Form 15G-15H: आयकर विभाग द्वारा बनाए गए टैक्स भुगतान के नियमों के तहत हर नागरिक को इनकम टैक्स समय पर भरना चाहिए। चूंकि 31 मार्च वित्त वर्ष की समाप्ति और आयकर भरने का आखिरी दिन होता है।
तो टैक्सपेयर्स को खास ध्यान देने की जरूरत होती है। टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स (TDS) से राहत पाने वाले नियमों के तहत अगर आपने अब तक फॉर्म 15जी या 15एच नहीं भरा है, तो जल्दी से भर लें।
हालांकि, अब तक बैंक ब्याज, डिविडेंड या अन्य इनकम पर TDS कटने से बचने के लिए अलग-अलग फॉर्म 15जी और फॉर्म 15एच भरने पड़ते थे, लेकिन नए नियमों के तहत इन्हें खत्म कर एक यूनिफाइड फॉर्म 121 लागू किया गया है। इससे अब उम्र के आधार पर अलग फॉर्म भरने की जरूरत नहीं रहेगी और पूरा सिस्टम ज्यादा सरल और डिजिटल फ्रेंडली हो जाएगा।
फॉर्म 121 किन टैक्सपेयर्स के लिए फायदेमंद
फॉर्म 121 क्या है और कैसे काम करता है?
पहले फॉर्म 15जी उन लोगों के लिए था जिनकी उम्र 60 साल से कम थी और जिनकी आय बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट से नीचे थी। वहीं, फॉर्म 15 एच सीनियर सिटिजन्स (60 साल या उससे अधिक उम्र) के लिए था, जो अपनी आय पर TDS से बचना चाहते थे, बशर्ते उनकी टैक्स देनदारी शून्य हो। अब फॉर्म 121 आने के बाद उम्र के आधार पर यह अंतर खत्म हो गया है। कोई भी रेजिडेंट टैक्सपेयर, जिसकी टैक्स देनदारी शून्य है, इस फॉर्म का इस्तेमाल कर सकता है।
किन इनकम पर मिलता है फायदा
फॉर्म 121 कैसे और कहां जमा करें
ऑफलाइन तरीके में आप फॉर्म डाउनलोड करके उसे भर सकते हैं और अपने बैंक या संबंधित संस्था में जमा कर सकते हैं। यह फॉर्म बैंक, पोस्ट ऑफिस, EPFO, इंश्योरेंस कंपनियों, म्यूचुअल फंड हाउस और अन्य वित्तीय संस्थानों में जमा किया जा सकता है।
फॉर्म 121 कब जमा करें
फॉर्म नहीं भरा तो क्या होगा
भूल गए फॉर्म भरना तो क्या करें
किन मामलों में सावधानी जरूरी
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