Savings Vs Current Account: बैंक में अकाउंट ओपन करना अब कोई मुश्किल काम नहीं रह गया है। बैंक में जाकर आप मनपसंद किसी भी तरह का अकाउंट खुलवा सकते हैं। चाहे वो सेविंग्स हो, करंट अकाउंट या बच्चों का माइनर अकाउंट।
जहां कई तरह के खातों की व्यवस्था है तो कई तरह की योजनाएं और उनकी ब्याज दरें भी अलग-अलग हैं। आज हम आपको सबसे कॉमन खाते यानी Savings Vs Current Account के बीच का कन्फ्यूजन दूर करने जा रहे हैं। इन दोनों ही बैंक अकाउंट का इस्तेमाल डिपॉजिट और ट्रांजैक्शन के लिए किया जाता है, लेकिन इन दोनों अकाउंट्स के फीचर इन्हें एक-दूसरे से काफी अलग बना देते हैं। आइए जानते हैं कि इन दोनों अकाउंट में क्या अंतर है?
Savings Account क्या होता है ?
Savings Vs Current Account: Savings Account खुलवाने के फायदे
लिक्विडिटी : सेविंग्स अकाउंट आपके पैसों को बहुत ही लिक्विड बनाता है, जिसका मतलब है कि आप अपने पैसे को किसी भी समय निकाल सकते हैं। यह उस समय बहुत ही सुविधाजनक होता है।जब आपको जरूरत पड़ती है और आपको अपने पैसों की तुरंत आवश्यकता होती है।
ब्याज की आदायगी : सेविंग्स अकाउंट में आपके पैसों पर बैंक द्वारा ब्याज मिलता है, जिससे आपके पैसे बढ़ते रहते हैं। सेविंग अकाउंट इंटरेस्ट रेट हर बैंक में अलग हो सकती है और आपके पैसे को दिनों के साथ बढ़ाती है।
Savings Vs Current Account: Current Account क्या होता है ?
जहां एक तरफ सेविंग्स अकाउंट और करंट अकाउंट में मिनिमम बैलेंस रखना अनिवार्य होता है। दूसरी तरफ कई सेविंग्स अकाउंट जीरो बैलेंस में खुल जाते हैं। इस तरह का कोई भी फीचर करंट अकाउंट में नहीं दिया जाता है। इसके साथ ही करंट अकाउंट का मिनिमम बैलेंस, सेविंग्स अकाउंट से थोड़ा ज्यादा रहता है। करंट अकाउंट में मैक्सिमम अकाउंट पर किसी भी तरह की कोई पाबंदी नहीं लगाई जाती है, लेकिन सेविंग्स अकाउंट पर लिमिट होती है।
ट्रांजैक्शन की लिमिट
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