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Asha Bhosle: 'प्रभु कुंज' से ग्लोबल ब्रांड 'Asha's' तक - कितनी संपत्ति छोड़ गईं आशा भोसले, कौन संभालेंगी संगीत की विरासत?

Asha Bhosle: 'प्रभु कुंज' से ग्लोबल ब्रांड 'Asha's' तक - कितनी संपत्ति छोड़ गईं आशा भोसले, कौन संभालेंगी संगीत की विरासत?

Asha Bhosle net worth: भारतीय संगीत जगत के लिए आज का दिन एक अपूरणीय क्षति लेकर आया है। अपनी खनकती और जादुई आवाज से 8 दशकों तक करोड़ों दिलों पर राज करने वाली महान पार्श्व गायिका आशा भोसले का रविवार को 92 साल की उम्र में निधन हो गया।

उनके जाने से भारतीय सिनेमा के उस सुरीले युग का अंत हो गया है, जिसकी उन्होंने अपनी बहुमुखी प्रतिभा से रचना की थी। उनके निधन की खबर फैलते ही संगीत प्रेमियों और फिल्मी जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।

1933 में एक संगीत प्रेमी परिवार में जन्मीं आशा ताई ने बहुत कम उम्र में ही सुरों के साथ अपना नाता जोड़ लिया था। 1950 के दशक में जब उन्होंने पार्श्व गायन की दुनिया में कदम रखा, तो अपनी विशिष्ट शैली और आवाज के लचीलेपन से सबको हैरान कर दिया। उन्होंने न केवल शास्त्रीय संगीत बल्कि पॉप, गजल और चुलबुले गीतों को भी एक नई पहचान दी। उनकी आवाज की चंचलता और गहराई ही थी जिसने उन्हें विश्व स्तर पर सबसे सम्मानित गायिकाओं की श्रेणी में खड़ा किया।

Asha Bhosle net worth

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, आशा भोसले की सफलता केवल सुरों तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि उन्होंने अपनी मेहनत से एक विशाल साम्राज्य भी खड़ा किया था। साल 2026 के अनुमानों के मुताबिक, उनकी कुल नेट वर्थ लगभग 100 करोड़ रुपये आंकी गई है, जबकि कई बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी कुल संपत्ति 200 से 250 करोड़ रुपये के बीच हो सकती है। इस आर्थिक मजबूती ने उन्हें भारत की टॉप 10 सबसे अमीर महिला गायिकाओं की लिस्ट में गौरवशाली स्थान दिलाया।

Asha Bhosle in business

संगीत के अलावा आशा ताई ने अपनी व्यावसायिक सूझबूझ का परिचय देते हुए एक अंतरराष्ट्रीय रेस्टोरेंट चेन "आशाज़" (Asha's) की स्थापना की थी। उनके रेस्टोरेंट्स दुबई, अबू धाबी, कुवैत, बहरीन और यूनाइटेड किंगडम (UK) जैसे देशों में भारतीय व्यंजनों का एक प्रीमियम ब्रांड बन चुके हैं। संगीत की तरह ही उन्होंने स्वाद की दुनिया में भी अपनी एक अलग और सफल पहचान बनाई, जो उनके बहुआयामी व्यक्तित्व को दर्शाती है।

Asha Bhosle's real estate Properties

उनकी भौतिक संपत्तियों की बात करें तो आशा जी के पास मुंबई और पुणे के सबसे महंगे इलाकों में बेशकीमती संपत्तियां थीं। मुंबई के पेडर रोड स्थित उनका प्रतिष्ठित निवास 'प्रभु कुंज' न केवल एक इमारत बल्कि संगीत के इतिहास का गवाह रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, उनके पास मौजूद रियल एस्टेट संपत्तियों का बाजार मूल्य ही लगभग 80 से 100 करोड़ रुपये के बीच है। उन्होंने अपनी कला और व्यापार के बीच एक शानदार संतुलन बनाकर अपनी विरासत को सुरक्षित किया।

आशा भोसले का जाना संगीत के एक महासागर का सूख जाना है, लेकिन उनकी आवाज और उनकी बनाई गई विरासत हमेशा जीवित रहेगी। 20 हजार से ज्यादा गानों के जरिए उन्होंने जो यादें छोड़ी हैं, वे आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेंगी। आज पूरा देश नम आंखों से अपनी प्रिय 'आशा ताई' को अंतिम विदाई दे रहा है, जिनकी आवाज की गूंज फिजाओं में हमेशा महकती रहेगी।

Asha Bhosle Family

एक ऐसे परिवार में जन्म लेना जहां प्रतिभा का हिमालय पहले से खड़ा हो, वहां खुद का रास्ता बनाना किसी चुनौती से कम नहीं था। आशा ताई ने न सिर्फ उस चुनौती को स्वीकार किया, बल्कि अपनी एक ऐसी अलग शैली विकसित की जिसने उन्हें वैश्विक पहचान दिलाई।

आशा भोसले का जीवन केवल ग्लैमर से भरा नहीं था, बल्कि एक मां के रूप में उन्होंने गहरे दुख भी झेले। अपने पहले पति गणपतराव से उन्हें तीन बच्चे हुए-बेटे हेमंत और आनंद, तथा बेटी वर्षा। 1960 में तलाक के बाद उन्होंने अकेले ही तीनों बच्चों की परवरिश की। हालांकि, नियति ने उन्हें गहरे जख्म भी दिए; 2012 में उन्होंने अपनी बेटी वर्षा को खो दिया और 2015 में उनके बड़े बेटे हेमंत का कैंसर के कारण निधन हो गया। इन दुखों के बावजूद आशा जी ने कभी गाना नहीं छोड़ा और अपनी कला को ही अपना संबल बनाया।

आज जब आशा ताई हमारे बीच नहीं हैं, उनकी संगीत की विरासत उनकी पोती जनाई भोसले के कंधों पर है। हाल के वर्षों में जनाई ने मीडिया और कला जगत में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है, जो इस मजबूत संगीत परंपरा को आगे ले जाने का संकेत है। आशा भोसले ने सीमाओं को तोड़ने और अज्ञात रास्तों पर चलने का जो साहस दिखाया, वही आज उनकी सबसे बड़ी पहचान और आने वाली पीढ़ियों के लिए सबक है।

Asha Bhosle's life

आशा जी का निजी जीवन उनके पेशेवर सफर की तरह ही उतार-चढ़ाव भरा रहा। कम उम्र में उन्होंने गणपतराव भोसले से शादी की, लेकिन यह रिश्ता लंबा नहीं चला। इसके बाद उनके जीवन में महान संगीत निर्देशक आरडी बर्मन (पंचम दा) का आगमन हुआ। यह शादी न केवल उनके जीवन का एक नया अध्याय थी, बल्कि बॉलीवुड संगीत के लिए एक स्वर्ण युग की शुरुआत भी थी। इन दोनों की जोड़ी ने संगीत जगत को ऐसे कालजयी गाने दिए जो आज भी युवाओं की पहली पसंद बने हुए हैं।

Asha Bhosle Career

आशा भोसले के करियर की शुरुआत किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं थी। उनके परिवार में सुर कोकिला लता मंगेशकर का वर्चस्व था, जिनका प्लेबैक सिंगिंग पर लगभग एकाधिकार माना जाता था। उस दौर में लता जी की मौजूदगी के कारण किसी भी अन्य गायिका के लिए जगह बनाना बेहद मुश्किल था। इसके अलावा परिवार में अन्य प्रतिभावान भाई-बहन जैसे ऊषा मंगेशकर, मीना खडीकर और हृदयनाथ मंगेशकर भी संगीत में सक्रिय थे। ऐसी परिस्थितियों में आशा जी ने हार मानने के बजाय लीक से हटकर गाने चुने और अपनी आवाज को चंचलता और लचीलेपन का पर्याय बना दिया।

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