायक दल की बैठक

प्रशासनिक स्तर पर जांच शुरू

वीडियो के सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैलने के बाद स्थानीय प्रशासन और बाल विकास परियोजना कार्यालय पूरी तरह सक्रिय हो गया है। संबंधित विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मामला बेहद संवेदनशील है और मासूम बच्चों से जुड़ा हुआ है। वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए मामले की आधिकारिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद यदि आंगनबाड़ी केंद्र की लापरवाही या धोखाधड़ी उजागर होती है, तो दोषियों के खिलाफ निलंबन सहित कड़ी विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, यह कथित 'फोटो स्कैम' पूरे जिले में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Dynamite News