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अभी भी चला रहे हैं AC? क्या ज्यादा एसी में बैठने से सचमुच बढ़ जाता है वजन? एक्सपर्ट्स ने किया हैरान करने वाला खुलासा

अभी भी चला रहे हैं AC? क्या ज्यादा एसी में बैठने से सचमुच बढ़ जाता है वजन? एक्सपर्ट्स ने किया हैरान करने वाला खुलासा

Girls Globe 2 months ago

गर्मियों के इन दिनों में चिलचिलाती धूप और उमस से राहत पाने के लिए हम में से ज्यादातर लोग पूरा दिन एयर कंडीशनर (AC) यानी एसी की ठंडी हवा में बैठना पसंद करते हैं। घर से लेकर ऑफिस और गाड़ी तक, हम हर जगह खुद को एसी के तापमान में ढाल चुके हैं।

लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह आरामदायक ठंडक आपकी सेहत पर कितना भारी पड़ सकती है? हाल ही में स्वास्थ्य विशेषज्ञों और फिटनेस एक्सपर्ट्स ने एसी में ज्यादा समय बिताने को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है। लोगों के मन में अक्सर यह सवाल रहता है कि क्या ज्यादा एसी में बैठने से वजन तेजी से बढ़ने लगता है? आइए जानते हैं कि इस बात में कितनी सच्चाई है और एसी हमारी बॉडी को अंदर से कैसे प्रभावित करता है।

तापमान और शरीर की कैलोरी बर्निंग प्रक्रिया

एक्सपर्ट्स के अनुसार, हमारा शरीर प्राकृतिक रूप से तापमान को नियंत्रित करने के लिए खुद मेहनत करता है। जब हम प्राकृतिक वातावरण में रहते हैं, तो शरीर को खुद को ठंडा या गर्म रखने के लिए कैलोरी खर्च (Calorie Burn) करनी पड़ती है। इसके विपरीत, जब हम पूरा दिन एसी के कृत्रिम और ठंडे तापमान में बैठे रहते हैं, तो शरीर का मेटाबॉलिज्म सुस्त पड़ जाता है। कम शारीरिक मेहनत और लगातार एक जैसी ठंडक में रहने के कारण शरीर की ऊर्जा की खपत कम हो जाती है, जिससे धीरे-धीरे फैट जमने लगता है और वजन बढ़ने की समस्या पैदा हो जाती है।

ब्राउन फैट और ठंड के प्रभाव का सच

हमारे शरीर में दो तरह के फैट होते हैं- व्हाइट फैट और ब्राउन फैट। ब्राउन फैट को ‘गुड फैट’ माना जाता है जो कैलोरी को बर्न करके शरीर को गर्म रखने में मदद करता है। कुछ वैज्ञानिकों का मानना था कि हल्की ठंड में रहने से ब्राउन फैट एक्टिव होता है, लेकिन बहुत ज्यादा और लंबे समय तक एसी की तेज ठंड में रहने से शरीर सुस्त हो जाता है। सुस्ती और शारीरिक गतिविधियों (Physical Activity) की कमी के कारण मेटाबॉलिक रेट गिर जाता है, जिससे वजन नियंत्रण से बाहर होने लगता है।

पसीना न आना और टॉक्सिंस का शरीर में जमा होना

गर्मी के दिनों में पसीना आना शरीर की प्राकृतिक डिटॉक्स प्रक्रिया का एक अहम हिस्सा है, जिसके जरिए शरीर के हानिकारक टॉक्सिंस बाहर निकलते हैं। एसी की ठंडी हवा में रहने के कारण हमें पसीना आना बिल्कुल बंद हो जाता है। पसीना न निकलने की वजह से शरीर के अंदर विषैले तत्व और अतिरिक्त पानी जमा होने लगते हैं, जिससे शरीर सूजा हुआ या भारी महसूस होने लगता है। यह स्थिति भी अप्रत्यक्ष रूप से वजन बढ़ने और सुस्ती का कारण बनती है।

एसी में बैठने से शरीर पर पड़ने वाले अन्य साइड इफेक्ट्स

  • मांसपेशियों और जोड़ों में जकड़न: एसी का अत्यधिक कम तापमान मांसपेशियों को सिकोड़ देता है, जिससे सुबह उठने पर जोड़ों में दर्द और अकड़न की समस्या होने लगती है।

  • त्वचा का रूखापन: एसी की हवा हवा की नमी को पूरी तरह सोख लेती है, जिससे त्वचा और बाल बेजान व रूखे हो जाते हैं।

  • इम्यूनिटी का कमजोर होना: लगातार कृत्रिम तापमान में रहने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, जिससे हम बहुत जल्दी मौसमी बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं।

एक्सपर्ट्स की सलाह: ऐसे रखें अपना संतुलन

यदि आपका काम भी ऐसा है कि आपको पूरा दिन एसी में ही रहना पड़ता है, तो सेहत को सुरक्षित रखने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। एसी का तापमान हमेशा 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच ही सेट करें। बीच-बीच में कुछ देर के लिए सामान्य तापमान वाले कमरे में जाएं और हल्की स्ट्रेचिंग या वॉक करें। इसके अलावा, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं ताकि शरीर अंदर से हाइड्रेटेड रहे और मेटाबॉलिज्म सक्रिय बना रहे।

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Disclaimer: This content has not been generated, created or edited by Dailyhunt. Publisher: Girls Globe Hindi