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Budaun: अलापुर नगर पंचायत में कौन हैं ये 'भूतिया कर्मचारी', जिन्हें ऑफिस आए बिना ही मिल रही तनख्वाह

Budaun: अलापुर नगर पंचायत में कौन हैं ये 'भूतिया कर्मचारी', जिन्हें ऑफिस आए बिना ही मिल रही तनख्वाह

Budaun: जनपद के नगर पंचायत अलापुर में सरकारी धन के दुरुपयोग का एक बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि यहां तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर समेत कई आउटसोर्सिंग कर्मचारी महीनों से कार्यालय की शक्ल तक नहीं देख रहे, लेकिन हर महीने वेतन खाते में पहुंच जा रहा है।

हिंदू स्वाभिमान परिषद ने इस अनियमितता को उजागर करते हुए प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

क्या है पूरा मामला

हिंदू स्वाभिमान परिषद के जिला अध्यक्ष राजन पाठक ने ADM प्रशासन बदायूं को दिए लिखित शिकायती पत्र में बताया कि नगर पंचायत अलापुर में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर अरवेद खान, पुत्र अकरम खान, स्थानीय निवासी होने के बावजूद नियमित रूप से दफ्तर नहीं आते। आरोप है कि वे बिना बायोमेट्रिक हाजिरी, बिना फाइल छुए घर बैठे ही पूरा वेतन उठा रहे हैं।

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शिकायत में यह भी कहा गया है कि अरवेद खान अकेले नहीं हैं। आउटसोर्सिंग के जरिए ठेके पर रखे गए कई अन्य कर्मचारियों के नाम भी वेतन रजिस्टर और मस्टर रोल में दर्ज हैं, लेकिन हकीकत में वे नगर पंचायत में कभी काम पर नहीं आते। परिषद का आरोप है कि "नाम कागज पर, तनख्वाह जेब में" का यह खेल लंबे समय से चल रहा है और इससे सरकारी खजाने को हर महीने लाखों का चूना लग रहा है।

राजन पाठक ने ADM से मांग की है कि पूरे स्टाफ की भौतिक सत्यापन के साथ जांच कराई जाए। जो कर्मचारी बिना काम के वेतन ले रहे हैं, उनसे वसूली की जाए और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो।

प्रशासन का पक्ष

इस मामले पर ADM प्रशासन बदायूं ने बताया कि शिकायत मिलते ही जांच का जिम्मा SDM दातागंज को सौंप दिया गया है। SDM की रिपोर्ट आने के बाद दोषी कर्मचारियों और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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स्थानीय लोगों में नाराजगी

अलापुर के नागरिकों का कहना है कि नगर पंचायत में सफाई, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, टैक्स कलेक्शन जैसे जरूरी काम समय पर नहीं होते क्योंकि कंप्यूटर ऑपरेटर और अन्य स्टाफ ऑफिस में मिलते ही नहीं। एक तरफ जनता चक्कर काटती है, दूसरी तरफ 'गायब' कर्मचारी घर बैठे सैलरी ले रहे हैं।

अब सबकी नजरें SDM दातागंज की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। रिपोर्ट में कितने 'भूतिया कर्मचारी' पकड़े जाते हैं और सरकारी धन की कितनी रिकवरी होती है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।

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