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सरकारी कागजों में पोखरी, जमीन पर सालों पुराना रास्ता. सहजनवा के शाहपुर गांव में अचानक ऐसा क्या हुआ कि भड़क उठे दर्जनों ग्रामीण?

सरकारी कागजों में पोखरी, जमीन पर सालों पुराना रास्ता. सहजनवा के शाहपुर गांव में अचानक ऐसा क्या हुआ कि भड़क उठे दर्जनों ग्रामीण?

Gorakhpur: सहजनवा तहसील क्षेत्र के ग्राम शाहपुर में सार्वजनिक रास्ते की भूमि पर कथित अवैध कब्जे और निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश देखने को मिला। सोमवार को करीब दो दर्जन ग्रामीणों ने प्रदर्शन करते हुए तहसील मुख्यालय पहुंचकर तहसीलदार राकेश कन्नौजिया को ज्ञापन सौंपा तथा तत्काल अतिक्रमण हटाने की मांग की।

ग्रामीणों का आना-जाना प्रभावित

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही रेशमा देवी ने बताया कि गांव में स्थित गाटा संख्या 214 राजस्व अभिलेखों में पोखरी के नाम से दर्ज है। पोखरी के समीप एक सार्वजनिक रास्ता है, जिसका उपयोग वर्षों से ग्रामीण आवागमन के लिए करते आ रहे हैं। आरोप है कि गांव का एक व्यक्ति उक्त रास्ते की भूमि पर पक्का निर्माण करा रहा है, जिससे रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है और ग्रामीणों का आना-जाना प्रभावित हो रहा है।

अवैध कब्जा हटाने का निर्देश

ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में पूर्व में उपजिलाधिकारी (एसडीएम) से शिकायत की गई थी। शिकायत के आधार पर नायब तहसीलदार के नेतृत्व में एक जांच टीम गठित की गई थी। ग्रामीणों के अनुसार 31 मई को मौके पर जांच के दौरान संबंधित व्यक्ति को अवैध कब्जा हटाने का निर्देश भी दिया गया था। इसके बावजूद अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है और निर्माण कार्य जारी रहने से रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है।

आंदोलन को और तेज किया जाएगा

प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर मामले में ढिलाई बरतने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि शीघ्र अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि समस्या का समाधान न होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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ग्रामीणों ने तहसीलदार से मांग की कि राजस्व विभाग की टीम भेजकर मौके की पुनः जांच कराई जाए तथा सार्वजनिक भूमि से अवैध कब्जा हटाकर रास्ते को तत्काल बहाल किया जाए, ताकि गांव के लोगों का आवागमन सुचारु रूप से हो सके।

सार्वजनिक भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर

प्रदर्शन में शोभा, विमला, लालती, संगीता, मालती, प्रेमलता, चंद्रावती, सुधा, पुष्पा, शोहरत, तेरस, त्रिभुवन, रामानंद, राजन, राजकुमार, विजय, संदीप, सुनील सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करते हुए सार्वजनिक भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

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