जयपुर: जयपुर डेयरी इन दिनों भ्रष्टाचार का अखाड़ा बनती जा रही है. चैयरमेन ओम पूनिया पर खुलेआम आरोप लग रहे हैं. विभिन्न ठेके देने में गड़बड़ी हों या फिर डेयरी प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों के साथ सीधी तकरार... सभी मामलों की शिकायत सूबे के मुखिया से लेकर मंत्री और विभाग के आला अधिकारियों तक को की गई, लेकिन नतीजा सिफर ही रहा. दूध पैकेजिंग ठेके के ताजा विवाद के बाद फर्स्ट इंडिया न्यूज़ ने की सभी मामलों की पड़ताल की है, एक रिपोर्ट:
स्वयं डेयरी चेयरमैन ओम पुनिया नियम विरुद्ध:
जब बाड़ ही खेत को खाने लगे तो उस खेत की दशा का अंदाजा आप स्वयं लगा सकते हैं.
कुछ ऐसा ही हो रहा है जयपुर डेयरी में... जिन्हें डेयरी को सुव्यवस्थित संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है, वही डेयरी को पलीता लगाने में लगे हुए हैं. ऐसा ही एक मामला इन दिनों जयपुर डेयरी में चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें स्वयं डेयरी चेयरमैन ओम पुनिया नियम विरुद्ध जाकर अपनी चहेती फर्म तथाकथित रिश्तेदार को टेंडर दे रहे हैं. इसमें टेंडर के नियमों में खुद की सुविधा के अनुसार फेरबदल कर डेयरी को लाखों रुपए प्रतिदिन का घाटा उठाना पड़ रहा है.
पैकेजिंग के कार्य में मिलीभगत:
जानकारी के अनुसार जयपुर डेयरी में चल रहे पैकेजिंग के कार्य को मिलीभगत के चलते दूसरी फर्म को देने की तैयारी की जा रही है जबकि वर्तमान में चल रही व्यवस्था से प्रतिदिन जयपुर डेयरी को करीब एक लाख पंद्रह हजार रुपए से अधिक का फायदा हो रहा है. मामले के अनुसार जयपुर डेयरी में वर्ष 2018 में दूध की पैकिंग का गोकुल राम गुर्जर को 2 वर्ष की अवधि के लिए दिया गया, जिसकी अवधि 1 नवंबर 2020 तक है. इसमें नेगोशिएशन के बाद 24 रुपए 50 पैसे प्रति लीटर की दर से यह कार्य आदेश दिया गया था. इसमें कानोता दूध पैकिंग संयंत्र को बंद करके जयपुर डेयरी में ही दोनों प्लांटों पर कार्य शुरू कर दिया. मैसर्स गोकुल राम गुर्जर फर्म को पुरानी दरों पर ही दूसरे प्लांट में दूध पैकेजिंग का कार्य दे दिया गया ! इससे डेयरी को करीब ₹115000 प्रतिदिन का फायदा होने लगा, लेकिन डेयरी चेयरमैन टेंडर शर्तों में बदलाव कर अपनी चहेती फर्म को टेंडर देने पर आमादा है. जबकि जयपुर जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड के प्रबंध संचालक ने अपनी जांच रिपोर्ट में डेयरी को फायदा होने की बात कही है उन्होंने इसका खुलासा बिंदुवार रिपोर्ट में भी किया है इस संबंध में समाजसेवी प्रवीण सिखवाल ने डेयरी के अधिकारियों को पत्र लिखकर जयपुर डेयरी अध्यक्ष ओम पूनिया की ओर से की जा रही मिलीभगत की शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक विभाग सहित मुख्यमंत्री को की है.
दूध ले जाते समय टैंकर में मिलावट:
एक मामले में और पूनिया पर आरोप लगे. पिछले वर्ष 21 नवंबर को जयपुर डेयरी से अलवर डेयरी दूध ले जाते समय टैंकर संख्या RJ 23 GA 3041 दौलतराम जाट मिलावट करते पाया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई. दौलत राम 4 दिसंबर को दूध परिवहन से हटाया जाना था और धरोहर राशि भी जब्त होनी थी, लेकिन पूनिया ने ऐसा नहीं होने दिया. एक अन्य प्रकरण में भी पूनिया के खिलाफ़ दूध में मिलावट और पानी की केन दूध के रूप में सप्लाई करने को लेकर मोहनलाल नाम के व्यक्ति ने एसीबी में भी 27 जुलाई 2016 को परिवाद दर्ज कराया था. इस मामले में शिकायतकर्ता प्रवीण सिखवाल ने एसीबी से पुनः जांच की मांग की है. इसी तरह दुनिया पर अपने रिश्तेदार की फॉर्म एफ बी सिक्योरिटी को नियम विरुद्ध मैनपावर उपलब्ध कराने का ठेका देने का भी मामला चल रहा है.
ऊपर तक शिकायत:
जयपुर डेयरी को लेकर ऊंचे राजनीतिक रसूकात रखने वाले चेयरमैन की शिकायत मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री और विभाग के अधिकारियों तक की गई है. अब देखना होगा कि जयपुर डेयरी में चल रही मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए सरकार कब ठोस कदम उठाती है.
... संवाददाता निर्मल तिवारी की रिपोर्ट