Dailyhunt Logo
  • Light mode
    Follow system
    Dark mode
    • Play Story
    • App Story
मौत के बाद क्या होता है? साढ़े 3 मिनट तक थमी रहीं सांसें, महिला ने जो देखा वो रूह कंपा देगा

मौत के बाद क्या होता है? साढ़े 3 मिनट तक थमी रहीं सांसें, महिला ने जो देखा वो रूह कंपा देगा

इंसान हमेशा से यह जानना चाहता है कि मौत के बाद क्या होता है। क्या वाकई हमारे अच्छे-बुरे कर्मों का हिसाब किसी बड़े पर्दे पर दिखाया जाता है? विज्ञान के पास भले ही इसका कोई सीधा जवाब न हो, लेकिन अमेरिका के फिलाडेल्फिया की रहने वाली 53 साल की केल्सी एबरनेथी मैकलीन ने इस रहस्य को बहुत करीब से जिया है।

रात के खाने के दौरान उनके गले में स्टेक (मांस का टुकड़ा) फंस गया, जिसके चलते वह पूरे साढ़े तीन मिनट तक सांस नहीं ले पाईं। चिकित्सकीय रूप से वह मौत के बिल्कुल मुहाने पर पहुंच चुकी थीं, लेकिन इन 210 सेकंड्स में उन्होंने जो महसूस किया, उसने जिंदगी को देखने का उनका नजरिया हमेशा के लिए बदल दिया।

एक निवाला और थम गई जिंदगी की रफ्तार

ब्रिटिश अखबार ‘मिरर’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, केल्सी अपने परिवार के साथ घर के आंगन में एक बेहतरीन बारबेक्यू डिनर का लुत्फ उठा रही थीं। सब कुछ बहुत अच्छा चल रहा था, तभी उन्होंने स्टेक का एक बड़ा टुकड़ा खाने के लिए उठाया। दुर्भाग्य से, जैसे ही उन्होंने पहला निवाला लिया, वह टुकड़ा चबाने से पहले ही उनके गले में जाकर बुरी तरह फंस गया। हवा का रास्ता पूरी तरह बंद हो चुका था। परिवार के लोगों ने बिना वक्त गंवाए ‘हेमलिच मैन्युवर’ (गले में फंसे खाने को बाहर निकालने की एक खास तकनीक) का इस्तेमाल किया, लेकिन केल्सी की किस्मत ने साथ नहीं दिया। उनकी सांसें पूरी तरह रुक गईं, चेहरा नीला पड़ने लगा और उनका शरीर बेजान होकर जमीन पर गिर पड़ा।

अंधेरी सुरंग और असीम शांति का अहसास

केल्सी बताती हैं कि जैसे ही उनकी आंखों के आगे अंधेरा छाया, उन्हें एक बेहद अजीब और अलग सा अहसास हुआ। उन्हें लगा कि वह किसी गहरे अंधेरे गड्ढे या किसी कोकून के अंदर धीरे-धीरे समाती जा रही हैं। उस जगह पर समय पूरी तरह से ठहर गया था, यानी न कोई भूतकाल था और न ही भविष्य। वहां कोई आवाज नहीं थी, कोई शब्द नहीं बोले जा रहे थे, फिर भी वह पूरे ब्रह्मांड की बात और उसकी भाषा को आसानी से समझ पा रही थीं। सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि उन्हें वहां किसी तरह का डर या दर्द नहीं हो रहा था, बल्कि ऐसा लग रहा था मानो किसी ने उन्हें असीम प्यार, ममता और सुकून की चादर में लपेट दिया हो।

आंखों के सामने चलने लगी जिंदगी की फिल्म

उसी गहरे अंधेरे के बीच अचानक केल्सी के सामने एक बहुत बड़ी स्क्रीन आ गई, जिस पर उनकी पूरी जिंदगी की एक शॉर्ट फिल्म चलने लगी। इसे मेडिकल और आध्यात्मिक भाषा में ‘लाइफ रिव्यू’ कहा जाता है। केल्सी ने बताया कि वह सिर्फ उस फिल्म को एक दर्शक की तरह देख नहीं रही थीं, बल्कि उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी में जिन लोगों को अनजाने में दुख या सुख दिया था, उसे वह खुद के भीतर गहराई से महसूस कर पा रही थीं। उन्हें साफ दिखा कि कैसे अतीत में बोले गए उनके कुछ कड़वे शब्दों ने दूसरों के दिल को ठेस पहुंचाई थी, जिसके लिए उन्होंने उस अलौकिक दुनिया में दिल से माफी भी मांगी।

पैसा, गाड़ी और रुतबा सब महज दिखावा है

इस नियर-डेथ एक्सपीरियंस (NDE) ने केल्सी को जीवन का सबसे बड़ा और कड़वा सच सिखा दिया। उन्होंने महसूस किया कि इस भौतिकवादी दुनिया में हम जिस पैसे, महंगी गाड़ियों, आलीशान मकानों और ऊंचे सामाजिक स्टेटस के पीछे पागलों की तरह भागते हैं, मौत के बाद उसका कोई मोल नहीं रह जाता। केल्सी कहती हैं कि यह बहुत अजीब है कि इंसान अपनी पूरी जिंदगी उन चीजों को इकट्ठा करने में गंवा देता है, जिन्हें वह मरते वक्त अपने साथ ले जा भी नहीं सकता। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। उस पार की दुनिया में सिर्फ हमारा शुद्ध प्यार और हमारे कर्म (कर्मा) ही हमारे साथ जाते हैं।

पर्स में रखी तस्वीर ने बचाई जान

जब केल्सी जिंदगी और मौत के बीच झूल रही थीं, तभी अचानक एक चमचमाती बेहद तेज रोशनी उनके पूरे वजूद के आर-पार निकल गई। केल्सी का मानना है कि इस भयानक हादसे से ठीक पहले वह अपने पर्स से निकालकर पति रॉब की कुछ पुरानी तस्वीरें देख रही थीं। मुसीबत के उस नाजुक वक्त में उनके पर्स में रखी पति की वही तस्वीर उनके लिए ‘गार्जियन एंजेल’ यानी रक्षक फरिश्ता बन गई, जिसने उन्हें वापस धरती पर लौटने की ताकत दी। पूरे साढ़े तीन मिनट के बाद केल्सी के फेफड़ों में दोबारा हवा भरी और उनकी सांसें लौट आईं। डॉक्टरों ने भी इसे किसी बड़े चमत्कार से कम नहीं माना, क्योंकि आमतौर पर चार मिनट तक ऑक्सीजन न मिलने पर इंसानी दिमाग हमेशा के लिए डेड (Brain Dead) हो जाता है।

मन से हमेशा के लिए खत्म हो गया मौत का डर

आज केल्सी पूरी तरह स्वस्थ हैं और अपनी सामान्य जिंदगी जी रही हैं। हालांकि, उस डरावने पल को याद करके वह आज भी सहम जाती हैं और अब जब भी कुछ खाती हैं, तो भोजन को बेहद छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर खाती हैं। लेकिन इस घटना ने उनके मन से मौत का खौफ हमेशा के लिए मिटा दिया है। उन्हें अब शत-प्रतिशत यकीन हो चुका है कि कर्मा का सिद्धांत बिल्कुल सच है। केल्सी अब अपनी जिंदगी के हर एक फल को खुलकर जीती हैं, लोगों की गलतियों को तुरंत माफ कर देती हैं और हर किसी के प्रति अपने दिल में दया और करुणा का भाव रखती हैं।

Dailyhunt
Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Gazab Viral