प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार, 19 जून को पीएम विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) के तहत करीब 2,400 करोड़ रुपये की इंसेटिंव राशि जारी करेंगे। इस योजना का मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों को नौकरी दिलाना और उन्हें औपचारिक रोजगार व्यवस्था से जोड़ना है।
योजना के तहत पहली बार नौकरी शुरू करने वाले युवाओं को 15,000 रुपये तक की आर्थिक मदद मिलेगी। वहीं, कंपनियों और संस्थानों को नए कर्मचारियों की भर्ती करने पर हर अतिरिक्त कर्मचारी के लिए प्रति माह 3,000 रुपये तक का इंसेंटिव दिया जाएगा। पीएमओ के मुताबिक प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना से देश भर में लगभग 15 लाख लाभार्थियों को रोजगार हासिल करने में मदद मिली है।
योजना से युवाओं और कंपनियों, दोनों को मिल रहा फायदा
पीएम विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) का मकसद कर्मचारियों और नियोक्ताओं, दोनों को फॉर्मल इकोनॉमी (Formal Economy) से जोड़ने के लिए इंसेंटिव करना है। इस योजना के तहत पहली बार नौकरी शुरू करने वाले युवाओं को 15,000 रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी, ताकि वे अपने करियर की शुरुआत में मदद हासिल कर सकें। वहीं, जो कंपनियां या संस्थान नए लोगों को नौकरी देंगे, उन्हें हर अतिरिक्त कर्मचारी पर हर महीने 3,000 रुपये तक का इंसेंटिव मिलेगा। इसका उद्देश्य कंपनियों को ज्यादा से ज्यादा रोजगार सृजित करने के लिए प्रोत्साहित करना है। सरकार का मानना है कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर देश की आर्थिक वृद्धि में अहम भूमिका निभाता है। इसलिए इस सेक्टर की कंपनियों को नए कर्मचारियों की भर्ती पर 4 साल तक इंसेंटिव दिया जाएगा। जबकि अन्य सभी सेक्टर्स के एंप्लायर 2 साल तक इस लाभ का फायदा उठा सकेंगे।
देश में 1 अगस्त 2025 से शुरू है PM-VBRY स्कीम
पीएम विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) 1 अगस्त 2025 से लागू हुई थी। करीब 99,446 करोड़ रुपये के बजट वाली इस योजना का लक्ष्य दो वर्षों में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार अवसर पैदा करने का है। इनमें से लगभग 1.92 करोड़ लोग ऐसे होंगे जो पहली बार नौकरी की दुनिया में कदम रखेंगे। सरकार का कहना है कि कर्मचारियों और नियोक्ताओं, दोनों को प्रोत्साहन देकर यह योजना औपचारिक रोजगार के दायरे को बढ़ाने, अधिक लोगों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ दिलाने और 'विकसित भारत' के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
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