Agra: उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित विश्व प्रसिद्ध ताजमहल में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। प्रतिबंधित मीनार से बनाया गया 360° वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने सख्त कार्रवाई करते हुए संविदा सफाई कर्मचारी को बर्खास्त कर दिया है।
इस घटना ने स्मारक की सुरक्षा प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इंस्टाग्राम पर वायरल हुआ प्रतिबंधित वीडियो
मंगलवार को ताजमहल का एक वीडियो इंस्टाग्राम पर सामने आया, जो 'its_vishalbhai' नामक अकाउंट से पोस्ट किया गया था। वीडियो में बैकग्राउंड म्यूजिक के साथ ताजमहल की मीनार से 360° व्यू शूट किया गया था। यह वही स्थान है जहां पर्यटकों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित है। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर हड़कंप मच गया और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे।
प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश से मचा बवाल
ताजमहल की मीनार और अन्य संवेदनशील हिस्सों में केवल अधिकृत एएसआई अधिकारी, सीआईएसएफ जवान और संरक्षण कार्य से जुड़े कर्मचारियों को ही प्रवेश की अनुमति होती है। ऐसे में एक कर्मचारी द्वारा वहां पहुंचकर वीडियो बनाना गंभीर सुरक्षा चूक माना जा रहा है।
जांच में सामने आया संविदा कर्मचारी का नाम
एएसआई और सीआईएसएफ की प्रारंभिक जांच में पता चला कि यह वीडियो ताजमहल में संविदा पर कार्यरत एक सफाई कर्मचारी ने शूट किया था। जांच के दौरान कर्मचारी के मोबाइल फोन की जांच की गई, जिसमें वही ओरिजिनल वीडियो पाया गया। इसके बाद अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए वीडियो डिलीट कराया और कर्मचारी को नौकरी से बर्खास्त कर दिया।
वरिष्ठ संरक्षण अधिकारी का बयान
ताजमहल के वरिष्ठ संरक्षण सहायक कलंदर बिंद ने बताया कि मामला सामने आते ही विस्तृत जांच कराई गई। जांच में पुष्टि हुई कि प्रतिबंधित क्षेत्र से वीडियो बनाया गया था। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई।
एएसआई ने जारी किए सख्त निर्देश
घटना के बाद एएसआई ने सभी कर्मचारियों के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं कि प्रतिबंधित क्षेत्रों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर पूर्ण रोक रहेगी। अब से ड्यूटी शुरू होने से पहले कर्मचारियों के मोबाइल जमा कराने का निर्णय लिया गया है ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
सोशल मीडिया पर बहस जारी
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं। वहीं एएसआई और सीआईएसएफ इस बात की जांच में जुटे हैं कि आखिर प्रतिबंधित क्षेत्र तक कैमरा और मोबाइल कैसे पहुंचा। मामले की गहन जांच जारी है।

