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DMC की डिप्टी मेयर का लखीमपुर खीरी से क्या खास है रिश्ता, आइए जानें

DMC की डिप्टी मेयर का लखीमपुर खीरी से क्या खास है रिश्ता, आइए जानें

New Delhi: नई दिल्ली नगर निगम (DMC) चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की जीत के साथ लखीमपुर खीरी जिले का नाम भी सुर्खियों में आ गया है। सिंगाही कस्बे की बहू डॉ. मोनिका पंत के दिल्ली की डिप्टी मेयर बनने से जिले में खुशी का माहौल है।

राजधानी की राजनीति में बड़ी जिम्मेदारी मिलने के बाद अब लोग उनके पारिवारिक और सामाजिक जुड़ाव को जानने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। खास बात यह है कि डॉ. मोनिका पंत का ससुराल लखीमपुर खीरी के सिंगाही कस्बे में है, जिससे जिले के लोग इस उपलब्धि को अपना गौरव मान रहे हैं।

29 अप्रैल को हुए चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार प्रवेश वाही मेयर चुने गए, जबकि डॉ. मोनिका पंत ने डिप्टी मेयर पद पर जीत दर्ज की। उन्हें चुनाव में 156 वोट मिले। उनके मुकाबले कांग्रेस प्रत्याशी हाजी जराफ को केवल नौ वोट हासिल हुए।

चुनाव परिणाम सामने आते ही दिल्ली के साथ-साथ लखीमपुर खीरी में भी उत्साह का माहौल देखने को मिला। सिंगाही क्षेत्र के लोगों ने इसे जिले के लिए गर्व का क्षण बताया। स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी स्थानीय परिवार की बहू का देश की राजधानी में इतना बड़ा पद हासिल करना पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक है।

सिंगाही से जुड़ा है पारिवारिक रिश्ता

डॉ. मोनिका पंत का ससुराल लखीमपुर खीरी जिले के सिंगाही कस्बे में है। उनका परिवार शिक्षा और प्रशासनिक क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय रहा है। उनके ससुर डॉ. गायत्रीनाथ पंत डीम्ड यूनिवर्सिटी में पुरातत्व विभाग के प्रो वाइस चांसलर रह चुके हैं। परिवार की शैक्षणिक पृष्ठभूमि ने उन्हें सामाजिक समझ और नेतृत्व क्षमता प्रदान की।

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उनके पति आशीष पंत पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। परिवार के अन्य सदस्य भी प्रशासनिक और सरकारी सेवाओं में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। बड़े देवर संजय पंत भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी रहे हैं और विशाखापट्टनम में चीफ कमिश्नर पद से सेवानिवृत्त हुए। वर्तमान में वह ड्रेजिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया में निदेशक के रूप में कार्य कर रहे हैं।

डॉक्टर से राजनीति तक का सफर

डॉ. मोनिका पंत का जन्म एक शिक्षित परिवार में हुआ। उनके पिता डॉ. पूरन चंद पांडेय उत्तराखंड के अल्मोड़ा निवासी थे और स्वास्थ्य विभाग में सेवाएं देने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी पद से सेवानिवृत्त हुए। पारिवारिक माहौल का असर डॉ. पंत पर भी पड़ा और उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र को चुना।

डॉक्टर के रूप में काम करने के बाद उन्होंने सामाजिक कार्यों में रुचि दिखाई। लोगों के बीच सक्रियता बढ़ने के साथ उन्होंने राजनीति की ओर कदम बढ़ाया। भारतीय जनता पार्टी से जुड़ने के बाद उन्होंने संगठन में कई जिम्मेदारियां निभाईं और दिल्ली प्रदेश उपाध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया।

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चुनावी सफलता ने दिलाई नई पहचान

डॉ. मोनिका पंत को बीजेपी ने आनंद विहार वार्ड से पार्षद चुनाव का टिकट दिया था। उन्होंने आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार को करीब 3300 वोटों से हराकर जीत दर्ज की। उनकी सक्रियता, संगठन में पकड़ और जनसंपर्क को देखते हुए पार्टी ने उन्हें डिप्टी मेयर पद का उम्मीदवार बनाया।

अब डिप्टी मेयर बनने के बाद उनकी पहचान केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रही, बल्कि लखीमपुर खीरी से उनका रिश्ता भी चर्चा का विषय बन गया है। सिंगाही क्षेत्र के लोग उनकी उपलब्धि को अपनी जीत मान रहे हैं और उम्मीद जता रहे हैं कि वह भविष्य में भी सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छूएंगी।

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