Gorakhpur: बेमौसम बारिश के बाद शहर के बहुचर्चित विरासत गलियारा की हकीकत जानने के लिए जिलाधिकारी दीपक मीणा गुरुवार को खुद मैदान में उतर गए। पाण्डेय हाता से धर्मशाला तक पैदल निरीक्षण कर उन्होंने न सिर्फ व्यवस्थाओं की पोल खोली, बल्कि मौके पर ही जिम्मेदार अधिकारियों को कड़े निर्देश भी दिए।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी
निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ा फोकस जल निकासी व्यवस्था पर रहा। डीएम ने बेड ड्रेन, मुख्य नालों और गलियों की कनेक्टिविटी को बारीकी से परखा। कई स्थानों पर नालियों का स्तर असंतुलित मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई और साफ निर्देश दिया कि गलियों और मुख्य मार्ग की नालियां एक समान स्तर पर हों, ताकि बारिश में जलभराव की समस्या पैदा न हो। उन्होंने तत्काल सफाई, ढलान सुधार और कनेक्टिविटी दुरुस्त करने के आदेश दिए।
अंधेरे और सुरक्षा को लेकर शिकायतें
स्थानीय व्यापारियों से सीधे संवाद करते हुए डीएम ने उनकी समस्याएं सुनीं। व्यापारियों ने जलभराव, अंधेरे और सुरक्षा को लेकर शिकायतें रखीं, जिस पर डीएम ने मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गलियों में आवागमन आसान बनाने के लिए नालों के ऊपर स्लैब (पटिया) लगाए जाएं, ताकि लोगों को दिक्कत न हो।
डीएम ने सख्त रुख अपनाया
बिजली व्यवस्था पर भी डीएम ने सख्त रुख अपनाया। कई जगह खुले में लटकते बिजली के तारों को गंभीर खतरा बताते हुए उन्होंने विद्युत विभाग को प्राथमिकता के आधार पर इन्हें अंडरग्राउंड करने के निर्देश दिए। साथ ही स्ट्रीट लाइट की कमी पर नाराजगी जताते हुए तुरंत नई लाइटें लगाने को कहा।
सुविधाओं में किसी भी तरह की कमी स्वीकार नहीं
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी डीएम ने कोई ढील नहीं दी। खराब पड़े सीसीटीवी कैमरों को जल्द ठीक कराने और जरूरत पड़ने पर नए कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विरासत गलियारा शहर की पहचान है, यहां सुरक्षा और सुविधाओं में किसी भी तरह की कमी स्वीकार नहीं की जाएगी।
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डीएम ने सभी विभागों को चेतावनी दी
निरीक्षण के अंत में डीएम ने सभी विभागों को चेतावनी दी कि समन्वय के साथ काम करें और चिन्हित समस्याओं का स्थायी समाधान तय समय सीमा में सुनिश्चित करें। इस दौरान एडीएम सिटी अंजनी कुमार सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।

