Ghaziabad : क्या सच में राज ठाकरे की प्रॉपर्टी कुर्क हो सकती है? दरअसल, गाजियाबाद की कोर्ट ने ऐसा फैसला सुनाया है। जो काफी चर्चा का मुद्दा बना हुआ है। यह आदेश गाजियाबाद की एसीजीएम कोर्ट ने सुनाया है।
अगली सुनवाई का समय 20 जुलाई रखा है। कोर्ट ने प्रॉपर्टी की कुर्की के आदेश से पहले इसको पेपर में छपवाने के निर्देश दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, मामला 31 अगस्त 2012 से जुड़ा हुआ है। महाराष्ट्र में राज ठाकरे ने उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों के लिए आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल किया था। इस मामले में गाजियाबाद में स्थित विजयनगर में रहने वाले देवलाल प्रसाद ने 2012 में याचिका दाखिल की थी।
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एक बार भी कोर्ट में पेश नहीं हुए राज ठाकरे
याचिका में लिखा था कि राज ठाकरे की आपत्तिजनक भाषा की वजह से उत्तर प्रदेश और बिहार की जनता को काफी ठेस पहुंची है। इस मामले में गाजियाबाद की कोर्ट में राज ठाकरे को कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया, लेकिन एक बार भी वह कोर्ट में पेश नहीं हुए।
अगली सुनवाई 20 जून को
बताया जा रहा है कि करीब 35 बार गैर-जमानती वारंट जारी हो चुके हैं। अब इस मामले में कोर्ट ने वादी को अखबार में गजट प्रकाशित करने के आदेश दिए हैं। अब मामले की अगली सुनवाई 20 जून को होगी।

