New Delhi: सीबीआई ने रिश्वत के मामले में नॉर्दर्न रेलवे के चीफ मटीरियल्स मैनेजर समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि रेलवे टेंडर दिलाने के बदले निजी कंपनी से अवैध रिश्वत ली जा रही थी।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान
- नरेंद्र सिंह, मुख्य सामग्री प्रबंधक (स्टोर) उत्तरी रेलवे (मुख्यालय) बड़ौदा हाउस, नई दिल्ली
- लेनिन शर्मा, वरिष्ठ लिपिक (स्टोर) उत्तरी रेलवे (मुख्यालय) बड़ौदा हाउस, नई दिल्ली
- शारिक अली (निजी व्यक्ति) के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार ये अधिकारी यूपी के व्यापारियों से रिश्वत ले रहे थे। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि यह कार्रवाई शुक्रवार शाम को एक सूचना मिलने के बाद की गई थी।
सीबीआई के अनुसार इस मामले में 3 जुलाई को मामला दर्ज किया गया था। एफआईआर में कुल छह आरोपियों को नामजद किया गया है। इनमें नॉर्दर्न रेलवे मुख्यालय के चीफ मैटेरियल्स मैनेजर, डिप्टी चीफ मैटेरियल्स मैनेजर, सीनियर क्लर्क, एक निजी कंपनी और उसके दो प्रतिनिधि शामिल हैं। इसके अलावा कुछ अन्य अज्ञात सरकारी अधिकारियों और निजी व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
रिश्वत मामले में कार्रवाई
सीबीआई ने चीफ मैनेजर सिंह, डिप्टी मैनेजर शुभाशीष माइती और वरिष्ठ क्लर्क (स्टोर) लेनिन शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज किया है। ये तीनों नॉर्दर्न रेलवे (मुख्यालय), बड़ौदा हाउस, नई दिल्ली में तैनात हैं।
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कंपनी का नाम शामिल
एफआईआर में उत्तर प्रदेश के कानपुर (जाजमऊ) की कंपनी 'मैश इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड' के व्यापारियों शारिक अली और एजाज अली का भी नाम है। एजेंसी ने कंपनी को भी आरोपी बनाया है। एफआईआर में सीबीआई ने आरोप लगाया है कि शारिक, शर्मा और उनके सहयोगियों के जरिए गैर-कानूनी तरीके से पैसे देकर रेलवे टेंडर से जुड़ी 'गोपनीय जानकारी' और अन्य आधिकारिक फायदे हासिल करता था।
गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने दिल्ली, गाजियाबाद, बुलंदशहर और कानपुर समेत कई स्थानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य आपत्तिजनक सामग्री मिली है, जिन्हें जांच के लिए जब्त कर लिया गया है। इस मामले में आगे की जांच जारी है।

