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Bihar News: घूसखोर DCLR कंचन कुमारी झा के खिलाफ स्पीडी ट्रायल ! 7 साल तक की हो सकती है सजा, विवाद के बीच विजिलेंस ब्यूरो ने शिकायतकर्ता को पटना बुलाया...

Bihar News: रिश्वत लेते गिरफ्तार हुई महिला डीसीएलआर पर सख्ती बढञती जा रही है. शिकायतकर्ता की शिकायत के बाद आज निगरानी ब्यूरो ने पूरे मामले की विस्तृत जानकारी दी है. निगरानी ब्यूरो की तरफ से बताया गया है कि इस मामले की स्पीडी ट्रायल कराने का प्रयास किया जायेगा.

इस केस में सात सालों की सजा हो सकती है. शिकायतकर्ता के आरोप के बाद निगरानी ब्यूरो ने पटना बुलाकर उनसे बात की है.

निगरानी ब्यूरो की तरफ से बताया गया है कि रोसड़ा अनुमंडल में पदस्थापित रहीं भूमि सुधार उप समाहर्ता कंचन कुमारी झा और नौकर के खिलाफ 25 अगस्त कोनिगरानी थाना कांड सं0-103/2026 दर्ज की गई थी. इसके बाद निगरानी ब्यूरो ने 27 अगस्त को प्राथमिकी अभियुक्त कंचन कुमारी झा, डीसीएलआर रोसड़ा एवं इनके घरेलू नौकर सुमित कुमार (दलाल) को 2,00,000/- (दो लाख) रूपये और एक नया वाशिंग मशीन के साथ गिरफ्तार किया गया. यह गिरफ्तारी डी0सी0एल0आर0 रोसड़ा के सरकारी आवास से की गई । धावादल की कार्रवाई में इनके आवास से 13,82,000रू नकद राशि बरामद की गई।

निगरानी ब्यूरो की तरफ से बताया गया है कि अग्रतर अनुसंधान के क्रम में 03 बैेंक खातों की भी जानकारी मिली है. जिसमें 7,06,000, 2,31,000 एवं 90,000/- रूपये जमा हैं। इन तीनों बैंक खाता को फ्रीज करने की कार्रवाई की गई है। इसके अतिरिक्त ग्रामीण जमीन् की खरीद से संबंधित दो दस्तावेज भी मिले हैं ,जिसके संबंध में अग्रतर जांच की जा रही है।

ट्रैप की कार्रवाई के दौरान रिश्वत की राशि बरामद होने पर, अभियुक्त के हाथ के धोवन प्रदर्श (जो गुलाबी रंग का होता है) को घटनास्थल से जब्त कर विशेष न्यायालय निगरानी, मुजफ्फरपुर से आदेश प्राप्त कर लिया गया है.उसकी वैज्ञानिक के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजने की कार्रवाई की जा रही है। कांड में अग्रतर अनुसंधान किया जा रहा है.इस केस में दोनों प्राथमिकी अभियुक्त हैं, जिन्हें घटनास्थल से ही गिरफ्तार कर लिया गया है। जल्द ही अनुसंधान पूर्ण कर आरोप पत्र समर्पित किया जाएगा. साथ ही त्वरित विचारण की कार्रवाई करने का प्रयास किया जाएगा, जिसमें अधिकतम 07 वर्ष की सजा का प्रावधान है।

कांड के परिवादी मनोज कुमार ने आज निगरानी अन्वेषण ब्यूरो कार्यालय पहुंचे थे. इन्हें ट्रैप की कार्रवाई एवं प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। आगे की अनुसंधान की प्रक्रिया भी बतायी गयी है। जानकारी पाकर संतुष्ट हुए तथा बोले कि मुझे इसकी जानकारी नहीं रहने के कारण मैं संशय में था। मेरी सारी संशय अब दूर हो गई।


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