राजस्थान के भीलवाड़ा जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अपनी मर्जी से दूसरे समुदाय के युवक से शादी करने वाली एक बेटी को उसके पिता ने जीवित रहते हुए ही ‘मृत’ घोषित कर दिया।
हद तो तब हो गई जब पिता ने बेटी के शोक संदेश (मृत्यु भोज) के कार्ड छपवाकर रिश्तेदारों में बांट दिए। समाज में अपनी नाक बचाने के लिए एक पिता ने खून के रिश्ते को सरेआम दफन कर दिया।
जयपुर में परवान चढ़ा था प्यार पुलिस के अनुसार, शाहपुरा इलाके की रहने वाली इस युवती को उसके पिता ने उच्च शिक्षा के लिए जयपुर भेजा था। वहीं उसकी मुलाकात एक दूसरे समुदाय के युवक से हुई। दोनों में प्यार हुआ और करीब आठ महीने पहले उन्होंने शादी कर ली। युवती के परिवार ने इस शादी का कड़ा विरोध किया था और थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी।
थाने में बेटी का कड़ा रुख जब पुलिस ने युवती और उसके पति को बरामद कर थाने बुलाया, तो वहां हाई-वोल्टेज ड्रामा हुआ। परिवार वालों ने हाथ-पैर जोड़े, वास्ता दिया, लेकिन युवती अपने फैसले पर अडिग रही। उसने पुलिस के सामने बयान दिया कि वह बालिग है और अपने पति के साथ ही रहना चाहती है। उस दिन के बाद से परिवार ने उससे नाता तोड़ लिया।
शोक संदेश और सुरक्षा की गुहार हाल ही में जब युवती ने दोबारा परिवार से संपर्क करने की कोशिश की, तो पिता ने नफरत की सारी हदें पार कर दीं। उन्होंने बाकायदा कार्ड छपवाया जिस पर युवती की तस्वीर है और उसे ‘स्वर्गीय’ बताया गया है। कार्ड में मृत्यु भोज की तारीख और समय का भी जिक्र है। इस घटना के बाद डरी-सहमी युवती और उसके पति ने पुलिस से सुरक्षा की मांग की है। यह घटना समाज के उस काले चेहरे को उजागर करती है जहां झूठी शान के लिए अपनी ही संतान को मरा हुआ मान लिया जाता है।

