New Delhi: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होने जा रही है। यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं बल्कि राजनीतिक रूप से भी बेहद संवेदनशील माना जा रहा है, क्योंकि यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी रिंकी भुइयां सरमा से जुड़ा है।
गुवाहाटी हाईकोर्ट से कोई राहत नहीं
सुप्रीम कोर्ट की यह सुनवाई जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस अतुल एस. चंदूरकर की बेंच द्वारा की जाएगी। पवन खेड़ा ने यह याचिका तब दाखिल की जब उन्हें निचली अदालत और गुवाहाटी हाईकोर्ट से कोई राहत नहीं मिली। हाईकोर्ट ने पहले ही उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने सर्वोच्च अदालत का रुख किया।
Mainpuri: गुवाहाटी हाई कोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की
क्या है पूरा मामला?
दरअसल इस मामले की शुरुआत 5 अप्रैल को हुई, जब पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि रिंकी भुइयां सरमा के पास एक से अधिक पासपोर्ट हैं और विदेशों में संपत्तियां मौजूद हैं, जिन्हें चुनावी हलफनामे में घोषित नहीं किया गया। इन आरोपों के बाद गुवाहाटी क्राइम ब्रांच ने कई धाराओं में मामला दर्ज किया।
तेलंगाना हाईकोर्ट ने दी ट्रांजिट बेल
इससे पहले तेलंगाना हाईकोर्ट ने उन्हें एक सप्ताह की ट्रांजिट बेल दी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उस आदेश पर रोक लगाते हुए निर्देश दिया था कि खेड़ा को पहले गुवाहाटी हाईकोर्ट में राहत की प्रक्रिया अपनानी होगी। दूसरी तरफ, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि बिना किसी ठोस जांच के आरोप लगाना गलत है और यह राजनीतिक साजिश का हिस्सा हो सकता है।

