VST Tillers Tractors Q4FY26 Results: V.S.T Tillers Tractors ने मार्च 2026 तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने जहां अपने निवेशकों के लिए 25 रुपये प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की घोषणा की है, वहीं दूसरी तरफ चौथी तिमाही में मुनाफे में भारी गिरावट ने बाजार का ध्यान खींचा है।
कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर करीब 79 फीसदी तक गिर गया, जबकि ऑपरेशनल इनकम में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई। नतीजों के बाद कंपनी के शेयर NSE पर लगभग 4,740.50 रुपये के स्तर पर कारोबार करते दिखाई दिए।
कंपनी का कमजोर प्रदर्शन
बेंगलुरु स्थित कंपनी ने Q4FY26 में 5.29 करोड़ रुपये का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह आंकड़ा 24.98 करोड़ रुपये था। यानी कंपनी (VST Q4 Results) के मुनाफे में बेहद तेज गिरावट देखने को मिली। हालांकि ऑपरेशंस से होने वाली आय में कुछ सुधार जरूर दिखा। कंपनी की ऑपरेशनल रेवेन्यू मार्च 2026 तिमाही में बढ़कर 328.46 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल की समान तिमाही में 301.43 करोड़ रुपये थी। इस तरह सालाना आधार पर करीब 9 फीसदी की वृद्धि दर्ज हुई। वहीं पिछली तिमाही के मुकाबले भी कंपनी की आय में लगभग 4.5 फीसदी की बढ़ोतरी रही।
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डिविडेंड देगी कंपनी
हालांकि कमजोर तिमाही प्रदर्शन के बावजूद कंपनी ने निवेशकों को डिविडेंड का तोहफा दिया है। बोर्ड ने 25 रुपये प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है, जो लंबे समय के निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
शेयरों ने कैसा किया प्रदर्शन?
शुक्रवार, 15 मई को कंपनी के शेयर 2.11 फीसदी टूटकर 4773.50 रुपये पर बंद हुए। वहीं, हफ्ते भर में स्टॉक का भाव 9 फीसदी तक टूटा है। 3 महीने में शेयर की कीमत 18 फीसदी से ज्यादा टूटी है। हालांकि, लॉन्ग टर्म में स्टॉक ने पॉजिटिव रिटर्न भी दिया है। 5 साल के दौरान कंपनी के शेयर का भाव 158 फीसदी तक बढ़े हैं। स्टॉक का 52-वीक हाई स्तर 6374 रुपये दर्ज किया गया। यानी स्टॉक अपने साल के हाई से काफी नीचे ट्रेड कर रहा है। कंपनी का मार्केट कैप 4,229 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
कुल इनकम में दिखा दबाव
रेवेन्यू बढ़ने के बावजूद कुल इनकम पर बड़ा दबाव दिखाई दिया। इसकी सबसे बड़ी वजह निवेशों के फेयर वैल्यू में भारी नुकसान रहा। कंपनी को Q4FY26 में निवेशों पर लगभग 33.75 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह नुकसान सिर्फ 3.85 करोड़ रुपये था। यही कारण रहा कि ऑपरेशनल ग्रोथ के बावजूद कुल आय घटकर 297.26 करोड़ रुपये रह गई। कंपनी के ऑपरेटिंग प्रदर्शन पर भी दबाव साफ दिखाई दिया। EBITDA घटकर लगभग 13.10 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 36.50 करोड़ रुपये था। यानी EBITDA में करीब 64 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
EBITDA मार्जिन पर दबाव
इसके साथ ही EBITDA मार्जिन भी बुरी तरह सिकुड़ गया। पिछले साल जहां कंपनी का मार्जिन 12.3 फीसदी था, वह अब घटकर सिर्फ 4.4 फीसदी पर आ गया। बढ़ती कच्चे माल की लागत और दूसरे खर्चों में इजाफा इसका प्रमुख कारण माना जा रहा है। मार्च तिमाही में कंपनी का मटेरियल कॉस्ट बढ़कर 173.77 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले साल 147.50 करोड़ रुपये था। टैक्स से पहले कंपनी का मुनाफा यानी PBT भी घटकर 8.71 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले साल यह 32.09 करोड़ रुपये था। टैक्स समायोजन के बाद कंपनी का अंतिम शुद्ध लाभ 5 करोड़ रुपये के आसपास रह गया।
Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। ET NOW Swadesh अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।
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