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100 Years of Bajaj Group: 100 साल में आखिर कितना बदला बजाज ग्रुप, नए जमाने के कारोबार में पैर फैलाने की तैयारी

100 Years of Bajaj Group: 100 साल में आखिर कितना बदला बजाज ग्रुप, नए जमाने के कारोबार में पैर फैलाने की तैयारी

100 years of bajaj group: हाल ही में बजाज समूह ने अपनी स्थापना के 100 साल पूरे कर लिए हैं। बजाज ग्रुप (bajaj group) के लिए यह सफर एक ऐसी विरासत को आगे बढ़ाने का भी रहा है, जिसके कोर में परंपरा और आधुनिकता रही है।

बजाज समूह का पहला कारोबार शुगर मिल का था और कंपनी अपनी स्थापना के 96वें वर्ष के दौरान साल 2022 में अफ़ीम की प्रोसेसिंग का लाइसेंस हासिल करने वाली देश की पहली कंपनी बनने का भी श्रेय हासिल किया। आइए जानते हैं कि समूह ने अब तक कितनी प्रगति की है और 1926 में मुंबई से शुरू हुआ कंपनी का सफर आज किस मुकाम पर पहुंचा है।

एक सूती मिल से शुरुआत

साल 1926 में समूह की स्थापना से पहले बजाज परिवार महाराष्ट्र के वर्धा जिले में सूत की एक कताई मिल चलाता था। इस मिल की स्थापना 1905 में बछराज बजाज ने की थी। यही छोटी शुरुआत आगे चलकर 14 लाख करोड़ के एक बड़े कारोबारी साम्राज्य में तब्दील हो गई।
बछराज बजाज ने भले ही सूत की मिल से शुरुआत की थी, लेकिन असल में समूह की स्थापना 11 मई 1926 को जमनालाल बजाज द्वारा की गई थी। समूह का पहला कारोबार शुगर मिल का था, जिसे महाराष्ट्र में शुरू किया गया था।
बता दें कि समूह आज भी इस कारोबार में सक्रिय है और बजाज हिंदुस्तान सुगर मिल लिमिटेड भारत की प्रमुख चीनी उत्पादक कंपनियों में शामिल है। यह एशिया की नंबर 1 और दुनिया की नंबर 4 एकीकृत चीनी कंपनी मानी जाती है।

बजाज ऑटो: समूह की सबसे प्रतिष्ठित कंपनी

यूं तो बजाज समूह कैसी सेक्टर में सक्रिय है, लेकिन समूह का ऑटो कारोबार की भारतीयों के मन में एक अलग छवि है। 1970 के दशक में अपनी शुरूआत के बाद में बजाज ऑटो ने अपने चेतक स्कूटर के ज़रिए भारतीय जनमानस के मन में जो जगह बनाई उसकी छाप अमिट है। हालांकि 2000 के दौर में बाज़ार का मिजाज बदलने के बाद कंपनी के स्कूटरों की माँग में भारी कई आई, लेकिन कंपनी ने बाज़ार की माँग के हिसाब से खुद को बदला और आज करीब 3 लाख करोड़ रुपये के बाजार पूंजीकरण के साथ बजाज ऑटो दुनिया की सबसे मूल्यवान दोपहिया और तिपहिया कंपनियों में से एक है। बजाज ऑटो 108 देशों में अपने उत्पादों का निर्यात करती है। अफ्रीका सहित उभरते बाजारों में इसकी मजबूत उपस्थिति है। कंपनी ने हाल के दौरान EV मार्केट में भी प्रवेश किया है।

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समूह की जान, बजाज फाइनेंस

भले ही समूह की पहचान बजाज ऑटो से होती हो, लेकिन समूह की सबसे बड़ी कंपनी बजाज फाइनेंस है और अगर इसे समूह की जान कहा जाए, तो गलत नहीं होगा। मौजूदा समय में बजाज फाइनेंस का बाजार पूंजीकरण लगभग 6 लाख करोड़ रुपये का है। वहीं, इसकी मूल कंपनी बजाज फिनसर्व का बाजार पूंजीकरण करीब 3 लाख करोड़ रुपये है। इसने कर्ज, बीमा और धन प्रबंधन के क्षेत्र में समूह की मौजूदगी को मजबूत किया है।

बजाज इलेक्ट्रिकल्स, समूह की धड़कन

बजाज ऑटो और बजाज फाइनेंस के अलावा समूह की एक और कंपनी है, जो लंबे समय से इसकी पहचान रही है, वह है - बजाज इलेक्ट्रिकल्स। शुरुआती दौर में इसे 'रेडियो लैंप वर्क्स' के नाम से जाना जाता था। 1938 में कमलनयन बजाज द्वारा शुरू किया गया यह व्यवसाय शुरुआत में इटली में बने रेडियो लैंप बनाने से जुड़ा था, लेकिन अब यह कई श्रेणियों और उत्पादों वाली एक विशाल इलेक्ट्रिकल उत्पाद कंपनी के रूप में विकसित हो चुका है। मौजूदा समय में कंपनी का बाजार पूंजीकरण करीब 4,442 करोड़ रुपये है।

इन क्षेत्रों में भी फैला कारोबार

इसके अलावा समूह का कारोबार बीमा, स्टील और हेल्थकेयर के क्षेत्र में भी फैला हुआ है। हेल्थकेयर सेक्टर में समूह की कई बड़ी योजनाएं हैं। कंपनी इस साल के अंत तक अलग-अलग शहरों में विस्तार के साथ एक व्यापक स्वास्थ्य सेवा मॉडल विकसित करने के लिए 2,000 करोड़ से 2,500 करोड़ रुपये तक निवेश करने की योजना बना रही है। इस मॉडल का उद्देश्य पारंपरिक अस्पताल श्रृंखलाओं की तुलना में अस्पताल, डायग्नोस्टिक्स, बीमा और रोगी देखभाल सेवाओं को एक साथ जोड़ना है।

साथ ही, कंपनी डिजिटल पेमेंट, ऐप-बेस्ड फाइनेंस, ऑनलाइन निवेश प्लेटफॉर्म, ग्रीन एनर्जी, सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग, EV और टेक-आधारित मोबिलिटी सॉल्यूशंस में भी तेजी से विस्तार कर रही है।

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