Nainital: पर्यटन सीजन की शुरुआत के साथ ही नैनीताल में होमस्टों की अनियमितताओं पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। जिला पर्यटन विभाग ने उन सभी होमस्टे संचालकों पर कार्रवाई तेज कर दी है, जो बिना अनुमति या नियमों के उलट कारोबार कर रहे थे।
जिला पर्यटन अधिकारी अतुल भंडारी ने बताया कि पिछले दो दिनों से लगातार निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है, ताकि यहां पहुंचने वाले पर्यटकों को सुरक्षित और मानकों के अनुरूप आवास उपलब्ध कराया जा सके।
निर्देशों को पूरी तरह नजरअंदाज
जांच के दौरान कई जगह होमस्टों का पंजीकरण अधूरा मिला, जबकि कुछ स्थानों पर निर्देशों को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा था। विभाग ने नियमों का पालन न करने पर अब तक 52 होमस्टों का पंजीकरण रद्द कर दिया है। इसके साथ ही बिना पंजीकरण चल रहे चार होमस्टों पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
घरेलू वातावरण और पहाड़ी जीवन की झलक
अतुल भंडारी के अनुसार होमस्टे योजना का मकसद सिर्फ पर्यटकों को कमरा उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि उन्हें स्थानीय संस्कृति, घरेलू वातावरण और पहाड़ी जीवन की झलक दिखाना भी है। इसी वजह से संचालक का उसी भवन में रहना अनिवार्य है। लेकिन जांच में कई होमस्टे ऐसे मिले जो मालिक की उपस्थिति के बिना चल रहे थे, जो योजना की मूल भावना के विरुद्ध है। उन्होंने साफ कहा कि आने वाले दिनों में भी ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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नियमों को ताक पर रखकर चल रहे कारोबार
पर्यटन विभाग का कहना है कि सीजन में कुछ अवैध संचालक पर्यटकों से मनमानी वसूली कर प्रदेश की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं, साथ ही कई बार पर्यटकों के साथ अभद्रता की शिकायतें भी सामने आती हैं। इसी कारण विभाग ने जिले में चल रहे सभी संदिग्ध होमस्टों की जांच करने और नियमों को ताक पर रखकर चल रहे कारोबार पर रोक लगाने का अभियान शुरू किया है।
आसपास बड़ी संख्या में होमस्टे संचालि
गौरतलब है कि नैनीताल और उसके आसपास बड़ी संख्या में होमस्टे संचालित हैं, जिन पर पर्यटन सीजन में सबसे ज्यादा दबाव रहता है। ऐसे में पर्यटन विभाग ने साफ कर दिया है कि मानकों का पालन न करने वाले किसी भी होमस्टे को संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी और जांच अभियान आगे भी निर्बाध रूप से चलता रहेगा।

