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जिसे समझा सपनों का 'राजकुमार', वो खेल रहा था गंदा खेल; एक खुलासे ने बदल दी लड़की की जिंदगी!

जिसे समझा सपनों का 'राजकुमार', वो खेल रहा था गंदा खेल; एक खुलासे ने बदल दी लड़की की जिंदगी!

Agra: उत्तर प्रदेश के आगरा से धोखाधड़ी का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक शातिर युवक ने खुद को पीसीएस (PCS) अधिकारी बताकर एक पूर्व फौजी की बेटी को अपनी बातों के जाल में फंसा लिया।

आरोपी ने युवती को सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा दिया और उससे करीब 10 लाख रुपये ऐंठ लिए। इस शातिर ठग ने पीड़िता का विश्वास जीतने के लिए बकायदा डाक से तीन बार सरकारी नियुक्ति पत्र भी भेजे, लेकिन जब हकीकत सामने आई तो पीड़ित परिवार के होश उड़ गए।

पूर्व फौजी की बेटी से 10 लाख की ठगी

जानकारी के अनुसार, आगरा के ट्रांस यमुना इलाके के रहने वाले सेवानिवृत्त सैनिक विजय कुमार ने बताया कि उनकी बेटी के पास अपनी जमा-पूंजी के करीब आठ लाख रुपये थे। लगभग एक साल पहले उनकी बेटी की मुलाकात बरेली के खड़ऊआ निवासी सचिन नाम के युवक से हुई थी। सचिन ने खुद को एक रसूखदार पीसीएस अधिकारी बताया और दावा किया कि वह उसकी सरकारी नौकरी लगवा सकता है। भरोसा जीतने के लिए उसने पहले से चयनित कुछ लोगों के फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिखाए। आरोपी अक्सर पीड़िता से मिलने आगरा आता था और उसकी बातों में आकर पीड़िता ने अलग-अलग बैंक खातों में कुल 8.10 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए, जो धीरे-धीरे खर्चों सहित 10 लाख तक पहुंच गए।

डाक से आए 'फर्जी' नियुक्ति पत्र और रद्द होने का बहाना

कुछ समय बाद आरोपी सचिन ने पीड़िता से कहा कि उसकी नियुक्ति सिंचाई विभाग में एक बड़े अधिकारी के पद पर हो गई है। इसके बाद पीड़िता के घर डाक से एक आधिकारिक नियुक्ति पत्र आया, जिसमें दस्तावेज सत्यापन (डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन) की बात लिखी थी और 30 अगस्त 2025 को जॉइनिंग की तारीख दी गई थी। जब पीड़िता लखनऊ में दस्तावेज सत्यापन के लिए जाने वाली थी, तभी आरोपी ने कॉल कर बहाना बनाया कि अपरिहार्य कारणों से भर्ती रद्द हो गई है। शातिर ठग ने इसी तरह दो बार और फर्जी नियुक्ति पत्र भेजे और बाद में भर्ती रोके जाने का नाटक कर मामला टालता रहा।

जांच में खुला राज: पहले भी कई लड़कियों को बना चुका है शिकार

लगातार टालमटोल से परेशान होकर जब पीड़िता ने उन नियुक्ति पत्रों की विभागीय जांच करवाई, तो पता चला कि सारे पत्र पूरी तरह से फर्जी थे। इसी बीच जलालाबाद के एक व्यक्ति ने पीड़ित परिवार को फोन कर बताया कि सचिन कोई अधिकारी नहीं है, बल्कि एक पेशेवर ठग है। वह पहले भी कई लड़कियों को शादी और नौकरी के नाम पर अपना शिकार बना चुका है। जलालाबाद में भी उसके खिलाफ एक युवती ने मामला दर्ज कराया था, जिसके बाद पुलिस ने उसे जेल भेजा था।

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पुलिस ने शुरू की विधिक कार्रवाई

धोखाधड़ी का अहसास होने पर पीड़ित परिवार ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने मीडिया रिपोर्ट में बताया कि पूर्व फौजी की शिकायत के आधार पर फर्जी पीसीएस अधिकारी सचिन के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस बैंक खातों की डिटेल और अन्य साक्ष्य संकलन कर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।

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