Nainital: आस्था की दुनिया में कुछ जगहें ऐसी होती हैं, जिनके बारे में सुनते ही मन खुद-ब-खुद खिंचा चला जाता है। उत्तराखंड की पवित्र धरती पर स्थित रामनगर का हनुमान धाम भी कुछ ऐसा ही है, जहां श्रद्धा और विश्वास की कहानी हर दिन नई तरह से लिखी जाती है।
मान्यता है कि यहां आने वाले भक्त अपनी मनोकामनाएं लिखकर बजरंगबली के चरणों में रखते हैं और उनकी हर इच्छा पूरी होती है।
एक ही स्थान पर 21 स्वरूपों के दर्शन
नैनीताल जनपद के इस खास धाम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां हनुमान जी के कुल 21 दिव्य स्वरूपों के दर्शन एक ही परिसर में होते हैं। इनमें बाल रूप, माता अंजनी के साथ स्वरूप, प्रभु राम के दास के रूप में, पंचमुखी हनुमान, संजीवनी लेकर उड़ते स्वरूप और हृदय में राम-सीता को विराजमान किए रूप जैसे कई अद्भुत रूप शामिल हैं। यही वजह है कि यह धाम भक्तों के बीच खास पहचान बना चुका है।
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सेवा और भक्ति का संदेश
धाम से जुड़े आचार्यों का कहना है कि हनुमान जी का जीवन सेवा और भक्ति का प्रतीक है और इसी भावना को इस मंदिर परिसर में जीवंत किया गया है। यहां आने वाले श्रद्धालु न सिर्फ दर्शन करते हैं, बल्कि भक्ति और समर्पण का संदेश भी अपने साथ लेकर जाते हैं।
पूजा और समय का विशेष महत्व
हनुमान धाम हर दिन श्रद्धालुओं के लिए खुला रहता है। गर्मियों में सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक और सर्दियों में सुबह 5 बजे से रात 8 बजे तक दर्शन किए जा सकते हैं। दोपहर 1 से 2 बजे तक विश्राम का समय रहता है। यहां मंगला आरती, पुष्पांजलि, भोग, सायंकालीन आरती और शयन आरती का विशेष महत्व है। मंदिर की पवित्रता को ध्यान में रखते हुए यहां आने से पहले नॉनवेज, प्याज और लहसुन का सेवन न करने की सलाह दी जाती है।
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पर्यटन और आस्था का संगम
हर दिन बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु और दूर-दराज से आने वाले भक्त यहां पहुंचते हैं। खास बात यह है कि जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क और गिरिजा मंदिर घूमने आने वाले सैलानी भी अब इस धाम को अपनी यात्रा का हिस्सा बना रहे हैं। रामनगर से करीब 7 किलोमीटर दूर स्थित यह मंदिर सड़क, रेल और हवाई मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है।

