Gorakhpur: जनपद के बड़हलगंज स्थित मुक्तिपथ घाट पर सुबह सरयू (घाघरा) नदी में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब यात्रियों को लेकर जा रही एक प्राइवेट मोटर बोट अचानक असंतुलित होकर पलट गई। देखते ही देखते नदी में चीख-पुकार मच गई और घाट पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार घटना सुबह करीब 10:45 बजे हुई, जब मोटर बोट पर सवार पांच लोग नदी में गिर गए।
बोट पलटते ही शुरू हुआ राहत और बचाव अभियान
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बोट पलटते ही घाट पर मौजूद नाविकों और आपदा मित्रों ने बिना समय गंवाए नदी में छलांग लगा दी और तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। प्रशासन द्वारा पहले से की गई तैयारियों और स्थानीय लोगों की तत्परता के चलते कुछ ही मिनटों में सभी पांचों सवारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हादसे में कुछ लोगों को हल्की चोटें आईं, जिन्हें तत्काल प्राथमिक उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़हलगंज भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है।
लाइफ जैकेट बनी यात्रियों की जीवनरक्षक
इस घटना में सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि सभी यात्रियों ने लाइफ जैकेट पहन रखी थी। यही सुरक्षा उपाय उनके लिए जीवनरक्षक साबित हुआ और संभावित बड़ा हादसा टल गया। यदि यात्रियों ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी होती तो स्थिति कहीं अधिक गंभीर हो सकती थी।
घाटों पर पहले से तैनात हैं आपदा मित्र
जनपद प्रशासन द्वारा हाल के दिनों में बढ़ रही डूबने की घटनाओं को देखते हुए संवेदनशील घाटों पर आपदा मित्रों की तैनाती की गई है। अपर जिला अधिकारी (वित्त एवं राजस्व) एवं प्रभारी अधिकारी (आपदा) के निर्देशन में घाटों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और लोगों को जल सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
मुक्तिपथ घाट पर तैनात आपदा मित्र घनश्याम मौर्य और सुरीना ने बताया कि वे प्रतिदिन नाव और मोटर बोट से यात्रा करने वाले लोगों को लाइफ जैकेट पहनने के लिए प्रेरित करते हैं। साथ ही सभी मोटर बोट संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि बिना लाइफ जैकेट किसी भी यात्री को यात्रा न कराई जाए।
प्रशासन ने की सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील
प्रशासन ने मोटर बोट चालकों को निशुल्क लाइफ जैकेट उपलब्ध कराकर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया है। गुरुवार की घटना ने यह साबित कर दिया कि सुरक्षा मानकों का पालन, समय पर रेस्क्यू और प्रशासन की पूर्व तैयारी कई जिंदगियों को बचा सकती है। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि नदी में यात्रा के दौरान लापरवाही न बरतें, सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन अथवा आपदा मित्रों को सूचना दें।

