भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि वित्त वर्ष 2026 में बैंकिंग सिस्टम में नकली करेंसी के मामलों में 5.7 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, जिनमें 20 रुपये और 500 रुपये के नोट सबसे अधिक हैं।
RBI की रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कुल 229746 नकली नोट पकड़े गए, जबकि वित्त वर्ष 2025 में यह संख्या 217396 थी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि सबसे अधिक नकली 500 रुपये के नोट पाए गए, जिनकी संख्या 20.5 फीसदी बढ़कर 141907 हो गई, जो पिछले वर्ष 117722 थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि 20 रुपये के नकली नोटों में सबसे तेज बढ़ोतरी देखी गई और इनकी संख्या 47.4 फीसदी बढ़कर 373 हो गई।
200 रुपये के नकली नोटों की संख्या घटी
200 रुपये के नकली नोटों की संख्या घटकर 30591 रह गई, जो पिछले वर्ष 32660 थी। 100 रुपये के नकली नोट 51069 से घटकर 45621 और 50 रुपये के नकली नोट 12015 से घटकर 10274 रह गए।
2000 रुपये के नकली नोटों में तेज गिरावट
RBI ने बताया कि 2000 रुपये के नकली नोटों में तेज गिरावट जारी रही। वित्त वर्ष 2026 में केवल 824 नकली 2000 रुपये के नोट पकड़े गए, जबकि पिछले साल यह संख्या 3508 थी। यह गिरावट 2000 रुपये के के नोटों को प्रचलन से वापस लेने के फैसले के बाद देखने को मिली है।
RBI के अनुसार कुल नकली नोटों में से 97.6 फीसदी यानी 224334 नोट अन्य बैंकों द्वारा पकड़े गए, जबकि RBI ने 5412 नकली नोटों की पहचान की। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि पुलिस और अन्य एजेंसियों द्वारा जब्त नकली नोटों को इन आंकड़ों में शामिल नहीं किया गया है।
खराब नोटों के निपटान में गिरावट
इसके अलावा वित्त वर्ष 2026 में खराब और गंदे नोटों के निपटान में भी 28.6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इस दौरान 1.72 लाख नोटों का निपटान किया गया, जबकि वित्त वर्ष 2025 में यह संख्या 2.38 लाख थी। सबसे ज्यादा निपटान 500 रुपये के नोटों का रहा, हालांकि इनकी संख्या भी घटकर 59.8 लाख रह गई, जो एक साल पहले 89.8 लाख थी।
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