साल 2018 में अर्थशास्त्र का नोबेल जीतने वाले पॉल रोमर (Nobel laureate Paul Romer, who won the 2018 Economics Prize) ने करीब 2 साल पहले आधार की तारीफ में कह चुके हैं कि आज के समय में आधार दुनिया का सबसे अहम टेक्नोलॉजी सिस्टम है।
वजह साफ है आधार ने पहचान की बड़ी समस्या को आसान बना दिया। अगर कोई व्यक्ति सामने है, तो आधार के जरिए उसकी पहचान और नंबर तुरंत पता लगाया जा सकता है।
आज भारत में आधार का इस्तेमाल बहुत बड़े स्तर पर हो रहा है। बच्चों के स्कूल एडमिशन से लेकर सरकारी योजनाओं का फायदा देने तक, हर जगह आधार काम आ रहा है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर 3,100 से ज्यादा DBT (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) स्कीम चला रही हैं, जिनका पैसा सीधे लोगों तक पहुंचाने में आधार मदद कर रहा है। सरकार के मुताबिक, 360 से ज्यादा सरकारी सेवाओं में आधार आधारित वेरिफिकेशन हो रहा है। इससे फायदा ये हुआ कि सही लोगों तक ही योजनाओं का लाभ पहुंच रहा है, गड़बड़ी और फर्जीवाड़ा काफी हद तक कम हुआ है, और अपात्र लोगों को सिस्टम से बाहर किया गया है।
आधार से जुड़े कई ऐसे बेनिफिट्स से हैं जिनके बारे में बड़ी आबादी को अब भी पूरी जानकारी नहीं है। यहां एक-एक कर डिटेल देखें।
गैस सब्सिडी
आधार कार्ड पर मौजूद 12 अंकों का यूनिक नंबर LPG सब्सिडी पाने के लिए जरूरी है क्योंकि इसे भेजने में DBT तकनीक यानी PAHAL स्कीम का इस्तेमाल होता है और इससे सब्सिडी राशि सीधे बैंक खाते में भेज पाना संभव हो पाता है।
पीएम जन धन योजना
पीएम जन धन योजना (PMJDY) में बैंक खाता खोलने के लिए आधार कार्ड से बात बन जाती है। अन्य डाक्यूमेंट की मदद से भी ये खाता खोल जा सकता हैं। इस योजना के तहत कई बेनिफिट जैसे RuPay कार्ड, जीरो बैलेंस वाला मुफ्त बचत खाता, जीवन और दुर्घटना बीमा और भी कई सुविधाएं मिलते हैं।
पासपोर्ट
आधार कार्ड ने पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया को आसान बनाया है।
डिजिटल लॉकर
सरकार ने डिजिटल लॉकर (DigiLocker) शुरू किया है, जिससे आप अपने सभी एकेडमिक, आय, जाति, निवास, पैन, डीएल, पासपोर्ट, म्युचुअल फंड निवेश जैसे जरूरी डाक्युमेंट्स ऑनलाइन सुरक्षित तरीके से सरकार के सर्वर पर रख सकते हैं।
वोटर आईडी
9 मार्च 2015 से वोटर आईडी कार्ड को आधार नंबर से लिंक किया जाने लगा है। इसका मकसद फर्जी वोटर और एक व्यक्ति के कई वोटर कार्ड होने की समस्या को खत्म करना है।
पेंशन
अब कुछ राज्यों के सभी पेंशनर्स को अपनी मंथली पेंशन पाने के लिए अपना आधार नंबर संबंधित विभाग में रजिस्टर कराना अनिवार्य हो गया है। सरकार ने यह कदम फर्जी लाभार्थियों और पेंशन धोखाधड़ी रोकने के लिए उठाया है।
PF
पेंशन की तरह अब कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने यह तय किया है कि सभी संगठित और असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए आधार कार्ड ही सोशल सिक्योरिटी लाभ लेने के लिए पहचान का अनिवार्य दस्तावेज होगा।
बैंक खाता
पहले से खुले बैंक खाता धारकों को आधार नंबर बैंक में जमा करना जरूरी है, और इसे खाता खुलने की तारीख से छह महीने के भीतर पूरा करना अनिवार्य है। इसके अलावा बैंक में नया खाता खोलने के लिए आधार देना जरूरी है।
डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट
पेंशनर्स को हर महीने पेंशन मिलती रहे इसके लिए साल में एक बार डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट यानी जीवन प्रमाण देना होता है और यह डिजिटल प्रमाण बिना आधार के संभव नहीं है।
SEBI और शेयर मार्केट
अब आधार कार्ड को पता और पहचान दोनों के प्रमाण के रूप में सेक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) मानता है। इसका मतलब है कि शेयर मार्केट में निवेश करने के लिए आधार कार्ड इस्तेमाल किया जा सकता है।
मोबाइल नंबर
अब सभी पुराने मोबाइल यूजर्स (प्रीपेड और पोस्टपेड) को अपना आधार नंबर अपने मोबाइल नंबर से लिंक करना होगा। साथ ही, सभी नए कनेक्शन के लिए आधार जरूरी है।
ड्राइविंग लाइसेंस
सरकार ड्राइविंग लाइसेंस को आधार नंबर से जोड़ने की योजना बना रही है। इसका मकसद है कि एक व्यक्ति के पास एक से ज्यादा लाइसेंस होने की समस्या को रोका जा सके।
PAN कार्ड
PAN कार्ड को आधार से लिंक करना अनिवार्य है। PAN और आधार लिंक न होने की स्थिति में पैक कार्ड इनएक्टिव या डिएक्टिवेट कर दिया जा रहा है।
म्यूचुअल फंड
अब म्यूचुअल फंड और अन्य निवेश करने के लिए आधार नंबर जमा करना सभी वित्तीय संस्थानों में अनिवार्य है।
रेलवे टिकट बुकिंग
अब ऑनलाइन और तत्काल ट्रेन टिकट बुकिंग में आधार लिंक IRCTC अकाउंट जरूरी है। बिना आधार वेरिफिकेशन के टिकट बुकिंग प्रासेस संभव नहीं है।
ABHA
आधार से ही हेल्थ वॉलेट यानी ABHA नंबर बन सकता है। ABHA अकाउंट एक 14 अंकों का यूनिक नंबर होता है, जो बैंक अकाउंट नंबर की तरह काम करता है। इसका इस्तेमाल व्यक्ति की पहचान, ऑथेंटिकेशन और स्वास्थ्य रिकॉर्ड को विभिन्न सिस्टम और स्टेकहोल्डर्स से जोड़ने के लिए किया जाता है।
फार्मर आईडी
किसानों की पीएम किसान, फसल बीमा योजना जैसी तमाम एग्रीकल्चर सेक्टर से जुड़ी स्कीम का लाभ लेने के लिए एक्सेस आसान हो, उसके लिए फार्मर आईडी बनाने की प्रक्रिया जोरेशोर से जल रही है और इस आईडी को बनाने के लिए भी आधार की जरूरी है।
आज के समय में आधार सरकारी योजनाओं के लिए एक बुनियादी पहचान बन गया है। देश में करीब 134 करोड़ लोग आधार से जुड़े हैं और अब तक 17,000 करोड़ से ज्यादा बार इसका इस्तेमाल वेरिफिकेशन के लिए हो चुका है। यह दुनिया की सबसे बड़ी बायोमेट्रिक पहचान प्रणाली है, जिसे UIDAI संचालित करता है।
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