आने वाला सप्ताह में शेयर बाजार की दिशा कई अहम घरेलू और ग्लोबल डेवलपमेंट पर निर्भर करेगी। मार्केट एक्सपर्ट का कहना है कि अमेरिका-ईरान तनाव, क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी मीटिंग निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण ट्रिगर रहेंगे।
इसके अलावा विदेशी निवेशकों (FIIs) की एक्टिविटीज, रुपये की चाल और प्रमुख आर्थिक आंकड़े भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
ब्रोकरेज का मानना है कि निवेशक अमेरिका-ईरान वार्ता और कच्चे तेल की कीमतों पर नजर रखेंगे क्योंकि इनका सीधा असर महंगाई, रुपये की स्टेबिलिटी और विदेशी निवेश खरीदारी पर पड़ता है। अमेरिका और ईरान के बीच सजफायर को आगे बढ़ाने पर प्रारंभिक सहमति बनने की खबरों के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली।
बाजार में गिरावट
पिछले सप्ताह बाजार में कमजोरी देखने को मिली थी, जहां सेंसेक्स 1.44 फीसदी और निफ्टी 1.50 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ। हालांकि आईटी सेक्टर ने बाजार को कुछ सहारा दिया, लेकिन अधिकांश सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी में Tech Mahindra और HCLTech सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले शेयर रहे, जबकि Power Grid Corporation of India और InterGlobe Aviation सबसे बड़े नुकसान वाले शेयरों में शामिल रहे।
बैंकिंग शेयरों में कमजोरी के चलते निफ्टी बैंक इंडेक्स भी लगातार तीसरे सत्र में गिरावट के साथ 1 फीसदी से अधिक टूट गया। इसमें IndusInd Bank और Canara Bank पर सबसे ज्यादा दबाव रहा।
RBI की MPC बैठक पर नजर
सप्ताह का सबसे बड़ा घटनाक्रम RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक होगी, जिसका फैसला शुक्रवार को आएगा। बाजार की नजर ब्याज दरों, महंगाई के अनुमान और लिक्विडिटी को लेकर RBI के रुख पर रहेगी। इसके साथ ही भारत की GDP ग्रोथ दर, विदेशी मुद्रा भंडार, मई महीने के ऑटो बिक्री आंकड़े और PMI डेटा भी निवेशकों को अर्थव्यवस्था की स्थिति और मांग के रुझान का संकेत देंगे।
एक्सपर्ट का कहना है कि भू-राजनीतिक तनाव, खासकर मिडिल- ईस्ट में चल रहे घटनाक्रम, मार्केट सेंटिमेंट को प्रभावित कर सकते हैं। वहीं RBI का फैसला और GDP डेटा निकट टर्म में भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करने वाले सबसे महत्वपूर्ण फैक्टर साबित हो सकते हैं।
Read more news like this on hindi.etnownews.com

