FD Rates Comparison: फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) आज भी उन लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है जो अपने पैसे को सुरक्षित रखते हुए तय रिटर्न पाना चाहते हैं। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच कई निवेशक FD को भरोसेमंद विकल्प मानते हैं।
यही वजह है कि आपातकालीन जरूरतों, छोटे-बड़े वित्तीय लक्ष्यों और रिटायरमेंट के लिए बड़ी संख्या में लोग FD में निवेश करते हैं।
वर्तमान में अलग-अलग बैंकों में FD पर मिलने वाला ब्याज करीब 2.5% से लेकर 8.1% तक है। हालांकि सभी बैंक एक जैसी ब्याज दरें नहीं दे रहे हैं। यही कारण है कि FD कराने से पहले अलग-अलग बैंकों की दरों की तुलना करना जरूरी हो जाता है।
छोटे बैंक दे रहे हैं सबसे ज्यादा ब्याज
इस समय छोटे फाइनेंस बैंक FD पर सबसे ज्यादा ब्याज दे रहे हैं। कई बैंक चुनिंदा अवधि के लिए 8% से अधिक ब्याज दे रहे हैं। कुछ बैंक 8.11% तक, जबकि कई अन्य बैंक 8.10% तक का रिटर्न दे रहे हैं।
इसके अलावा कई छोटे बैंक 7.4% से ज्यादा ब्याज भी दे रहे हैं। ज्यादा जमा राशि जुटाने के लिए ये बैंक बड़े बैंकों की तुलना में अधिक ब्याज दे रहे हैं। हालांकि निवेशकों को सिर्फ ज्यादा ब्याज देखकर फैसला नहीं करना चाहिए और अपने निवेश को अलग-अलग जगहों पर बांटकर रखना चाहिए।
सरकारी बैंकों में कितना मिल रहा है ब्याज?
सरकारी बैंक सुरक्षा और भरोसे के कारण आज भी बड़ी संख्या में निवेशकों की पसंद बने हुए हैं। हालांकि इनकी FD दरें छोटे और कई निजी बैंकों की तुलना में थोड़ी कम हैं।
वर्तमान में सरकारी बैंकों में FD पर अधिकतम ब्याज दरें लगभग 6.45% से 6.75% के बीच हैं। एक साल की FD पर ज्यादातर सरकारी बैंक 6.1% से 6.5% तक ब्याज दे रहे हैं। वहीं पांच साल की FD पर ब्याज दरें आमतौर पर 6% के आसपास हैं।
निजी बैंकों में दे रहे सबसे बेहतर रिटर्न
निजी बैंक इस समय कई सरकारी बैंकों से बेहतर ब्याज दरें दे रहे हैं। खासकर मध्यम अवधि की FD में कई निजी बैंक 7% या उससे अधिक का रिटर्न दे रहे हैं।
कुछ निजी बैंक 7.25% से 7.35% तक ब्याज की पेशकश कर रहे हैं। वहीं बड़े निजी बैंकों की FD दरें आमतौर पर 6.45% से 6.5% के बीच हैं। कुछ बैंक 6.75% से 7% तक का रिटर्न भी दे रहे हैं।
अधिकांश बैंक वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य ग्राहकों की तुलना में 0.25% से 0.75% तक अतिरिक्त ब्याज देते हैं। यही वजह है कि FD बुजुर्गों के लिए लोकप्रिय बना हुआ है।
(Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। ET NOW Swadesh अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।)
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