New Delhi: मई महीने की शुरुआत के साथ ही देशभर के मौसम में बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। एक ओर उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की सक्रियता ने भीषण गर्मी से राहत दी है, वहीं दूसरी ओर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में भारी बारिश ने चिंता बढ़ा दी है।
मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि यह राहत अस्थायी है और जल्द ही उत्तर-पश्चिम भारत के तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक का उछाल आ सकता है। फिलहाल, महाराष्ट्र का वर्धा 43.5 डिग्री सेल्सियस के साथ देश का सबसे तपता शहर बना हुआ है।
उत्तर भारत में बारिश और आंधी का दौर
कश्मीर और हिमाचल के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में मौसम अस्थिर है। अगले कुछ दिनों तक जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 30 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका है। उत्तराखंड में भी 8 मई तक बारिश का दौर जारी रहेगा।
गर्मी की वापसी और लू का संकेत
आईएमडी के अनुसार, बारिश के रुकते ही गर्मी अपना प्रचंड रूप दिखाएगी। जम्मू-कश्मीर से लेकर राजस्थान और यूपी तक तापमान तेजी से बढ़ेगा। मध्य भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में भी 8 से 11 मई के बीच पारा 3 से 5 डिग्री तक चढ़ सकता है। कोंकण, गोवा और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में उमस भरी गर्मी (Humid Heat) लोगों की मुश्किलें बढ़ाएगी।
पूर्वोत्तर और दक्षिण में भारी बरसात:
पूर्वोत्तर के राज्यों जैसे असम और मेघालय में 6-7 मई को भारी बारिश की संभावना है। वहीं दक्षिण भारत में तमिलनाडु और केरल के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश के कारण प्रशासन ने जलभराव की चेतावनी जारी की है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी 9 मई तक गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ने की उम्मीद है।

