ये एक अच्छी बात है, लेकिन यहां आपको कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना होगा, ताकि आपको किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े। अगर आप पर्सनल लोन के शुरूआती समय में हैं। इसका मतलब है, कि आपको अभी पर्सनल लोन लिए हुए कुछ महीने या साल ही हुआ है। ऐसे में आपके लिए पर्सनल लोन का प्रीपेमेंट करना फायदेमंद रहता है। जबकि अगर आपका पर्सनल लोन खत्म होने में कुछ महीनों का ही या 1 साल का ही समय बचा है तो प्रीपेमेंट करना फायदेमंद नहीं समझा जाता है।
प्रीपेमेंट करना आपके लिए काफी फायदेमंद
इकोनॉमिक टाइम्स की वेबसाइट के अनुसार, अगर आपके पर्सनल लोन की ब्याज दर ज्यादा है, तो लोन की प्रीपेमेंट करना आपके लिए काफी फायदेमंद होगा। अगर आपके पर्सनल लोन की ब्याज दर कम है। आप इसे आसानी से भर पा रहे हैं तो आप प्रीपेमेंट न करने के बजाय इस राशि को निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा पर्सनल लोन की प्रीपेमेंट करने पर चार्ज भी देना होता है। यह प्रीपेमेंट चार्ज बकाया रकम का लगभग 2 से 5 प्रतिशत तक हो सकता है। ऐसे में प्रीपेमेंट करने से पहले यह बात जरूर देख लें, कि ब्याज से बचने वाली राशि और प्रीपेमेंट चार्ज में से ब्याज की राशि ज्यादा हो।कयोंकि कई बार ब्याज से बचने वाली राशि से ज्यादा प्रीपेमेंट चार्ज होता है।ऐसी स्थिति में लोन की प्रीपेमेंट करना फायदेमंद नहीं रहता। सबसे पहले प्रीपेमेंट या फोरक्लोजर चार्जेस देखें
www.paisabazaar.com के अनुसार, अगर आप लोन प्रीपेमेंट करने जा रहे हैं तो सबसे ये जरूर जांच लें,कि आपका बैंक या NBFC उस पर कितना चार्ज वसूल रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के दिशानिर्देशों के अनुसार, बैंक और NBFC पर्सनल लोन समेत सभी तरह के रिटेल लोन (जो फ्लोटिंग रेट पर लिए गए हों) पर प्रीपेमेंट पेनल्टी नहीं लगा सकते। हालांकि, यह नियम फिक्स्ड रेट वाले पर्सनल लोन पर लागू नहीं होते। इन पर बैंक और लोन संस्थान बकाया मूलराशि के 5% तक चार्ज ले सकते हैं। कुछ लेंडर्स तय ईएमआई चुकाने के बाद ही प्रीपेमेंट या फोरक्लोज़र की अनुमति देते हैं। इसलिए, इन सभी शर्तों की जानकारी के लिए लोन एग्रीमेंट ध्यान से पढ़ना जरूरी है।प्रीपेमेंट से होने वाली नेट सेविंग को कैलकुलेट करें
पर्सनल लोन का प्रीपेमेंट करने का मुख्य कारण कुल ब्याज लागत को कम करना है। आमतौर पर यह देखा जाता है,कि लोन के शुरुआती सालों में प्रीपेमेंट करने से अधिकतम बचत होती है, क्योंकि इस दौरान ईएमआई में ब्याज का प्रतिशत अधिक रहता है। हालांकि बाद के वर्षों में भी प्रीपेमेंट कर आप अच्छी बचत कर सकते हैं।लेकिन इस बात का पूरा ध्यान रखें कि कई बार प्रीपेमेंट से होने वाली बचत, प्रीपेमेंट पेनल्टी और अन्य शुल्कों से प्रभावित हो सकती है। असली बचत जानने के लिए ऑनलाइन प्रीपेमेंट कैलकुलेटर का उपयोग करें और देखें कि सभी चार्जेस घटाने के बाद आप वास्तव में कितनी बचत कर पाएंगे।Read more news like this on hindi.etnownews.com