Monday, 10 Sep, 3.45 am गणेश चतुर्थी

इतिहास
क्यों नहीं करने चाहिए भगवान गणेश की पीठ के दर्शन

श्री गणेश के दर्शन मात्र से हमारे सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और अक्षय पुण्य प्राप्त होता है. गणेशजी सभी सुखों को देने वाले माने गए हैं. अपने भक्तों के दुखों को दूर करते हैं और शत्रुओं से रक्षा करते हैं. इनके नित्य दर्शन से हमारा मन शांत रहता है और सभी कार्य सफल होते हैं, लेकिन इनकी पीठ के दर्शन नहीं करना चाहिए.

गणेशजी की पीठ पर होता है दरिद्रता का वास

गणेशजी को रिद्धि-सिद्धि का दाता माना गया है. इनकी पीठ के दर्शन करना वर्जित किया गया है. गणेशजी के शरीर पर जीवन और ब्रह्मांड से जुड़े अंग निवास करते हैं. गणेशजी की सूंड पर धर्म विद्यमान है तो कानों पर ऋचाएं, दाएं हाथ में वर, बाएं हाथ में अन्न, पेट में समृद्धि, नाभी में ब्रह्मांड, आंखों में लक्ष्य, पैरों में सातों लोक और मस्तक में ब्रह्मलोक विद्यमान है. गणेशजी के सामने से दर्शन करने पर उपरोक्त सभी सुख-शांति और समृद्धि प्राप्त हो जाती है.

ऐसा माना जाता है श्रीगणेश की पीठ पर दरिद्रता का निवास होता है. गणेशजी की पीठ के दर्शन करने वाला व्यक्ति यदि बहुत धनवान भी हो तो उसके घर पर दरिद्रता का प्रभाव बढ़ जाता है. इसी वजह से इनकी पीठ नहीं देखना चाहिए. जाने-अनजाने पीठ देख ले तो श्री गणेश से क्षमा याचना कर उनका पूजन करें. तब बुरा प्रभाव नष्ट होगा.

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