Normal vs Premium Fuel: आजकल पेट्रोल पंप पर जाते ही हमें नॉर्मल पेट्रोल के साथ प्रीमियम पेट्रोल का भी ऑप्शन दिखाई देता है, जिससे कई वाहन चालक कन्फ्यूज हो जाते हैं कि आखिर उनकी गाड़ी के लिए कौन सा पेट्रोल सही रहेगा।
अक्सर पेट्रोल पंप पर मौजूद कर्मचारी प्रीमियम पेट्रोल के फायदे बताकर उसे लेने के लिए कहते हैं, लेकिन हर गाड़ी के लिए यह जरूरी नहीं होता। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि नॉर्मल और प्रीमियम पेट्रोल में क्या फर्क है और किसका इस्तेमाल कब करना चाहिए।
नॉर्मल और प्रीमियम पेट्रोल में अंतर?
प्रीमियम पेट्रोल और नॉर्मल पेट्रोल में फर्क यह है कि प्रीमियम पेट्रोल हाई-ऑक्टेन होता है। प्रीमियम पेट्रोल से इंजन बेहतर चलता है नॉकिंग कम होती है और इंजन साफ रहता है। यह खासकर हाई-परफॉर्मेंस इंजन के लिए सही माना जाता है। वहीं सामान्य पेट्रोल का ऑक्टेन कम होता है और यह रोजमर्रा के ज्यादातर वाहनों के लिए ठीक रहता है। यह सस्ता भी होता है, इसलिए ज्यादातर लोग इसी का इस्तेमाल करते हैं।
नार्मल पेट्रोल vs प्रीमियम पेट्रोल : कीमत में बड़ा अंतर
आपको बता दें सामान्य पेट्रोल के मुकाबले प्रीमियम पैट्रोल की की कीमत में काफी अंतर होता है। पावर, स्पीड, स्पीड 97 और एक्सट्राप्रीमियम पेट्रोल करीब एक ही दाम के आसपास मिलते हैं। जबकि पेट्रोल इनकी कीमत के मुकाबले सस्ता होता है। आपको बता दें, कम्यूटर बाइक जिनमे कम पॉवर वाले इंजन का इस्तेमाल होता है, उनके लिए यह फ्यूल ज्यादा काम की नहीं होती।
क्या होता है ऑक्टेन नंबर?
पेट्रोल का ऑक्टेन नंबर यह बताता है कि फ्यूल इंजन में जलते समय नॉकिंग (खटखट की आवाज) को कितना रोक सकता है। जितना ज्यादा ऑक्टेन नंबर होगा, उतना ही पेट्रोल ज्यादा दबाव सहन कर सकता है और सही समय पर जलता है। यह खासकर हाई परफॉर्मेंस या टर्बो इंजन वाली गाड़ियों के लिए जरूरी होता है।
भारत में कितने प्रकार का पेट्रोल?
1. रेगुलर पेट्रोल (Regular Petrol)
यह सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला पेट्रोल है। इसका ऑक्टेन नंबर लगभग 91 होता है। यह सामान्य कारों और बाइक के लिए उपयुक्त है। रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए यह अच्छा परफॉर्म करता है और इसकी कीमत भी अन्य प्रकारों के मुकाबले कम होती है। इसलिए यह हर पेट्रोल पंप पर आसानी से उपलब्ध रहता है।
2. मिड या एक्स्ट्रा प्रीमियम पेट्रोल (Mid/Extra Premium Petrol)
इसका ऑक्टेन नंबर लगभग 91-93 के बीच होता है। यह रेगुलर पेट्रोल से थोड़ा बेहतर माना जाता है। जिन गाड़ियों को थोड़ी स्मूद ड्राइविंग और बेहतर इंजन परफॉर्मेंस की जरूरत होती है, उनके लिए यह सही विकल्प हो सकता है। इससे इंजन में नॉकिंग कम होती है और फ्यूल का जलना थोड़ा अधिक प्रभावी होता है।
3. प्रीमियम पेट्रोल (Premium Petrol-जैसे XP95, Power)
इसका ऑक्टेन नंबर लगभग 95 या उससे अधिक होता है। यह बेहतर पिकअप, स्मूद इंजन रनिंग और कम प्रदूषण में मदद करता है। यह खासतौर पर उन गाड़ियों के लिए उपयुक्त होता है जिनके इंजन हाई परफॉर्मेंस के लिए बनाए गए हैं। इससे इंजन की क्षमता का बेहतर इस्तेमाल होता है।
4. हाई ऑक्टेन पेट्रोल (जैसे XP100)
यह सबसे हाई क्वालिटी वाला पेट्रोल होता है, जिसका ऑक्टेन नंबर 100 तक होता है। यह लग्जरी और हाई-परफॉर्मेंस वाहनों के लिए बनाया जाता है। इससे इंजन को अधिकतम पावर मिलती है, पिकअप बेहतर होता है और ड्राइविंग अनुभव ज्यादा स्मूद और तेज बनता है।
आपकी कार के लिए कौन सा पेट्रोल सही?
पेट्रोल का असर गाड़ी के इंजन की पॉवर और उसकी उम्र दोनों पर पड़ता है। कौन सा पेट्रोल इस्तेमाल करना चाहिए, यह आपकी गाड़ी के इंजन के बनावट और उसकी क्षमता पर निर्भर करता है। आमतौर पर साधारण गाड़ियों के लिए नॉर्मल पेट्रोल ही ठीक रहता है।
लेकिन अगर आपकी गाड़ी ज्यादा पावरफुल है या उसमें टर्बो इंजन है, तो उसमें प्रीमियम पेट्रोल डालना ज्यादा अच्छा रहता है। सही जानकारी के लिए हमेशा अपनी गाड़ी की मैन्युअल जरूर देखें, उसमें साफ लिखा होता है कि कौन सा पेट्रोल इस्तेमाल करना चाहिए।
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