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UP Transfer Policy 2026: तबादला निति का मसौदा तैयार, इस तिथि तक होंगे तबादले

UP Transfer Policy 2026: तबादला निति का मसौदा तैयार, इस तिथि तक होंगे तबादले

Lucknow: उत्तर प्रदेश सरकार इस साल राज्य कर्मचारियों के तबादलों को लेकर काफी पहले से सक्रिय नजर आ रही है। चुनावी वर्ष और विकास कार्यों की गति को देखते हुए शासन ने इस बार तबादला सत्र को मई के भीतर ही समेटने की तैयारी कर ली है।

सूत्रों के अनुसार, नई तबादला नीति का मसौदा (Draft) तैयार हो चुका है और जल्द ही इसे कैबिनेट की हरी झंडी मिलने वाली है। नीति के अनुसार किसी जिले में तीन साल और मंडल स्तर पर सात साल की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों का तबादला अनिवार्य रूप से किया जाएगा. एक ही पद या सीट पर वर्षों से बैठे कर्मचारियों को भी दूसरे स्थान या विभाग में भेजा जाएगा. इससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और कार्यप्रणाली को सुस्त होने से बचाने में मदद मिलेगी.

साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए सरकार 9.12 लाख करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट को समय से धरातल पर उतारना चाहती है। सरकार का मानना है कि यदि तबादले मई में हो जाएंगे, तो जून से सभी अधिकारी और कर्मचारी अपने नए तैनाती स्थल पर पूरी ऊर्जा के साथ योजनाओं को लागू कर सकेंगे।​

कार्ययोजना में निरंतरता: वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कार्ययोजना तैयार करने की समय सीमा 15 मई तय की गई है। इसके तुरंत बाद तबादले होने से काम के बीच में कोई बाधा नहीं आएगी।
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इस साल सरकार ने भले ही तबादला सत्र मई में ही पूरा करने की योजना बनाई है, लेकिन इसमें जनगणना का पेच फंस सकता है। 17 मई से स्वजनगणना की प्रक्रिया शुरू होगी, जबकि 22 मई से 20 जून तक प्रगणक घर-घर पहुंच कर पहले चरण में भवनों की गणना करेंगे। अब जबकि तबादलों की प्रक्रिया 31 मई तक पूरी करने की योजना तैयार की जा रही है तो जनगणना की प्रक्रिया में लगे कर्मचारियों के भी स्थानांतरण होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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पिछली बार सरीखे ही रखे गए हैं प्रावधान

इस साल की तबादला नीति के मसौदे में भी पिछली बार सरीखे रखे गए हैं। जिले में तीन साल और मंडल में सात साल का अधिकतम कार्यकाल रखा गया है। सूत्रों के मुताबिक समूह 'क' और 'ख' के कर्मचारियों में से 20 प्रतिशत और समूह 'ग' और 'घ' के कर्मचारियों में से 10 प्रतिशत का स्थानांतरण होगा।

गंभीर रोगों से ग्रस्त को प्राथमिकता पर तबादला दिए जाने के भी प्रावधान हैं। वहीं, पति और पत्नी के सरकारी सेवक होने पर दोनों का तबादला एक ही जगह पर होने को प्राथमिकता दी जाएगी। अन्य मानक भी पुराने सरीखे ही रखे गए हैं।

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