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प्रदेश के काश्तकारों एवं खेतीहर मजदूरों के हित में सीएम गहलोत का बड़ा फैसला

जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश के काश्तकारों एवं खेतीहर मजदूरों के हित में बड़ा फैसला करते हुए अब राजीव गांधी कृषक साथी सहायता योजना का दायरा बढ़ा दिया है. वहीं प्रदेश के विकास में अहम भूमिका निभाने वाली रिफाइनरी के लिए व्यापक यातायात प्रवाह प्रबंधन योजना बनाने की मांग करते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पत्र भी लिख दिया है. बुधवार को जयपुर से दिल्ली जाने से पहले मुख्यमंत्री गहलोत ने ये फैसले किए.

राजीव गांधी कृषक साथी सहायता योजना का बढ़ाया दायरा:
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजीव गांधी कृषक साथी सहायता योजना-2009 का दायरा बढ़ाया है. इससे इस योजना में खेत पर काम करते समय अन्य कई परिस्थितियों में दुर्घटना होने पर भी पीड़ित किसान तथा खेतीहर मजदूर को योजना का लाभ मिल सकेगा. उल्लेखनीय है कि खेत पर कृषि कार्य करते समय विभिन्न परिस्थितियों में दुर्घटनाएं हो जाती थीं. मूल योजना में उन परिस्थितियों का समावेश नहीं होने के कारण दुर्घटनाग्रस्त किसान अथवा अन्य दावेदार योजना के लाभ से वंचित रह जाता था. गहलोत के समक्ष ऐसे प्रकरण सामने आने पर उन्होंने काश्तकारों के हित में यह निर्णय लिया है. प्रस्ताव के अनुसार अब खेत में फसलों की सिंचाई के दौरान बिजली के करंट से मृत्यु अथवा अंग-भंग होने पर, खेत पर कृषि व इससे जुड़े कार्य करते समय वन्य, पालतू या आवारा जानवर तथा गोह, मधुमक्खी, बिच्छू एवं अन्य जहरीले जानवर या कीट के काटने एवं हमला करने से मृत्यु या अंग-भंग होेने पर भी योजना का लाभ मिल सकेगा.

दुर्घटना होने की परिस्थिति को भी किया शामिल:
इसी प्रकार खेत पर कृषि कार्य करते समय यथा-फसल की बुवाई के लिए खेत की तैयारी, मेडबंदी करते समय, फसल को काट कर इकट्ठी करते समय अथवा फसल से अनाज निकालते समय, चक्रवाती तूफान अथवा बारिश के समय पेड़ के नीचे दबने से हुई दुर्घटना में अंग-भंग अथवा मृत्यु होने की परिस्थितियों को भी योजना में शामिल किया गया है. योजना में अब तक खेती के प्रयोजन से ट्रैक्टर, बैलगाड़ी अथवा ऊंटगाड़ी से घर से खेत आते-जाते समय दुर्घटना में मृत्यु अथवा अंग-भंग होने पर लाभ देय था. इस में मोटरसाइकिल अथवा अन्य किसी भी वाहन से खेत पर कृषि कार्य के लिए आते-जाते समय दुर्घटना होने की परिस्थिति को भी शामिल किया गया है.

नितिन गडकरी को लिखा पत्र:
उधर गहलोत ने राजस्थान के पचपदरा में लगने वाली राष्ट्रीय महत्व की रिफाइनरी सह पेट्रोकेमिकल काॅम्पलेक्स परियोजना के उत्पादों के सुचारू परिवहन एवं यात्रियों की सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-25 पर एक व्यापक यातायात प्रवाह प्रबंधन योजना शीघ्र बनाने के लिये केन्द्रीय सडक परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखा है. गहलोत ने गडकरी से अनुरोध किया है कि इस यातायात प्रबंधन योजना में रिफाइनरी प्रोजेक्ट के आस-पास के क्षेत्रों में एक माल परिवहन गलियारा बनाने के साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-25 के जोधपुर-बाड़मेर के पूरे सेक्शन को 6 लेन चैडा किया जाए. परियोजना का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और अक्टूबर-2022 तक इसके पूरा होने का अनुमान है. 2 एमएमटीपीए के उत्पाद सडक मार्ग द्वारा ही परिवहन किये जाएंगे. गहलोत ने बताया कि रिफाइनरी सह पेट्रोकैमिकल प्रोजेक्ट के निर्माण के दौरान तथा इसके शुरू होने के बाद बडी संख्या में भारी वाहनों का आवागमन बढेगा और पब्लिक तथा प्राइवेट ट्रांसपोर्ट में भी तेजी से वृद्धि होगी. इस प्रकार करीब एक हजार ट्रक एवं टैंकरों का इस सेक्शन से प्रतिदिन आवागमन होगा. वर्तमान में एनएच-25 का यह सेक्शन बिना डिवाइडर के 2 तथा 4 लेन में ही संचालित हो रहा है. पत्र लिखने के साथ ही गहलोत दिल्ली भी पहुंच गए और उम्मीद है कि वे नितिन गडकरी से जल्द ही इस बारे में मुलाकात भी करेंगे.

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