Wipro Q4FY26 Results Preview: आईटी सर्विस सेक्टर की कंपनी विप्रो (Wipro) के चौथी तिमाही के नतीजे आज घोषित होने वाले हैं। बाजार विश्लेषकों और कंसेंसस अनुमानों के अनुसार, यह तिमाही कंपनी के लिए बहुत अधिक उत्साहजनक नहीं रहने वाली है।
वैश्विक व्यापक आर्थिक अनिश्चितताओं और ग्राहकों द्वारा विवेकाधीन खर्च में की जा रही कटौती का सीधा असर विप्रो के वित्तीय प्रदर्शन पर दिखने की संभावना है।
रेवेन्यू और मुनाफे का गणित
बाजार के जानकारों का अनुमान है कि विप्रो का कुल कंसोलीडेटेड राजस्व तिमाही आधार पर (QoQ) लगभग 3% बढ़कर 24,269 करोड़ रुपये रह सकता है। हालांकि, डॉलर रेवेन्यू के मोर्चे पर कंपनी को निराशा हाथ लग सकती है। अनुमान है कि डॉलर राजस्व 2622.5 मिलियन डॉलर के आसपास रहेगा, जो पिछली तिमाही के 2635 मिलियन डॉलर के मुकाबले 0.47% की गिरावट दर्शाता है।
शुद्ध लाभ (PAT) के मामले में कंपनी का प्रदर्शन सकारात्मक रह सकता है। पिछली तिमाही के 3,119 करोड़ रुपये के मुकाबले इस बार मुनाफा 11.15% उछलकर 3,466.9 करोड़ रुपये रहने की उम्मीद है। हालांकि, यह उछाल परिचालन क्षमता के बजाय अन्य आय और करेंसी सपोर्ट की वजह से हो सकता है।
मार्जिन और परिचालन चुनौतियां
परिचालन लाभ यानी EBIT मार्जिन के 16.7% रहने का अनुमान है। हालांकि यह पिछली तिमाही (14.8%) से अधिक दिख रहा है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि वेतन वृद्धि और नए इंटीग्रेशन की लागतों के कारण मार्जिन पर वास्तविक दबाव बना रहेगा। प्रबंधन ने 16.5% से 17.5% के बीच मार्जिन का गाइडेंस दिया था, और कंपनी इसके निचले स्तर पर ही टिकती नजर आ रही है।
प्रमुख कारण: क्यों सुस्त है विप्रो की रफ्तार?
विप्रो की सुस्त ग्रोथ के पीछे मुख्य रूप से 'ऑर्गेनिक ग्रोथ' का कमजोर होना है, जो लगभग -0.7% (QoQ) रहने का अनुमान है। इसके पीछे तीन बड़े कारण हैं:
सौदों में देरी: बड़े सौदों को अंतिम रूप देने और उन्हें जमीन पर उतारने में लगने वाला समय 1-2 तिमाहियों तक खिंच गया है। इससे निकट भविष्य में रेवेन्यू की स्पष्टता कम हुई है।
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विवेकाधीन खर्च में कमी: कंपनियां वर्तमान में नए और इनोवेटिव आधारित प्रोजेक्ट्स पर पैसा खर्च करने के बजाय कॉस्ट-टेकआउट (लागत घटाने वाले) सौदों को प्राथमिकता दे रही हैं। विप्रो के पाइपलाइन में 60-70% सौदे इसी श्रेणी के हैं।
AI मोनेटाइजेशन की धीमी गति: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर विप्रो ने भारी निवेश किया है, लेकिन अभी तक केवल 20-30% प्रोजेक्ट्स ही शुरुआती दौर (Pilot) से निकलकर उत्पादन (Production) स्तर तक पहुंच पाए हैं।
सेगमेंट ट्रेंड और भविष्य की राह
सेक्टर के लिहाज से देखें तो BFSI (बैंकिंग और वित्तीय सेवा) सेगमेंट में स्थिरता की उम्मीद है, लेकिन कंज्यूमर और हेल्थकेयर (EMR) सेगमेंट कमजोर रह सकते हैं। कंपनी के लिए HARMAN का इंटीग्रेशन रेवेन्यू में 100-150 bps का योगदान दे सकता है, लेकिन यह अल्पकाल में मार्जिन के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है।
विप्रो शेयर प्राइस मूवमेंट
विप्रो का शेयर बीएसई पर आज सुबह करीब 11 बजे गिरवाट के साथ 209.50 रुपये के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। वहीं एक साल के दौरान कंपनी के शेयर का जहां न्यूनतम का स्तर 186.50 रुपये का रहा, वहीं अधिकतम का स्तर 273.15 रुपये का रहा। इस रेट पर कंपनी मार्केट कैप 2,19,629.50 करोड़ रुपये है।
विप्रो शेयर रिटर्न
विप्रो के शेयर ने एक साल के दौरान 15.33 प्रतिशत का निगेटिव रिटर्न दिया है। वहीं यह रिटर्न 3 साल के दौरान 13.81 प्रतिशत रहा है। इसके अलावा कंपनी का 5 साल का रिटर्न 10.69 प्रतिशत निगेटिव रहा है।
विप्रो डिविडेंड हिस्ट्री
विप्रो लगातार अच्छा डिविडेंड दे रही है। कंपनी ने 27 जनवरी 2026 को 6 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड दिया था। वहीं 28 जुलाई 2025 को भी 5 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड दिया था। इसके पहले 28 जनवरी 2025 को 6 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड दिया था।
Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। ET NOW Swadesh अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।
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