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Iran Conflict: मिडिल ईस्ट से जुड़े इन 4 स्टॉक्स में बढ़ सकती है हलचल- पिछले 1 महीने में दिखी गिरावट

Iran Conflict: मिडिल ईस्ट से जुड़े इन 4 स्टॉक्स में बढ़ सकती है हलचल- पिछले 1 महीने में दिखी गिरावट

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब ग्लोबल इक्विटी मार्केट्स पर भी देखने को मिल सकता है। होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने की रिपोर्ट्स ने बाजार की चिंता बढ़ा दी है। मिडिल ईस्ट में बड़ी संख्या में भारतीय कंपनियां मौजूद हैं, जिसने कारोबार पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है।

पिछले एक महीने में कई भारतीय कंपनियां, जो मिडिल ईस्ट में काम करती हैं, के स्टॉक्स में भी इसका असर देखने को मिल रहा है।

इन कंपनियों में एलएंडटी, केईसी इंटरनेशनल, कल्याण ज्वैलर्स, वेलस्पन कॉर्प, स्टर्लिंग एंड विल्सन रिन्यूएबल एनर्जी और और VA Tech Wabag जैसी बड़ी कंपनियां मौजूद हैं। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और सप्लाई डिसरप्शन की आशंका का असर इन कंपनियों के ऑर्डर, प्रोजेक्ट्स और रेवेन्यू पर पड़ सकता है, जिससे निवेशकों की नजर इन स्टॉक्स पर बनी रहेगी।

Larsen & Toubro


मिडिल ईस्ट में भारतीय कंपनियों के एक्सपोडर पर नजर डालें तो सबसे पहले Larsen & Toubro (L&T)का नाम आता है। कंपनी के 7.33 लाख करोड़ रुपये के ऑर्डर बुक में से 37 फीसदी और इसी समय के दौरान मिले नए ऑर्डरों में से 33 फीसदी हिस्सा मिडिल ईस्ट का है। कंपनी के शेयर पर नजर डालें तो पिछले एक महीने में कंपनी के शेयर में 11.23 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। हालांकि पिछले एक साल में कंपनी के शेयर में 5.56 फीसदी की तेजी रह गई है।

Kalyan Jewellers


कंपनी के रेवेन्यू का एक बड़ा हिस्सा मिडिल ईस्ट से आता है। दिसंबर में समाप्त तिमाही में कंपनी में एक्सचेंज फाइलिंग में बताया था कि कंपनी के इंटरनेशनल ऑपरेशन्स ने तिमाही में, पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि की तुलना में लगभग 36 फीसदी की रेवेन्यू ग्रोछ दर्ज की। कल्याण ज्वेलर्स के मिडिल ईस्ट ऑपरेशन्स से वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में 784 करोड़ रुपये का रेवेन्यू प्राप्त हुआ, जो 26 फीसदी की सालाना बढ़ोतरी है। यह क्षेत्र कंपनी के कुल कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में लगातार 11 फीसदी से 15 फीसदी का योगदान देता है। पिछले एक महीने में कंपनी के शेयर में 0.49 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है।

KEC International


KEC International की भी सऊदी अरब और UAE में मजबूत प्रेजेंस है और हाल ही में कंपनी को बड़े ट्रांसमिशन और सबस्टेशन ऑर्डर मिले हैं। हालही में कंपनी ने जानकारी दी थी कि मिडिल ईस्ट में यूएस-ईरान वॉर के बावजूद उसे सऊदी अरब से ऑर्डर मिले हैं। कंपनी के 367 अरब रुपये के ऑर्डर बुक में मिडिल ईस्ट का हिस्सा 20 फीसदी है और इस साल अब तक मिले नए ऑर्डरों में इसका हिस्सा 28 फीसदी है।
हालांकि कंपनी के शेयर की बात करें को पिछले एक महीने में कंपनी के शेयर में 7.05 फीसदी की गिरावट देखने को मिल चुकी है।

Sterling and Wilson Renewable Energy


Sterling and Wilson Renewable Energy की मौजूदगी सऊदी अरब, UAE और ओमान में है, जबकि VA Tech Wabag सऊदी अरब में बड़े वाटर और डीसैलिनेशन प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है। कंपनी के शेयर की बात करें को पिछले एक महीने में कंपनी के शेयर में 13.49 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है।

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। ET NOW Swadesh अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।

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