Oil Stocks: सरकार द्वारा एक हफ्ते के भीतर दूसरी बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद मंगलवार को ऑयल मार्केटिंग कंपनियों यानी HPCL, BPCL और IOC के शेयरों में करीब 2% तक की तेजी देखने को मिली।
बाजार ने इस फैसले को कंपनियों के लिए राहत भरा कदम माना है, क्योंकि लंबे समय से ऊंचे कच्चे तेल के दाम इनके मार्जिन पर दबाव बना रहे थे।
दिल्ली में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 98.64 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जो पहले 97.77 रुपये थी। वहीं डीजल अब 91.58 रुपये प्रति लीटर हो गया है। कोलकाता में सबसे ज्यादा उछाल दर्ज हुआ, जहां पेट्रोल 96 पैसे महंगा होकर 109.70 रुपये पर पहुंच गया। मुंबई और चेन्नई में भी कीमतों में अच्छी-खासी बढ़ोतरी हुई है।
कच्चे तेल की आग से बढ़ा दबाव
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में सप्लाई बाधित होने की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊंची बनी हुई हैं। ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कारोबार कर रहा है, जबकि WTI 108 डॉलर के करीब है।
मार्च से ही कच्चा तेल 100 डॉलर के ऊपर बना हुआ है, जिससे OMC कंपनियों की अंडर-रिकवरी बढ़ी है। ऐसे में सरकार की ओर से लगातार कीमत बढ़ाने का फैसला कंपनियों को राहत देने वाला माना जा रहा है।
क्या अभी और बढ़ सकते हैं दाम?
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रोकरेज हाउस Nomura का कहना है कि सिर्फ 3 रुपये प्रति लीटर की शुरुआती बढ़ोतरी मौजूदा नुकसान की भरपाई के लिए काफी नहीं है। उनका मानना है कि जैसे 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान धीरे-धीरे कीमतें बढ़ाई गई थीं, वैसे ही इस बार भी आगे और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि चुनावों की वजह से सरकार ने दो महीने तक कीमतें नहीं बढ़ाईं। अब अगर कच्चा तेल ऊंचा बना रहता है तो OMC कंपनियों के मार्जिन बचाने के लिए धीरे-धीरे और बढ़ोतरी की जा सकती है।
IOC क्यों दिख रही सबसे मजबूत?
Nomura के मुताबिक मौजूदा हालात में IOC सबसे बेहतर स्थिति में है। इसकी वजह मजबूत रिफाइनिंग मार्जिन, डीजल और ATF से बेहतर कमाई और मार्केटिंग एक्सपोजर का अपेक्षाकृत कम होना है।
इसके अलावा कंपनी की नई रिफाइनिंग क्षमता भी आने वाले समय में इसे अतिरिक्त फायदा दे सकती है। यही वजह है कि ब्रोकरेज ने IOC पर Buy रेटिंग बरकरार रखी है।
BPCL और HPCL का क्या है हाल?
BPCL पर भी ब्रोकरेज का रुख सकारात्मक है और Buy कॉल बरकरार है। हालांकि HPCL को लेकर नजरिया थोड़ा सतर्क है। Nomura का मानना है कि HPCL की मार्केटिंग एक्सपोजर ज्यादा है और अगर मौजूदा नुकसान का सिलसिला जारी रहा तो इसका असर सबसे ज्यादा इसी कंपनी पर पड़ सकता है। यही वजह है कि HPCL पर Neutral रेटिंग दी गई है।
फिलहाल निवेशकों की नजर कच्चे तेल की चाल और सरकार के अगले कदम पर रहेगी। अगर कीमतों में और बढ़ोतरी होती है तो OMC शेयरों में तेजी का सिलसिला जारी रह सकता है।
Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। ET NOW Swadesh अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।
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